नो एफ आई आर नो एस आई आर को लेकर लेखपालों ने फूंका बिगुल एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
बांदा।पैलानी तहसील में लेखपाल संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार तिवारी व मंत्री सुजीत कुमार की अगुवाई में दर्जनों लेखपालों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का ज्ञापन उप जिला अधिकारी अंकित वर्मा को ज्ञापन देकर बताया कि तहसील व जनपदों में अधिकारियों के बदलते व्यवहार एवं संवेदनहीनता व संवादहीनता के परिणाम स्वरूप फतेहपुर जनपद में सुधीर कुमार लेखपाल जो वर्तमान में बिंदकी तहसील में तैनात थे। ज्ञापन में बताया गया कि एस आई आर पर ड्यूटी के नाम पर छुट्टी नहीं मिली शादी के कारण दिनांक 22 नवंबर 2025 को सुधीर लेखपाल एस आई आर की बैठक में उपस्थित न होने के कारण ई आर ओ संजय कुमार सक्सेना द्वारा निलंबित करवा दिया गया 25 नवंबर 2025 की सुबह 6:30 बजे डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार सक्सेना एवं तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक शिवराम लेखपाल सुधीर कुमार के घर पहुंचे और कहा कि एसडीएम ने कहा है कि एस आई आर फिर एवं अन्य कार्य पूरा कर दें अथवा पैसे देकर किसी अन्य से करवा दे नहीं तो अभी तो निलंबन हुआ है फिर सेवा समाप्त कर दी जाएगी वहीं लेखपाल सुधीर को बर्खास्त की धमकी सुनने के बाद डिप्रेशन में आकर आत्महत्या कर लिया वहीं दिवंगत लेखपाल के बहन द्वारा एसडीम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन एसडीएम व अन्य आरोपितों के विरुद्ध कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई तभी परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया तथा 26 नवंबर 2025 को शव उठाने के लिए प्रशासन द्वारा षडयंत्र पूर्वक परिजनों की तहरीर बदलाकर एफ आई आर दर्ज कर दी मुख्य आरोपी संजय कुमार सक्सेना का नाम शामिल न करके केवल राजस्व निरीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी गई ऐसे में लेखपाल बीपी ,शुगर, हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं अगर उत्पीड़न नहीं रोका गया तो लेखपाल संघ मोर्चा खोलेंगा दिवंगत की माता को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा मुख्य आरोपी संजय कुमार सक्सेना का एफ आई आर में नाम शामिल किया जाना एस आई आर की अंतिम तिथि बढ़ाया जाना अति आवश्यक है वरना प्रांतीय लेखपाल संघ के आवाहन पर नो एफ आई आर पर नो एस आई का बिगुल लेखपाल संघ फूंकेगा इस दौरान उपाध्यक्ष कनिष्ठ मुकेश कुमार, उपाध्यक्ष बलदेव यादव ,कोषाध्यक्ष अशोक कुमार, ऑडिटर धर्मवीर यादव के अलावा आदेश कुमार मिश्रा, नीरज कुमार ,हरि ओम, राकेश अग्निहोत्री एवं मुरलीधर मनोहर आदि दर्जनों लेखपाल मौजूद रहे।
