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आगरा धर्मांतरण गैंग का हुआ खुलासा- “मकसद 2050 तक पूरे भारत में इस्लाम फैलाना”

Agra Conversion Case : यूपी में कुछ समय पहले हिंदू लड़कियों को बरगला के जबरन धर्म परिवर्तन का मामला लखनऊ से सामने आया था, ऐसा ही एक और मामला आगरा से भी उजागर हुआ जिसमें धर्मांतरण कराने वाले बड़े गैंग का खुलासा हुआ है इन आरोपियों का मकसद 2050 तक पूरे भारत में इस्लाम फैलाना था, जिसका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान से जुड़ा हुआ हैं।

आगरा धर्मान्तरण गैंग का हुआ खुलासा- "मकसद 2050 तक पूरे भारत में इस्लाम फैलाना"

हिन्दू लड़कियों का करते थे ब्रेन वाश

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आपको बताते चले कि आगरा में धर्मांतरण करने वाले गैंग का खुलासा हुआ इस गैंग को पाकिस्तान के दो इन्फ्लूएंसर ने खड़ा किया हैं। जिसका मकसद 2050 तक पूरे भारत में इस्लाम फैलाना था जिसके लिए यह गैंग हिन्दू लड़कियों को निशाना बनाते थे, वहीं आगरा पुलिस की जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे लोग लड़कियों से संपर्क में थे।

धर्मांतरण के लिए लाई गईं लकड़ियों की बात कश्मीर और पाकिस्तान के लोगों से कराई जाती थी। इसके साथ ही पाकिस्तान में बैठा हैंडलर कश्मीर की लड़कियों के साथ दोस्ती करवाता था। धर्मान्तरण कराने वाले गैंग में हिन्दू धर्म के प्रति जहरीली बातें बोली जाती थीं। हिन्दू लड़कियों का ब्रेन वाश किया जाता था। फिलहाल आगरा पुलिस ने अभी तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया हैं।

इस तरीके से बनाते थे शिकार

बताते चले कि यह धर्मांतरण के लिए लाई गई हिंदू लड़कियों को पकिस्तान से चलने वाले ग्रुप में ऐड करता हैं। वहीं आगरा धर्मांतरण का ग्रुप का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान और आयशा क्राउड फंडिंग करते थे। जिसके लिए क्रिप्टो के साथ डॉलर में भी पैसों का लेनदेन किया जाता था। वहीं गिरफ्तार आरोपियों में से 3 डार्क वेब की जानकारी रखते हैं। डार्क वेब में जरिए लोगों से बात की जाती थी। प्रतिबंधित एप सिग्नल के जरिए सभी आपस में जुड़े थे। हिंदू लड़कियों और लड़कों से जुड़ने के लिए ऑनलाइन गेम का सहारा लिया जाता था। ये सभी लूडो जैसी गेम खेलकर लड़कियों और लड़कों से जुड़ते थे।

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अब्दुल रहमान और आयशा चलाते ग्रुप

मामले की जांच को लेकर पुलिस ने बताया कि यह एक संगठित ग्रुप है, जो अब्दुल रहमान निवासी दिल्ली और आयशा निवासी गोवा के नेतृत्व में कार्य कर रहा था। अब्दुल रहमान फिरोजाबाद का रहने वाला व्यक्ति था जिसने 1990 में अपना धर्म परिवर्तन किया था। यह एटीएस द्वारा जेल भेजे गये कलीम सिद्दीकी का सबसे करीबी सहयोगी था। जितने भी अभियुक्त पकड़े गये है उनमें से लगभग सभी के सम्बन्ध आयशा और अब्दुल रहमान से थे।

इन्होंने उत्तराखण्ड के देहरादून, उत्तर प्रदेश के बरेली, अलीगढ़, रायबरेली, हरियाणा के झज्जर व रोहतक की लड़कियां जिनको धर्म परिवर्तन के लिए बहकाया गया है उन सभी से इस सम्बन्ध में बातचीत की गयी थी और इन सभी लड़कियों को इस जंजाल से आगरा पुलिस द्वारा निकाला गया है।

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इसके साथ ही आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि आगरा अवैध धर्मांतरण मामले में अभी तक पुलिस 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस ग्रुप से 14 से 15 साल के लड़के-लड़कियों को जोड़ा जाता था, सभी लड़कियों के संबंध आयशा और अब्दुल रहमान से थे। परिवार के लोगों को नहीं पता था कि लड़कियों ने धर्म बदल लिया है, धर्मपरिवर्तन करने वाले अधिकांश लोगों के कनेक्शन कश्मीर और पाकिस्तान से निकले। इसके साथ ही आयशा और अब्दुल रहमान हमेशा पाकिस्तान के लोगों के संपर्क में रहते थे। कश्मीर की लड़कियों का ग्रुप एक्टिव होकर काम करता था। कश्मीर बुलाने का किराया, रहना, खाना सब कश्मीरी लड़कियों की ओर से दिया जाता था।

14 आरोपी गिरफ्तार

आगरा धर्मांतरण मामले में पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें आयशा उर्फ एस.बी. कृष्णा – गोवा, शेखर रॉय उर्फ अली हसन निवासी कोलकाता, ओसामा निवासी कोलकाता, रहमान कुरैशी – आगरा, अब्बू तालीब – खालापार, मुजफ्फरनगर, अबुर रहमान – देहरादून, रित बानिक उर्फ इब्राहिम – कोलकाता, जुनैद कुरैशी – जयपुर, मुस्तफा (मनोज)–दिल्ली, मोहम्मद अली – जयपुर, अब्दुल रहमान निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली, जुनैद कुरैशी निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली, अब्दुल्ला निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली, अब्दुल रहीम निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली शामिल हैं। इनमें से 11 अभियुक्त 10 दिन की पुलिस रिमांड पर लिए गए थे।

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