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अमेरिका की ट्रैवल एडवाइजरी, भारत में महिलाएं न करें अकेले यात्रा, भारत ने दी चेतावनी

US travel advisory India: भारत के सौंदर्य और अद्भुत धार्मिक स्थल का भव्य दर्शन करने के लिए भारत के साथ विदेश से भी लोग भारत में आते है और भारत के खाने-पीने, घूमने, या जीवन जीने का मजा लेने के लिए आते हैं और भारत से काफी प्रभावित भी होते है, ऐसे में अब अमेरिका ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों और कामकाजी लोगों के लिए लेवल-2 ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है जिसमें कहा गया कि भारत में अपराध, आतंकवाद और विशेषकर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए “अधिक सतर्कता” की जरूरत है।

अमेरिका की ट्रैवल एडवाइजरी, भारत में महिलाएं न करें अकेले यात्रा, भारत ने दी चेतावनी

अमेरिका की लेवल-2 ट्रैवल एडवाइजरी

आपको बताते चले कि अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों और कामकाजी लोगों के लिए लेवल-2 ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी 16 जून 2025 को अपडेट की गई, जिसमें कहा गया कि भारत में अपराध, बलात्कार, हिंसा और आतंकवाद और विशेषकर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए “अधिक सतर्कता” बरतने की जरूरत है। इसके साथ ही महिलाओं को अकेले यात्रा न करने की सलाह दी गई है, खासकर पर्यटन स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने को मना किया हैं।

बताते चले कि एडवाइजरी में यह भी चेताया गया है कि अमेरिकी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अपने नागरिकों को आपात सेवाएं देने में सक्षम नहीं है, इससे वहां की स्थिति को लेकर और भी चिंता जताई गई है।

यात्रा परामर्श जारी

अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत के लिए लेवल-2 यात्रा परामर्श जारी किया है। इसमें कहा गया है कि बलात्कार भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाले अपराधों में से एक है। पर्यटक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर यौन उत्पीड़न के मामले अक्सर होते हैं। वहीं आतंकवादी भी पर्यटक स्थलों, परिवहन केंद्रों, बाजारों/शॉपिंग मॉल, सरकारी सुविधाओं को निशाना बनाते हैं।

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इतना ही नहीं यात्रा परामर्श में भारत के कई राज्यों का नाम भी लिया है एडवाइजरी में कहा गया है कि वे पर्यटन स्थलों, मॉल्स, सरकारी इमारतों और ट्रांसपोर्ट हब्स से दूर रहें क्योंकि वहां आतंकवादी हमलों का खतरा बना रहता है। एडवाइजरी में भारत-पाकिस्तान LoC (नियंत्रण रेखा) के पास और कश्मीर के श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम जैसे इलाकों को भी हिंसा के लिहाज से संवेदनशील बताया गया है।

इसके अलावा अमेरिका ने नक्सली खतरे की ओर भी इशारा किया और बताया कि बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मेघालय, पूर्वी महाराष्ट्र और उत्तरी तेलंगाना, पश्चिम बंगाल का जिक्र किया गया है। भारत में काम करने वाले अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को भी इन राज्यों की यात्रा के लिए विशेष अनुमति प्राप्त करनी होगी।

UNAccc ने अमेरिका यात्रा सलाह पर जताया विरोध

बताते चले कि अमेरिकी विदेश विभाग की जारी यात्रा परामर्श का UNAccc ने भारत के लिए अमेरिकी यात्रा सलाह का विरोध किया: बलात्कार, हिंसा और आतंकवाद के दावों ने विवाद को जन्म दिया।

अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों और कामगारों को लेवल 2 की सलाह जारी की है, जिसमें बलात्कार, हिंसा और आतंकवाद की घटनाओं में वृद्धि के कारण उनसे “अधिक सावधानी बरतने” का आग्रह किया गया है। सलाह में विशेष रूप से महिलाओं से अकेले यात्रा न करने के लिए कहा गया है, खासकर पर्यटक स्थलों पर।

मुख्य बिंदु

यात्रा प्रतिबंध: आतंकवाद और अशांति के कारण जम्मू और कश्मीर में यात्रा प्रतिबंधित है।

कमजोर स्थान: पर्यटक स्थल, परिवहन केंद्र, बाजार/शॉपिंग मॉल और सरकारी सुविधाएं आतंकवादी हमलों के लिए संवेदनशील मानी जाती हैं।

अमेरिकी नागरिकों को सलाह: अमेरिकी नागरिकों को इन स्थानों की यात्रा करने से बचने और अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

UNAccc की प्रतिक्रिया

यूनिटी ऑफ नेशंस एक्शन फॉर क्लाइमेट चेंज काउंसिल (UNAccc) ने इस परामर्श का कड़ा विरोध किया है, जिसमें कहा गया है कि यह भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का उल्लंघन करता है और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है। UNAccc के वैश्विक अध्यक्ष डॉ. रजत शर्मा ने परामर्श को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

अमेरिका में बलात्कार मामला भारत से अधिक

यूनिसेफ की रिपोर्ट अमेरिकी परामर्श का खंडन करती है। वहीं यूनिसेफ की एक हालिया रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि भारत में अन्य देशों की तुलना में महिलाओं से जुड़े बलात्कार के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में बलात्कार के मामलों का प्रतिशत भारत की तुलना में बहुत अधिक है।

डॉ. शर्मा ने दी चेतावनी

अमेरिकी परामर्श ने विवाद को जन्म दिया है, कई लोग इसके पीछे के तर्क पर सवाल उठा रहे हैं। डॉ. शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि परामर्श वापस नहीं लिया गया, तो वे अपना अमेरिकी वीजा वापस कर देंगे और अपने संगठन को अमेरिका का बहिष्कार करने की सलाह देंगे।

बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा पर यूनिसेफ की रिपोर्ट

यूनिसेफ की एक हालिया रिपोर्ट में बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा की भयावह व्यापकता का खुलासा किया गया है, आज 370 मिलियन से अधिक लड़कियाँ और महिलाएँ 18 वर्ष की आयु से पहले बलात्कार या यौन उत्पीड़न का सामना कर रही हैं। रिपोर्ट में हिंसा और दुर्व्यवहार के सभी रूपों को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए व्यापक रोकथाम और समर्थन रणनीतियों की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।

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