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अमेरिका ने भारत को दूसरा GE-404 इंजन सौंपा, जल्द भारत पहुंचेंगे 12 इंजन

India US GE-404 engine: भारतीय वायुसेना ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, अमेरिका ने भारत को दूसरा GE-404 इंजन सौंपा। बतादें कि दूसरा GE-404 इंजन को तेजस LCA मार्क-1A में लगाया जाएगा। आपको बतादें कि दिसंबर तक 12 इंजन भारत पहुंचेंगे।

अमेरिका ने भारत को सौंपा दूसरा GE-404 इंजन

अमेरिका ने भारत को दूसरा GE-404 इंजन सौंपा, जल्द भारत पहुंचेंगे 12 इंजन

आपको बताते चले कि भारत को अमेरिका की तरफ से एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमान कार्यक्रम के लिए अमेरिका से सेकेंड जीई-404 इंजन मिल गया है। भारतीय वायुसेना ने तेजस के 83 विमान ऑर्डर किए हैं जो कि 2028 तक डिलीवर किए जाने हैं। वहीं अमेरिका ने सोमवार को भारत को दूसरा GE-404 इंजन सौंपा है। यह इंजन तेजस लड़ाकू विमान (LCA मार्क 1A) में लगाया जाएगा। ऐसे में दिसंबर तक 12 इंजन भारत पहुंचेंगे।

मिली जानकारी की मानें तो भारत को अमेरिका की ओर बड़ी खुशखबरी मिली है, जेट इंजन बनाने वाली कंपनी GE ने भारत को अपना दूसरा इंजन GE-4 सौंप दिया है। जिसका इस्तेमाल हल्के लड़ाकू विमानों में किया जाएगा। जरूरी बात यह है कि इस फाइनेंशियल ईयर में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को इस तरह के कुल 12 इंजन मिलने की उम्मीद है।

भारत ने जनरल इलेक्ट्रिक से किया था समझौता

एक रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा सचिव राजेश सिंह ने बताया कि भारत के तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमानों के लिए GE (जनरल इलेक्ट्रिक) F404-IN20 इंजनाों की सप्लाई फिर से शुरू हो गई है। GE मार्च 2026 से हर महीने दो इंजन भेज सकता है, भारत ने जनरल इलेक्ट्रिक से 761 मिलियन डॉलर का समझौता किया था। इसके तहत लड़ाकू विमानों के लिए इंजन खरीदे जाने हैं।

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भारतीय वायुसेना ने 83 LCA मार्क-1 ए लड़ाकू विमानों के ऑर्डर दिए हैं, रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद 97 और ऐसे विमान खरीदने का प्रस्ताव भी आखिरी चरण में है। इससे भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ने वाली है। जिसके बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए यह टेंशन वाली खबर है।

भारतीय वायुसेना के पास हैं कई लड़ाकू विमान

भारतीय वायुसेना के पास कई फाइटर एयरक्राफ्ट हैं, जो कि किसी भी तरह के अटैक के लिए तैयार किए गए हैं। हर एयरक्राफ्ट की अलग क्षमता है। इस लिस्ट में सुखोई Su-30 MKI, राफेल, तेजस, मिग-29, मिराज 2000, जगुआर और मिग-21 शामिल हैं।

अमेरिका से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) MK-1A कार्यक्रम के लिए दूसरा GE-404 इंजन मिला है, रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 12 और GE-404 इंजन भारत को मिलने की उम्मीद है। बता दें कि यह कदम भारत के स्वदेशी लड़ाकू जेट कार्यक्रम को और मजबूत करेगा।

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इस साल के आखिर तक सारे इंजन भारत आ जाएंगे: IAF

रक्षा अधिकारियों की मानें तो भारतीय वायुसेना ने 83 LCA MK-1A लड़ाकू जेट के लिए HAL को 99 GE F404-IN20 इंजनों की आपूर्ति का ऑर्डर दिया था। इस ऑर्डर के तहत पहला इंजन पहले ही प्राप्त हो चुका है और अब दूसरा इंजन भी भारत पहुंच गया है, बाकी इंजनों की डिलीवरी चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। यह उपलब्धि न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत को बढ़ाएगी, बल्कि भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी। HAL और भारतीय वायु सेना के इस सहयोग से देश की रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा।

क्या हैं GE-404 इंजन की खासियतें?

यह GE-404 इंजन विशेष रूप से GE-404-IN20, भारतीय LCA तेजस Mk1A लड़ाकू विमान के लिए एक शक्तिशाली और विश्वसनीय इंजन है. इसकी मुख्य विशेषताओं में हाई थ्रस्ट, एडवांस कूलिंग सिस्टम, और FADEC (पूर्ण प्राधिकरण डिजिटल इंजन नियंत्रण) शामिल हैं। बता दें कि GE-404-IN20 इंजन आफ्टरबर्नर के साथ लगभग 84 kN का थ्रस्ट पैदा करता है, जो तेजस Mk1A को मैक 1.6 तक की गति प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।

इस की इंजन में बेहतर कूलिंग सिस्टम है जो हाई थ्रस्ट और प्रदर्शन को बनाए रखने में मदद करती है, इसकी सिंगल-क्रिस्टल टर्बाइन ब्लेड इंजन की दक्षता और स्थायित्व को बढ़ाते हैं। इस इंजन के प्लेन ब्लेड वायु प्रवाह को बढ़ाते हैं, जिससे इसे अधिक शक्ति और प्रदर्शन मिलता है।

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