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ब्रह्म मुहूर्त का रहस्य : जो सोवत है वो खोवत है, जो जागत हैं वो पावत हैं

ब्रह्म मुहूर्त का रहस्य : जो सोवत है वो खोवत है, जो जागत हैं वो पावत हैं

Lifestyle: हम सबने सुना है कि सुबह जल्दी उठना चाहिए, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे का विज्ञान और आध्यात्मिक रहस्य क्या है? हमारे पूर्वजों ने ब्रह्म मुहूर्त के महत्व को हजारों साल पहले ही समझ लिया था। आइए जानते हैं कि क्यों यह समय इतना खास है और कैसे आप इसका अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।

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ब्रह्म मुहूर्त का रहस्य : जो सोवत है वो खोवत है, जो जागत हैं वो पावत हैं
ब्रह्म मुहूर्त का रहस्य : जो सोवत है वो खोवत है, जो जागत हैं वो पावत हैं

ब्रह्म मुहूर्त क्या है?

ब्रह्म युक्ति – यानी ब्रह्म मुहूर्त। यह रात का आखिरी प्रहर होता है, जो सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले शुरू होता है। भारत में यह समय लगभग सुबह 4:00 से 5:30 के बीच होता है।

शास्त्र कहते हैं – ब्रह्मयुक्ति आठों प्रहरों का राजा है यानी दिन के 24 घंटों में यह सबसे श्रेष्ठ समय है। इस समय प्रकृति में एक विशेष ऊर्जा का संचार होता है, जो साधक के लिए अमृत के समान है। शास्त्रों के अनुसार, इस समय प्रकृति अमृत बरसाती है। इस समय चलने वाली वायु को हमारे पूर्वजों ने प्रकृति की दी हुई निःशुल्क औषधि कहा है।

इसीलिए कहा जाता है –”सौ दवा, भोर की एक हवा!”

ब्रह्म मुहूर्त में क्या होता है?

इस समय वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा सबसे अधिक होती है और प्रदूषण सबसे कम। यही कारण है कि इस समय ली गई गहरी साँस आपके फेफड़ों को साफ करती है, रक्त संचार को बेहतर बनाती है, और पूरे शरीर को ऑक्सीजन से भर देती है।

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लेकिन इससे भी गहरी बात है – यह समय परमात्मा से बातचीत करने का समय है। इस समय परमात्मा का नाम-स्मरण करने, भगवद् प्राप्ति के लिए प्रयास करने पर मनुष्य की बुद्धि स्वर (तीव्र) हो जाती है, हृदय शांत हो जाता है, और शरीर दीर्घायु होता है।

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ब्रह्म मुहूर्त के लाभ – शास्त्रों और विज्ञान की नजर से

हमारे ऋषियों ने सिद्ध किया है कि आरोग्य, दीर्घ-जीवन, सौंदर्य, धन, विद्या, बल, तेज, प्रार्थना, ध्यान, आराधना और अध्ययन के लिए ब्रह्म मुहूर्त अत्यधिक फलदायी होता है।

आधुनिक विज्ञान भी इसकी पुष्टि करता है

मेलाटोनिन हार्मोन – रात 2 से 4 बजे के बीच यह हार्मोन अपने चरम पर होता है, जो गहरी नींद और शरीर की मरम्मत का काम करता है। सुबह 4 बजे के बाद यह धीरे-धीरे कम होने लगता है – यही वह समय है जब शरीर जागने के लिए तैयार हो जाता है।

ब्रह्म मुहूर्त का रहस्य : जो सोवत है वो खोवत है, जो जागत हैं वो पावत हैं

कोर्टिसोल हार्मोन – सुबह 4-5 बजे के बीच यह हार्मोन बढ़ना शुरू होता है, जो हमें दिनभर के लिए ऊर्जा और सतर्कता प्रदान करता है। यदि आप इस समय जाग जाते हैं, तो आपका शरीर प्रकृति के इस चक्र के साथ सिंक हो जाता है। मस्तिष्क की तरंगें इस समय मस्तिष्क में अल्फा और थीटा तरंगें अधिक सक्रिय होती हैं, जो ध्यान, सीखने और सृजनात्मकता के लिए सर्वोत्तम मानी जाती हैं।

ब्रह्म मुहूर्त में क्या करें?

ब्रह्म मुहूर्त का रहस्य : जो सोवत है वो खोवत है, जो जागत हैं वो पावत हैं

यह समय क्यों खोना नहीं चाहिए?

हमारे पूर्वज कहते थे – हर रात के पिछले प्रहर में, एक-एक करके मनुष्य की संपत्ति लूटती रहती है। “जो सोवत हैं सो खोवत हैं, जो जागत हैं सो पावत हैं।” यहाँ ‘संपत्ति’ का अर्थ केवल धन नहीं है। यहाँ संपत्ति का अर्थ है – स्वास्थ्य, बुद्धि, आयु, ऊर्जा, और आध्यात्मिक उन्नति के अवसर। जो इस समय सोता है, वह यह सब खो देता है। जो इस समय जागता है, वह यह सब प्राप्त करता है।

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