दिल्ली: वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद ने गुरुवार को हुई बैठक में अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई सुधारों की घोषणा की हालांकि करों की दरों पर कोई चर्चा नहीं हुई।
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जीएसटी परिषद की बैठक
बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पिछले साल दरों में किए गए बदलावों के बाद इस बैठक में सुधारों पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि दरों की समीक्षा के लिए अब साल में एक बार अलग से एक बैठक होगी। आपूर्ति श्रृंखला में किसी एक की गलती के लिए अभी इसमें शामिल सभी लोगों का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रिटर्न रोक दिया जाता है। परिषद ने तय किया है कि एक की गलती के लिए सबको सजा देने की बजाय सिर्फ उसके ठीक बाद वाले का रिटर्न रोकने और बाकी सभी को रिटर्न देने की संभावना पर विचार के लिए अधिकारियों की एक समिति का गठन किया जाएगा जो तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।
I welcome the new round of GST reforms approved by the GST Council. The Council’s recommendations on removal of arrest provisions, greater decriminalisation and simpler procedures will have a very positive impact. The focus is clear: Faster decisions. Lower compliance costs. Automated refunds. Trust-based administration. These are in line with our constant efforts to make GST more efficient, transparent and citizen-friendly.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 8, 2026
समिति की सिफारिशों का अध्ययन करने के बाद उसे जीएसटी परिषद में रखा जाएगा और उसके फैसले को अगले साल 01 अप्रैल से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब GST के तहत गिरफ्तारी का अधिकार समाप्त कर दिया गया है। कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए न्यूनतम सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी गई है। साथ ही न्यूनतम सजा का प्रावधान भी समाप्त कर दिया गया है। देरी से रिटर्न फाइल करने के लिए मूल कर राशि की वसूली, ब्याज और जुर्माने से ज्यादा कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
कई सुधार पर बनी सहमति
GST परिषद की बैठक से इतर केंद्र सरकार के एक महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अलग-अलग राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रीय जीएसटी (CGST) अधिकार क्षेत्र के दायरे में आने के कारण कई करदाताओं को अभी अलग-अलग रिटर्न भरने होते हैं। CGST के तहत 69.5 लाख करदाताओं में से दो लाख इस श्रेणी में हैं। उनके लिए एकीकृत विंडो बनाने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। यह अगले वित्त वर्ष से लागू होगा।
Recommendations of the 57th Meeting of the GST Council ➤ GST Council recommends removal of arrest provisions under #GST ➤ GST Council recommends raising prosecution threshold from ₹1 crore to ₹5 crore ➤ GST Council recommends reduction in general penalty from ₹25,000 to ₹10,000 ➤ GST Council recommends wider eligibility for input tax credit and refunds ➤ GST Council recommends further simplification of registration and compliance processes Read here for more details: https://t.co/QdK8CZu4tz #57thGSTCouncil #GSTCouncil @FinMinIndia @cbic_india (1/2)
— PIB India (@PIB_India) October 8, 2026
उन्होंने कहा कि रिफंड क्लेम के एक्नोलेजमेंट में लगने वाले समय को 15 दिन से घटाकर अब 10 दिन कर दिया गया है। पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए लगने वाले दस्तावेजों के बारे में निश्चितता रहेगी। प्रणाली के जरिये ही इकाइयों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे और मदद की जाएगी। छोटे आपूर्ति कर्ताओं के लिए ई-कॉमर्स के जरिये आपूर्ति करने के लिए पंजीकरण सरल किया जाएगा। करदाता पंजीकरण के समय दिए गए विवरण में स्वयं संशोधन कर सकेंगे और पंजीकरण रद्द कराने का आवेदन स्वतः स्वीकार माना जाएगा।
GST काउंसिल की बैठक में फैसले
GST व्यवस्था को ‘कम नोटिस, कम दंड, कम हस्तक्षेप और ज्यादा कारोबार’ वाली व्यवस्था बनाने की तैयारी। 57वीं GST Council की बैठक में GST नोटिस और कार्यवाही के लिए समान मानक तय करने की सिफारिश की गई है। 10,000 रुपये से कम राशि के मामलों में नया नोटिस जारी नहीं होगा और इस सीमा से नीचे के लंबित नोटिस भी वापस ले लिए जाएंगे।
GST व्यवस्था को ‘कम नोटिस, कम दंड, कम हस्तक्षेप और ज्यादा कारोबार’ वाली व्यवस्था बनाने की तैयारी. 57वीं GST Council की बैठक में GST नोटिस और कार्यवाही के लिए समान मानक तय करने की सिफारिश की गई है. 10,000 रुपये से कम राशि के मामलों में नया नोटिस जारी नहीं होगा और इस सीमा से नीचे के लंबित नोटिस भी वापस ले लिए जाएंगे. माल का निरीक्षण, हिरासत या जब्ती केवल सप्लायर राज्य या गंतव्य राज्य के अधिकारी द्वारा किए जाने का सुझाव है. माल को केवल विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर और कम से कम संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की अनुमति से रोका जा सकेगा. इससे मनमानी जांच पर रोक लगेगी और माल की आवाजाही आसान होगी. परिषद ने GST के तहत गिरफ्तारी की शक्तियां समाप्त करने, अभियोजन सीमा 1 से बढ़ाकर 5 करोड़ करने और सामान्य जुर्माना 25,000 से घटाकर 10,000 करने की भी सिफारिश की है. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर छोटे विक्रेताओं के लिए सरल GST पंजीकरण व्यवस्था और सेवाओं के निर्यात से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता से MSME, निर्यातकों और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी. वित्त मंत्री @nsitharaman ने GST काउंसिल की बैठक के बाद इन फैसलों के बारे में बताया. ये GST परिषद की सिफारिशें हैं जिन प्रस्तावों में कानून बदलने की जरूरत होगी, उन्हें केंद्र सरकार GST कानून में संशोधन के रूप में संसद में ला सकती है CBIC और राज्यों द्वारा अधिसूचनाएं (Notifications) जारी की जाएंगी. राज्यों को भी अपने-अपने GST कानूनों में आवश्यक बदलाव करने पड़ सकते हैं. #GSTCouncil #GSTReforms #TaxReforms #NirmalaSitharaman
— SansadTV (@sansad_tv) October 8, 2026
माल का निरीक्षण, हिरासत या जब्ती केवल सप्लायर राज्य या गंतव्य राज्य के अधिकारी द्वारा किए जाने का सुझाव है। माल को केवल विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर और कम से कम संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की अनुमति से रोका जा सकेगा। इससे मनमानी जांच पर रोक लगेगी और माल की आवाजाही आसान होगी। परिषद ने GST के तहत गिरफ्तारी की शक्तियां समाप्त करने, अभियोजन सीमा 1 से बढ़ाकर 5 करोड़ करने और सामान्य जुर्माना 25,000 से घटाकर 10,000 करने की भी सिफारिश की है।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर छोटे विक्रेताओं के लिए सरल GST पंजीकरण व्यवस्था और सेवाओं के निर्यात से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता से MSME, निर्यातकों और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। वित्त मंत्री @nsitharaman ने GST काउंसिल की बैठक के बाद इन फैसलों के बारे में बताया। ये GST परिषद की सिफारिशें हैं, जिन प्रस्तावों में कानून बदलने की जरूरत होगी, उन्हें केंद्र सरकार GST कानून में संशोधन के रूप में संसद में ला सकती है। CBIC और राज्यों द्वारा अधिसूचनाएं (Notifications) जारी की जाएंगी। राज्यों को भी अपने-अपने GST कानूनों में आवश्यक बदलाव करने पड़ सकते हैं।