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National Herald Money Laundering मामले में सोनिया और राहुल पर ED का एक्शन

National Herald Money Laundering Case: नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 751 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कब्जा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है यानी की ED ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से जुड़ी संपत्तियों पर कब्जा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

National Herald Money Laundering

मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर ED का एक्शन

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बतादें कि ED ने दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में संपत्ति रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किए हैं साथ ही संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की है। यह कार्रवाई डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत के बाद हुई है जिसमें सोनिया और राहुल गांधी पर आरोप लगाए गए थे। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग रूल्स, 2013 के नियम 5 के तहत की जा रही है। मिली जानकारी की मानें तो ये संपत्तियां असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की हैं, जिसे यंग इंडियन लिमिटेड (YIL) ने खरीदा था। ED का कहना है कि YIL में सोनिया और राहुल गांधी की बड़ी हिस्सेदारी है। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को खारिज किया है और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।

बताते चले कि 11 अप्रैल 2025 को ED ने दिल्ली, मुंबई और लखनऊ के संपत्ति रजिस्ट्रार को नोटिस भेजे हैं। इसके अलावा, मुंबई के हेराल्ड हाउस में जिंदल साउथ वेस्ट प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को भी नोटिस भेजा गया है, जो उस बिल्डिंग के 7वीं, 8वीं और 9वीं मंजिल पर किराए पर है। अब उन्हें हर महीने का किराया ED को जमा करना होगा। इसके साथ ही ED की जांच में सामने आया कि इस केस में करीब 988 करोड़ रुपये की काली कमाई हुई है। इसी वजह से 20 नवंबर 2023 को AJL की संपत्तियां और शेयर अटैच किए गए थे, जिनकी कीमत करीब ₹751 करोड़ है। यह कार्रवाई अब अधिकृत अदालत की ओर से 10 अप्रैल 2024 को मंजूर हो गई है। ED का आरोप है कि YIL ने AJL को सिर्फ 50 लाख रुपये में खरीद लिया, जबकि इसकी संपत्तियों की कीमत 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस सौदे में वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं।

डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने लगाए सोनिया और राहुल पर आरोप

बताते चले इस पूरे मामले की शुरुआत डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की एक शिकायत से हुई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और उनके साथियों ने सिर्फ 50 लाख रुपये देकर AJL की 2000 करोड़ की संपत्ति हड़प ली। जब इस मामले की जांच की गई तो ED की जांच में सामने आया कि इस केस में करीब 988 करोड़ रुपये की काली कमाई हुई है।

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यह भी सामने आया है कि फर्जी डोनेशन, झूठा किराया और बनावटी विज्ञापनों के जरिए 85 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम भी इधर-उधर की गई। अब ED ने इन संपत्तियों पर कब्जा लेने के लिए नोटिस चिपका दिए हैं और इनका कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी वजह से 20 नवंबर 2023 को AJL की संपत्तियां और शेयर अटैच किए गए थे, जिनकी कीमत करीब 751 करोड़ रुपए है। यह कार्रवाई अब अधिकृत अदालत द्वारा 10 अप्रैल 2024 को मंजूर हो गई है।

यह मामला पहली बार 2014 में तब सुर्खियों में आया, जब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की एक अदालत में शिकायत दर्ज की। स्वामी ने आरोप लगाया कि सोनिया और राहुल गांधी ने AJL की संपत्तियों को गलत तरीके से YIL के नाम कर लिया। ED ने 2021 में जांच शुरू की जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जैसे कि YIL को फर्जी दान के जरिए 18 करोड़ रुपये मिले, 38 करोड़ रुपये एडवांस किराए के रूप में लिए गए और 29 करोड़ रुपये विज्ञापनों के जरिए जुटाए गए।

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