बहराइच: उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुसलमानों की भागीदारी को लेकर विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा निशाना साधा।
श्रावस्ती में प्रस्तावित जनसभा में शामिल होने जाते समय ओवैसी रविवार को बहराइच पहुंचे और एक होटल में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उन्हें संबोधित किया। असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की कोई बड़ी राजनीतिक पार्टी मजबूत हो और उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़े। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अपनी राजनीतिक भागीदारी के लिए खुद आवाज उठानी होगी।
#WATCH लखनऊ: AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "हमने अपनी बात स्पष्ट कह दी है और हमने सभी के सामने बिहार का उदाहरण भी दिया है। जब गठबंधन होगा, तो हम आपको बता देंगे…हम कहते हैं कि हम वोट बैंक नहीं हैं और हमें हमारा हक मिलना चाहिए। हम चाहते हैं कि मुसलमानों की अपनी राजनीतिक पहचान हो…"
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 4, 2026
ओवैसी का सपा पर निशाना
असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा – उनकी राजनीति में मुसलमानों को केवल चुनावी समय में इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि ‘अब्दुल’ सिर्फ दरी बिछाए, नेताओं के समर्थन में नारे लगाए, उन्हें वोट दे और फिर अपने घर चला जाए। उन्होंने कहा कि अब मुसलमानों को केवल वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल होने के बजाय सत्ता और राजनीति में अपनी हिस्सेदारी की मांग करनी होगी।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे हैं तथा मस्जिदों को गिराए जाने और समुदाय के साथ कथित तौर पर अन्याय किए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। एआईएमआईएम को भाजपा की ‘बी टीम’ बताए जाने के आरोपों पर भी ओवैसी ने विपक्षी दलों को घेरा।
उन्होंने सवाल किया कि यदि एआईएमआईएम भाजपा की ‘बी टीम’ है तो वर्ष 2014, 2017, 2022 और 2024 के चुनावों में विपक्षी दलों को हार का सामना क्यों करना पड़ा। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी पर इस तरह के आरोप लगाकर विपक्षी दल अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं।
Read More: राहुल गांधी ने लॉन्च किया ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म
विधानसभा चुनाव से पहले सियासत तेज
उन्होंने एआईएमआईएम को प्रदेश की राजनीति में एक स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया। असदुद्दीन ओवैसी ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर भी अपनी पार्टी की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि एआईएमआईएम एसआईआर के खिलाफ सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट गई थी, हालांकि अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं की।
ओवैसी के बहराइच पहुंचने की सूचना पर बड़ी संख्या में एआईएमआईएम कार्यकर्ता होटल के बाहर और आसपास मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं से मुलाकात एवं संबोधन के बाद ओवैसी श्रावस्ती के लिए रवाना हो गए, जहां भिनगा विधानसभा क्षेत्र के राजापुर रानी में पार्टी की जनसभा प्रस्तावित थी। राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि ओवैसी की जनसभा के जरिए एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश में अपने संगठन और राजनीतिक आधार को कितना विस्तार दे पाती है। खासकर मुस्लिम राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर दिए गए उनके बयान आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश की सियासत में नए राजनीतिक विमर्श को धार देने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं।