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राहुल गांधी पर BJP ने लगाया अराजकता फैलाने का आरोप!

राहुल गांधी पर BJP ने लगाया अराजकता फैलाने का आरोप!

दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक विरोध की आड़ में देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आज गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा – राहुल गांधी ‘राजनीतिक प्रतिरोध’ का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनका मकसद लोकतांत्रिक विरोध करना नहीं, बल्कि अराजकता की आड़ में भारत के लोकतंत्र को तहस-नहस करना है।

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राहुल गांधी पर BJP ने लगाया अराजकता फैलाने का आरोप!
राहुल गांधी पर BJP ने लगाया अराजकता फैलाने का आरोप!

आंदोलन बंगलादेश के आंदोलन से प्रेरित

उन्होंने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा वोहरा के बंगलादेश जैसे आंदोलन संबंधी बयान और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की क्रांति तथा खून-खराबे की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के विरुद्ध साजिश बताया।

उन्होंने कहा- ”राहुल गांधी ने जब अपना अराजक मार्च निकाला था, तब नेहा वोहरा को उसका चेहरा बनाया था। इसका मतलब है कि नेहा वोहरा के विचार भी वही हैं, जो राहुल गांधी के हैं। नेहा वोहरा ने कल एक साक्षात्कार में कहा- यह आंदोलन बंगलादेश के आंदोलन से प्रेरित है। जिस तरह बंगलादेश में हुआ, ठीक वैसा ही वे चाहते हैं कि हिंदुस्तान में भी हो। ये शब्द नेहा वोहरा के हैं, लेकिन विचार राहुल गांधी के हैं। एक तरफ राहुल गांधी नेहा वोहरा को अपने साथ जोड़कर उन्हें अपने आंदोलन का चेहरा बना रहे हैं, तो दूसरी तरफ वही नेहा वोहरा कह रही हैं कि वे भारत में बंगलादेश जैसा अराजक जेन-जी आंदोलन चाहते हैं।”

क्या यहां भीड़तंत्र चलेगा?

राहुल गांधी वह नेता प्रतिपक्ष हैं, जो अराजक, अपरिपक्व, गैर-जिम्मेदार और संविधान से अनपढ़ हैं। संविधान में प्रदर्शन का अधिकार मौलिक अधिकार है, लेकिन संविधान की परिधि से बाहर जाकर, किसी भी जगह पर, चाहे वह सार्वजनिक स्थल हो, सड़क हो या सर्वोच्च न्यायालय का प्रांगण हो, गुंडागर्दी और नारेबाजी का अधिकार संविधान नहीं देता।

प्रदर्शन लीगल और शांतिपूर्ण होना चाहिए, और प्रदर्शन स्थल पर ही होना चाहिए, यह भारत का कानून है। 10-11 तारीख को राहुल गांधी और कांग्रेस ने कहा- वे प्रदर्शन करने सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। यह नेता प्रतिपक्ष की किस तरह की हरकत थी? सर्वोच्च न्यायालय का प्रांगण हो या उच्च न्यायालय का प्रांगण, यहां न्याय होता है, यह न्याय का मंदिर है। क्या यहां भीड़तंत्र चलेगा?

देश में अराजकता फैला रहे हैं राहुल

भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा- इन सभी बातों का एक ही प्रमाण है कि आज यह साबित हो चुका है कि राहुल गांधी अराजकतावादी हैं। आत्मचिंतन करने के बजाय वह अपने पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से अराजकता को बढ़ावा दे रहे हैं, उसका समर्थन कर रहे हैं और उसे अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा, “देश की जनता बार-बार मतपत्र के जरिए उन्हें जवाब दे रही है और ‘अराजकता को ना’ कह रही है और भाजपा का उद्देश्य स्पष्ट है कि ‘अराजकता को ना, लोकतंत्र को हां! राहुल गांधी को ना, परिवारवाद को ना, !” उन्होंने कहा कि आज देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई हो रही है। एक तरफ राहुल गांधी और उनका पारिस्थितिकी तंत्र है, जो भारत में बंगलादेश जैसी स्थिति चाहता है और भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठाना चाहता है। दूसरी तरफ भारत की जनता है।

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