गुरु शिक्षा: गुरु प्रसाद में आज गुरु ज्ञान में आज सीखे केंद्र और त्रिकोण के संबंध से राजयोग…
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जानें राजयोग के बारें में

महर्षि परासर ऋषि ने बताया है कि जब केन्द्राधिपति और त्रिकोण का संबंध आपस में एक दूसरे के साथ होता है तो राजयोग सुख सम्पन्नता मिलेगी। जैसे कि त्रिकोण एक, पांच, नौ, भाव का स्वामी केंद्र में हो और केंद्र एक, चार, सात, दश भाव का स्वामी त्रिकोण में हो तो मनुष्य साधारण परिवार में जन्म लेकर भी राजा के समान जीवन यापन करता है। उसके पास भूमि वाहन संबंधी सुख के साथ लक्जरी जीवन होता है।
NOTE: प्रत्येक गुरुवार को गुरु प्रसाद मिलता रहेगा जो जिज्ञासु लोग है उनकी इच्छा पूर्ण होती है। यह जानकारी गुरु के आशीर्वाद से मिलता है आप सभी को देने का प्रयास करता हूं। जिज्ञासु लोग कैरियर की जानकारी और लाइफ चेंज के लिए ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते हैं। नोएडा-लखनऊ-कानपुर आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ, 9415126330, 6386254344.
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