ज्योतिष ज्ञान में सीखे ज्योतिष: कुंडली के तृतीय भाव में नौ ग्रहों का फल
आज का विषय है तृतीय भाव में सभी नौ ग्रहों का फल क्या हैं।
_11zon.webp)
ज्योतिष ज्ञान: राम राम जी जैसा कि आप सभी जानते है कि हम हर हफ्ते के ज्योतिष ज्ञान आप सभी के लिए ज्योतिष से जूड़े विशेष ज्ञान कुछ ना कुछ लाते हैं ठीक हर हफ्ते रविवार की तरह आज ज्ञान में वृद्धि के ज्योतिष ज्ञान में आज का विषय है तृतीय भाव में सभी नौ ग्रहों का फल क्या हैं। जैसा कि हमने पिछले सप्ताह द्वितीय भाव में देखा सभी नौ ग्रहों का द्वितीय भाव में फलादेश आज तृतीय भाव में सभी नौ ग्रहों का फल पर चर्चा करेंगे।

तृतीय भाव में नौ ग्रहों का फल
- काल पुरुष के तीसरा भाव परिवार पराक्रम भाइयों का होता है।
- तीसरे भाव में अगर सूर्य बैठा हो तो जातक तेजस्वी पराक्रमी होता है, प्रशासन की नौकरी करता है।
- तीसरे भाव में अगर चंद्रमा स्थित हो तो काल पुरुष का तीसरा स्थान बुध का होता है, चंद्रमा का शत्रु मन का बिखराव रहेगा, स्वास्थ्य में गिरावट होगी, सावधान रहे, शिव पूजन करें।
- तृतीय भाव में अगर मंगल ग्रह स्थिति हो तो पराक्रमी होता है। रुका हुआ काम में विजय प्राप्त होती है, भाइयों से सहयोग मिलता है।
- तीसरे भाव में अगर बुध स्थित है तो यह काल पुरुष का स्वग्रही घर होता है। यह बुध डाक्टर, प्रोफेसर, गणित एकाउंट का काम करता है।
- तीसरे स्थान में अगर गुरु स्थित हो तो यहां से गुरु धर्म भाव को देखता है। जहां पिता को धर्म परायण काम में लगता है, मंदिर मठ का पुजारी बनता है।
- तीसरे स्थान में शुक्र ग्रह स्थिति से बुध शुक्र का योग कपड़े का व्यापार कराता हैं। भाइयों से सहयोग मिलेगा, रुका हुआ काम बनेगा।
- तीसरे स्थान में अगर शनि ग्रह स्थिति हो तो विचारो का बिखराव रहेगा। स्वास्थ्य में गिरावट होगी, सावधान रहे, शिव पूजन करें, काले तिल का दान करें।
- तीसरे स्थान में अगर राहु केतु स्थित हो तो वह राजनीति में सफलता दिलाता हैं। उच्च या मित्र गृही हो तो अगर शत्रु के साथ हो तो परिवार का विभाजन कराता हैं, गलत काम से धन अर्जित करता हैं।
