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प्राण प्रतिष्ठा के बाद खड़ा हुआ विवादों का बवाल, बाबरी मस्जिद पर उठा सवाल

Ram Mandir : अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आज पूरा हो चुका है, कनक भवन में राघव विराजमान हो चुके है, जिसमें कई आमंत्रित भक्त रामलला के दर्शन करने आज पहुंचे थे मगर कई ऐसे अतिथि भी थे जिन्हें आमंत्रण मिलने के बाद भी अयोध्या में नहीं पहुंच सके।
मगर आज प्राण प्रतिष्ठा हो जाने के बाद मंदिर को लेकर कई विवादित बियान भी सामने आए है, बतादे कि असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया है, जिसमें बाबरी मस्जिद को लेकर वह अफसोस जताते नजर आए है।

ओवैसी ने जताया अफसोस


जैसा कि सभी जानते है अयोध्या में सोमवार यानि की 22 जनवरी को राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन बहुत ही भव्यरूप में हुआ था, जिसके बाद AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है। ओवैसी ने यह बयान अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक एक वीडियो अपलोड कर के दिया है, जिसमें वह बाबरी मस्जिद का जिक्र करते हुए अफसोस जाहिर करते हुए दिख रहे हैं, ओवैसी ने यह वीडियो सोमवार को शाम 6:45 बजे X हैंडल पर अपलोड किया।

जानें क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी?

आपको बतादें कि X में वीडियो वायरल करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- ”अफसोस ये है कि कोई छह दिसंबर की बात नहीं करता… जब आप इन तमाम सियासी जमातों से पूछेंगे कि क्यों नहीं बात करते हो तो बोलते है- अरे भूल जाओ न भाई तुम लोग, मैं इन लोगों से पूछ रहा हूं, तुम्हारी बाप की मौत को भूल सकते क्या तुम? तुम तुम्हारी मां की मौत को भूल सकते हो क्या? आपने एक सिस्टमेटिक तरीके से इस मस्जिद को छीन लिया और कई इश्यूज पैदा हो गए।”

असदुद्दीन ओवैसी ने जानें क्या कहा विवादित

आपको बतादें कि राम मंदिर निर्माण को लेकर हालि ही में कर्नाटक के कलबुर्गी में ओवैसी ने राम मंदिर पर सवाल उठाए थे, और कहा था कि मुस्लिमों ने 500 वर्षों तक नमाज पढ़ी और इन लोगों ने व्यवस्थित तरीके से साजिश करके बाबरी मस्जिद को हम सबसे छीन लिया, उन्होंने हिन्दूओं पर आरोप लगाया कि जब कांग्रेस के जीबी पंत यूपी में सीएम थे तब रात के अंधेरे में बाबरी मस्जिद में मूर्तियां रखी गई थीं। ओवैसी ने कहा- उस वक्त वहां के कलेक्टर नायर थे, जिन्होंने मस्जिद बंद करा दी थी और पूजा शुरू करा दी थी, और मामला न्यायलय के हाथ में छोड़ दिया था।

अखिलेश ने कांग्रेस का किया जिक्र

एक तरफ जहां ओवैसी अपना बयान देते नहीं रूक रहे है, वहीं अब सपा प्रमुख अख‍िलेश यादव ने राहुल गांधी की न्‍याय भारत यात्रा का ज‍िक्र करते हुए कहा- “किसी को भी भगवान के दर्शन करने से रोकने से बड़ा अधर्म और क्या हो सकता है, असम में श्री श्री शंकर देव सत्र मंदिर में जाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि क्या केन्‍द्र सरकार तय करेंगी कि मंदिर में कौन जाएगा। जिसके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सहित कई पार्टी नेताओं ने धरना दिया। कांग्रेस के पूर्व प्रमुख सोमवार को अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय देवता की पूजा करना चाहते थे।
वहीं सीएम विजयन ने एक संदेश में कहा- वह समय आ गया है जब देश में एक धार्मिक स्थल के उद्घाटन को एक राजकीय कार्यक्रम के तौर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा क‍ि यह उस परिपाटी से अलग है जिसमें हमारे संवैधानिक पदाधिकारियों को धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेने से आगाह किया गया है, क्योंकि यह एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में हमारी साख पर सवाल उठाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू अकसर कहते थे कि भारतीय धर्मनिरपेक्षता का अर्थ धर्म और सरकार को अलग करना है। विजयन ने कहा क‍ि हमारे पास उस अंतर को बनाए रखने की एक मजबूत परंपरा भी है, उन्होंने कहा कि इसलिए जिन लोगों ने भारत के संविधान को बनाए रखने की शपथ ली है,
उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश में प्रत्येक व्यक्ति को समान रूप से अपने धर्म को मानने का अधिकार मिले, उन्होंने कहा क‍ि विभिन्न धर्मों से जुड़े लोगों और जो किसी भी धर्म को नहीं मानते, उन्होंने भी हमारे स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। यह राष्ट्र समान रूप से सभी लोगों और भारतीय समाज के सभी वर्गों का है।
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