उत्तर प्रदेश

यूपी के कार्डियोलॉजी को मिली पहले हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर की मंजूरी, जानें विशेषज्ञ की राय

Kanpur: यूपी में दिल की समस्या से परेशान रोगी अब राहत मिलने वाली है क्योंकि इस तरह के मरीजों के लिए अब यूपी में इलाज सम्भव हो गया हैं। बतादें कि कानपुर के लक्ष्मीपत सिंघानिया कार्डियोलॉजी में प्रदेश का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर बनने जा रहा है। हाइब्रिड ऑपरेशन थिएटर का बजट 20 करोड़ का है। वहीं अब  शासन ने भी बजट को मंजूर कर लिया है। बजट की मंजूरी के बाद कार्डियोलॉजी ने हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर की सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
आपको बतादें कि कानपुर के लक्ष्मीपत सिंघानिया कार्डियोलॉजी में प्रदेश का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर बनने जा रहा है, जिसकी मंजूरी भी अब शासन ने दे दी हैं इंस्टीट्यूट के लिए हाइब्रिड ऑपरेशन थिएटर स्वीकृत कर दिया है। इस थिएटर का पूरा बजट 20 करोड़ का हैं। अब बहुत जल्द कार्डियोलॉजी प्रबंधन हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर के लिए आवेदन करेगा। आवेदन मंजूर होने के बाद हृदय प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो जाएगी। इस सुविधा के लिए हादसे में ब्रेन डेड घोषित हो चुके मरीजों का दिल दूसरों के काम आ सकेगा।

यूपी के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर को मिली मंजूरी


कानपुर के लक्ष्मीपत सिंघानिया कार्डियोलॉजी सेंटर जो हृदय रोग विशेषज्ञ अस्पताल है मगर इस अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा न होने के कारण कई मरीज यहां अपनी जान गंवा देते थे, क्योंकि इमरजेंसी में हार्ट मिलना बहुत मुश्किल होता है। मगर यूपी में लक्ष्मीपत सिंघानिया कार्डियोलॉजी सेंटर पहला हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर बन चुका है। ऐसे में लोगों में हार्ट डोनेशन के प्रति जागरुकता की बहुत कमी है, मगर ब्रेन डेड घोषित हो चुके मरीज के परिजनों को राजी करना बहुत मुश्किल होता है, समय रहते डोनर के मिल जाने से दूसरे मरीज की जान बच सकती है।  

हाइब्रिड ऑपरेशन थिएटर सेंटर को मिला स्वीकृत

इसके साथ ही शासन ने इंस्टीट्यूट के लिए हाइब्रिड ऑपरेशन थिएटर स्वीकृत कर दिया है। इस विशेष थिएटर के बिना हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर नहीं बन सकता। अब कार्डियोलॉजी प्रबंधन सेंटर के लाइसेंस के लिए मार्च में आवेदन करेगा। इसके बाद हृदय प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो जाएगी।

हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर को लेकर जानें विशेषज्ञ की राय

लक्ष्मीपत सिंघानिया कार्डियोलॉजी सेंटर को लेकर प्रोफेसर वर्मा ने बताया- “मार्च में ट्रांसप्लांट सेंटर के लिए आवेदन करेंगे। इस संबंध में आवेदन मार्च में ही होता है। वह खुद भी लाइसेंस के मामले के निरीक्षक रहे हैं। इसी से पहले सारी तैयारी कर ली है। तीन महीने में निरीक्षण के बाद अंतिम रिपोर्ट लग जाती है। उन्होंने बताया कि यह प्रदेश का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर होगा।”
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