ज्योतिष-धर्म

गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा में सीखे ज्योतिष का मनुष्य के जन्म से संबंध

गुरु शिक्षा: गुरु प्रसाद में आज गुरु ज्ञान का आज का विषय है ज्योतिष जो कि ब्रह्मांड का विषय है उसका मनुष्य से संबंध कैसे जाने…

सीखे ज्योतिष द्वारा मनुष्य का जन्म

गुरुदेव ने कहा यदि ब्रह्मांड तड़ पिंडे अर्थात जो कुछ ब्रह्माण्ड में है वह सब कुछ शरीर में है। उसको जानते है ज्योतिष द्वारा मनुष्य का जन्म होता हैं, कैसे जिस नक्षत्र में पुरुष और स्त्री का मिलन होता है उस समय एक नक्षत्र होती हैं वह नक्षत्र पुरुष जाती का है तो पुरुष अर्थात लड़का या स्त्री जाती का है तो लड़की अगर नक्षत्र नपुंसक है या किसी पापी क्रूर ग्रह से युक्त है तो गर्भ नष्ट हो जाता है।

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ज्योतिष का विस्तार यहां से होता है महर्षि परासर ऋषि ने अपने दिव्य दृष्ट से देखा परासर होता शास्त्र में लिखा जब बच्चा गर्भ में आ जाता है तो उसका निर्माण सात ग्रहों द्वारा किया जाता है। जैसे मुर्गी अपने अंडे को तैयार करती है उसी तरह गर्भ की देख रख ग्रह करता है। उस समय ग्रह कितने अंश में होता हैं, कितनी पावर गर्भ को मिल रही है, किस नक्षत्र से ग्रह देख रहा है, वह उच्च का है नीच का है मित्र गृही या शत्रु गृही दृष्टि किसकी है, यह सब के ऊपर विवेचना एनालाइज करके जाना जा सकता है।

जानें ग्रह से गर्भ में संतान की रचना

प्रथम माह में शुक्र ग्रह का प्रभाव जो रज वीर का कारक होता हैं वहीं से पिंड का निर्माण होता है, गर्भवती मां जैसा अन्न खाती है वैसा बच्चा गर्भ में पलता है।

दूसरे माह में मंगल ग्रह का प्रभाव होता है जो रक्त का कारक ग्रह होता हैं। अब गर्भ मांस का लोथा होता है उसमें रक्त का संचार होता है, यह सब मंगल ग्रह के पावर से जाना जा सकता है। अगर मंगल ग्रह कमजोर है उसकी स्थिति कम अंश का है तो गर्भ में रक्त का प्रभाव कम होता है बच्चा कमजोर रहता है।

तीसरा माह में गुरु का प्रभाव रहेगा और जीव प्रगट होता हैं उस समय गर्भाधान संस्कार किया जाता हैं, गर्भ में अच्छी शक्तियां आए जो प्रतिभाशाली होगा।

चौथा माह में चंद्रमा का प्रभाव होता हैं जहां दस इन्द्रियों का निर्माण होता हैं।

पांच कर्म इंद्रियां, पांच ज्ञान इंद्रियां।

छठा मन अब अगर चंद्रमा कमजोर है तो बच्चा मंद बुद्धि का होता हैं, अगर चंद्रमा उच्च या पावर में है तो बच्चा तेज दिमाग का होता है।

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ज्योतिष से सीखे नक्षत्र, ग्रह, मंत्र की पावर

ऐसे में कमजोर चंद्रमा को या किसी ग्रह को बलवान करने के लिए मंत्र जाप करें या उस ग्रह से संबंधित माता भोजन प्रसाद ग्रहण करें। यह जानकारी ज्योतिष में ग्रह का पावर से देखा जा सकता है उस समय अंतरिक्ष में जो ग्रह है उसका पृथ्वी पर क्या असर है पंचांग में सब लिखा हुआ है केवल जानने की जरूरत है।

गुरुदेव ने कहा- मन चाही संतान कैसे पाए तो उसके लिए इसी ज्ञान की आवश्यकता है उच्च नक्षत्र में गर्भ धारण करना फिर गर्भ में देख भाल करना चाहिए, फिर गायत्री मंत्र का निरंतर जाप करें। सूर्य का संबंध नाभि में करें, आगे का लेख अगले हफ्ते मिलेगा, यह जानकारी गुरु कृपा से मिलती जा रही हैं जो आप सब तक पहुंच रहा हैं हम तो माध्यम है।

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NOTE: प्रत्येक गुरुवार को गुरु प्रसाद मिलता रहेगा जो जिज्ञासु लोग है उनकी इच्छा पूर्ण होती है। यह जानकारी गुरु के आशीर्वाद से मिलता है आप सभी को देने का प्रयास करता हूं। जिज्ञासु लोग कैरियर की जानकारी और लाइफ चेंज के लिए संपर्क करें। नोएडा-लखनऊ-कानपुर आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ, 9415126330, 6386254344.

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