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Inayat Vats: 21 साल बाद बेटी इनायत सेना में हुई शामिल, पहनी पिता की वर्दी, भाविक हुईं मां

Lieutenant Inayat Vats : इनायत वत्स जिन्होंने अपने शहीद पिता के सपने को ताउम्र जीया और आज शहीद पिता के सपने को जीने के लिए सेना में शामिल हो गई है, बतादे कि इनायत वत्स हरियाणा के पंचकुला की है वो अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। वह केवल 2.5 साल की थी जब उसके पिता ने श्रीनगर की एक इमारत में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन करते समय आतंकवादियों की गोलियों का शिकार होकर सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें मरणोपरांत सेना पदक से सम्मानित भी किया गया था।

इनायत वत्स का संघर्ष भरा जीवन 

इनायत वत्स दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और फिलहाल वह हिंदू कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। लेफ्टिनेंट इनायत वत्स जिन्होंने उग्रवाद विरोधी अभियान में अपने पिता मेजर नवनीत वत्स को खो दिया था, आज भारतीय सेना में शामिल हो गईं। भारतीय सेना की ओर से बताया गया कि इनायत वत्स ने वही वर्दी पहनी जो कभी उनके नायक पिता ने पहनी थी। हरियाणा के पंचकुला की इनायत वत्स ने तीन साल की उम्र में अपने पिता मेजर नवनीत वत्स को खो दिया। इनायत वत्स अपने परिवार में तीसरी पीढ़ी हैं जो सेना में हैं। साल 2003 में कश्मीर आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान मेजर नवनीत वत्स शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत सेना पदक से सम्मानित किया गया।

भाविक हुईं इनायत वत्स की मां

इनायत वत्स के सेना में शामिल में होने के बाद मां शिवानी हुई भावुक बोली- “एक बहादुर की बेटी है। जब इनायत ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली तो सभी ने सोचा कि वह राज्य सरकार की ओर से दी गई नौकरी करेगी और मेरे आसपास रहेगी। वह एक शहीद की बेटी है और उसके लिए सेना में शामिल होना स्वाभाविक था।” इनायत की मां कहती हैं “वह एक बहादुर की बेटी है। जब उसने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की, तो सभी ने सोचा कि वह राज्य सरकार द्वारा दी गई नौकरी लेगी। लेकिन वह एक शहीद की बेटी है और उसके लिए सेना में शामिल होना स्वाभाविक था।’
इनायत वत्स की मां शिवानी ने कहा- मेरी बेटी इनायत ने एक बार मुझसे पूछा कि अगर मैं लड़का होती तो आप क्या करते? इस पर मैंने उससे कहा कि मैं उसे एनडीए या आईएमए में शामिल होने के लिए कहती। मुझे खुशी है कि आरामदायक जीवन बिताने के ऑप्शन के बावजूद वह अपने पिता की राह पर आर्मी ज्वाइन किया।”

डीयू से पढ़ाई की इनायत वत्स

इनायत वत्स अप्रैल 2024 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) चेन्नई में शामिल होंगी। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और फिलहाल हिंदू कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। अपने पिता को आदर्श मानने वाली इनायत वत्स के लिए सेना में जाना ही एकमात्र लक्ष्य था।

आतंकवादियों से लोहा लेते समय पिता हुए शहीद

इनायत वत्स के पिता मेजर नवनीत वत्स 2003 में कश्मीर आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए थे। इसके बाद इनायत ने जब होश संभाला, तो उन्होंने पिता की तरह ही सेना में शामिल होने का निर्णय लिया। बता दें कि इनायत भारतीय सेना में अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं – उनके नाना भी भारतीय सेना में कर्नल थे।


वत्स ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में होंगी शामिल

आपको बतादे कि इनायत अप्रैल में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई में शामिल होंगी। दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएट इनायत वर्तमान में डीयू के हिंदू कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। इनायत को शहीदों के परिजनों के लिए राज्य की नीति के तहत एक राजपत्रित पद पर नियुक्ति के लिए हरियाणा सरकार की ओर से प्रस्ताव मिला था।
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