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कंगना रनौत पर राष्ट्रद्रोह का मामला, अदालत में 29 नवंबर को पेशी

Kangana Ranaut: बीजेपी सांसद और मशहूर अभिनेत्री कंगना रनौत पर उत्तर प्रदेश में राष्ट्रद्रोह का केस चलेगा, क्योंकि उनके ख़िलाफ़ आगरा में किसानों के अपमान और महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप दायर किया गया है।

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कंगना पर राष्ट्रद्रोह का आरोप

आपको बताते चले कि बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने अगस्त 2024 में एक इंटरव्यू में कहा था कि किसान आंदोलन के दौरान रेप और मर्डर हुए और बिल वापसी न होती तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी, इसके बाद वादी अधिवक्ता ने कंगना पर राष्ट्रद्रोह का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की और उनके ख़िलाफ़ आगरा में किसानों के अपमान और महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में राष्ट्रद्रोह वाद दायर किया गया है। वहीं इस याचिका को लेकर आगरा कोर्ट ने कंगना के खिलाफ दायर रिवीजन याचिका को स्वीकार कर लिया है, अब स्पेशल MP-MLA कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी।

29 नवंबर को होगी सुनवाई- वकील रमाशंकर

वादी अधिवक्ता वकील रमाशंकर शर्मा ने बताया 7 नवंबर 2021 को कंगना ने कहा था कि आजादी तब मिली जब 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई, इससे महात्मा गांधी, सरदार भगत सिंह और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की अवहेलना हुई। इसे साथ ही अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कहा- 6 मई 2025 को लोअर कोर्ट ने मेरा वाद खारिज किया था, 12 नवम्बर को रिवीजन याचिका को स्वीकार किया गया है, अब 29 नवंबर को उसमें सुनवाई होगी क्योंकि अदालत ने कहा है कि कंगना को उस सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ सकता है। बताते चले कि आगरा में अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने आरोप लगाते हुए एमपी एमएलए कोर्ट में कंगना रनौत के खिलाफ 11 सितंबर 2024 को एक वाद दायर किया था।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया से बातचीत में एडवोकेट शर्मा ने बताया कि उन्होंने 11 सितंबर 2024 को आगरा की एक स्थानीय अदालत में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में उन्होंने आरोप लगाया था कि कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट साझा किया था, जिसमें किसान समुदाय का अपमान किया गया और महात्मा गांधी सहित स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ देशद्रोही टिप्पणियां की गईं। शर्मा के अनुसार, अदालत की ओर से कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद न तो कंगना रनौत और न ही उनके किसी प्रतिनिधि की तरफ से कोई जवाब मिला। उन्होंने कहा-‘अदालत ने उन्हें अपना पक्ष रखने का एक और मौका दिया था, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।’

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क्या कहा था कंगना रनौत ने?

बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने अगस्त 2024 में एक इंटरव्यू में कहा था कि किसान आंदोलन के दौरान रेप और मर्डर हुए और बिल वापसी न होती तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। इसके साथ ही कंगना ने 7 नवंबर 2021 को एक बयान में कहा था कि आजादी तब मिली जब 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई।

इतना ही नहीं किसान आंदोलन के वक्त बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने कई विवादित बयान दिए थे, अपने इन बयानों के कारण कंगना मीडिया ही नहीं बल्कि, सोशल मीडिया तक की सुर्खियों में छाई रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंगना ने आदोलनकारी किसानों की तुलना खालिस्तानी आतंकियों से तक कर दी थी। कंगना ने लिखा था, ‘खालिस्तानी आतंकवादी आज सरकार पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन हमें एक महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को नहीं भूलना चाहिए, इंदिरा गांधी ने इन्हें अपनी जूती के नीचे कुचल दिया था।’

https://www.abplive.com/states/up-uk/bjp-mp-kangana-ranaut-faced-sedition-charges-agra-court-accepted-revision-petition-ann-3042920

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