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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा : अयोध्या में आयी भारतवर्ष के कण-कण से अनोखी भेट, देखें लिस्ट

Ram Mandir : अयोध्या राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का दिन आ गया जिसका सभी को 500 वर्षो से इंतजार जा आखिर कार वो इंतजार खत्म हो ही गया देश- विदेश के कोने-कोने में राम नाम के जयकार की गूंज हो रही है, राम के आगमान में हर कोने से भक्तों का उपहार अपने राम के लिए आ रहा है, वहीं देश – विदेश में राम नाम की यात्रा निकाली जा रही है और उत्साह मनाया जा रहा है। तो आइये जानते है अपने राम के स्वागत भक्तों ने क्या-क्या दिए रामलला को उपहार… 

पांच लाख गांवों से आईं मंदिर निर्माण के लिए ईंटें

राम मंदिर के निर्माण और मंदिर की मजबूती के लिए पांच लाख गांवों से ईंटें भेजी गई है। बतादें कि नींव में ग्रेनाइट से बेस बनाया गया है, इसमें 17 हजार ग्रेनाइट स्टोन इस्तेमाल किए गए हैं। इनमें हर स्टोन का वजन करीब दो टन है, वहीं, मंदिर में इस्तेमाल की गईं ईंटें देशभर के करीब पांच लाख गांवों से आई हैं।

भोग के लिए ‘राम हलवा’ और लड्डू

नागपुर के रहने वाले शेफ विष्णु मनोहर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने वाले भक्तों के लिए 7,000 किलोग्राम पारंपरिक मिठाई ‘राम हलवा’ तैयार करेंगे। वहीं, मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ‘यज्ञ’ के लिए 200 किलोग्राम लड्डू अयोध्या भेजा गए। तिरूपति में श्री वेंकटेश्वर मंदिर के आधिकारिक संरक्षक, तिरुमला तिरूपति देवस्थानम (टीटीडी) ने भी घोषणा की है कि वह राम भक्तों के लिए एक लाख लड्डू अयोध्या भेजेगा।

विशाल दीपक जगमग होगी अयोध्या

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में विशाल दीपक जलाया जाएगा जो गुजरात के वडोदरा से राम भक्त अरविंद भाई पटेल 1100 किलो का एक विशाल श्री राम दीपक अयोध्या लेकर आएं है, जिसकी ऊंचाई 9.15 फुट और परिधि आठ फुट है।

सुंगन्ध मय होगी अयोध्या

गुजरात के वडोदरा से अगरबत्ती अयोध्या के लिए लाई गई है, जिसकी सुगंन्ध से 45 दिनों तक राम मंदिर का परिसर महकेगा। 

राम लला के ननिहाल से आयी सुगंधित भेट 

भगवान श्री रामलला के ननिहाल यानी छत्तीसगढ़ से मायरा के रूप में 300 टन सुगंधित चावल लाया गया है, जिसे यहां पहुंचने वाले 30 लाख से ज्यादा भक्त भोग के रूप में ग्रहण करेंगे।

सोने की खड़ाऊं

भगवान राम के लिए सोने की परत चढ़े हुए खड़ाऊं भी अयोध्या नगरी पहुंची हैं, श्री राम के प्रति अटूट श्रद्धा और अपने ‘कार सेवक’ पिता के सपने को पूरा करने के लिए हैदराबाद से 64 वर्षीय चल्ला श्रीनिवास शास्त्री ने सोने की परत चढ़े खड़ाऊं भेंट किया है वो लगभग 8,000 किमी की दूरी पैदल तय करके अयोध्या श्री राम के लिए खड़ाऊं लेकर पहुंचे थे।

जोधपुर के भेट से जगमग होगी पहली आरती 

प्राण प्रतिष्ठा के दिन राम मंदिर की पहली आरती के लिए राजस्थान के जोधपुर से 600 किलो शुद्ध देशी घी अयोध्या आया है जिससे आरती का दीपक जगमगायेगा। 

अष्टधातु के घंटे से गूंज उठेगी अयोध्या

प्राण प्रतिष्ठा में रामलला के भव्य मंदिर में लगने वाला अष्टधातु का घंटा राजस्थान के जलेसर से बन कर आया है, जिसका वजन करीब 2400 किलो का है, जिसकी गूंज अयोध्या में गूंज उठेगी। 

9 देशों का समय एक साथ बताने वाली वर्ल्ड क्लॉक

लखनऊ के एक सब्जी विक्रेता अनिल कुमार साहू ने 5 साल की कड़ी मेहनत करके वर्ल्ड क्लॉक बनाई है, ये घड़ी एक साथ नौ देशों का समय बताती है। भारत सरकार से पेटेंट कराने के बाद इसे रामलला को समर्पित किया गया है। रामलला के मंदिर ने अयोध्या जंक्शन और हनुमानगढ़ी को इस वर्ल्ड क्लॉक को समर्पित कर दिया है, ये घड़ी भारत, मेक्सिको, जापान, दुबई, टोक्यो, मैक्सिको सिटी, वॉशिंगटन का समय बता रही है।

नेपाल के जनकपुर से भी आया उपहार

नेपाल का जनकपुर जो मां सीता की जन्मभूमि और भगवान राम का ससुराल भी है जहां से भगवान राम और जनकपुर के दमाद के लिए 3,000 से अधिक उपहार अयोध्या पहुंचे है जिसमें चांदी के खड़ाऊं, आभूषण और कपड़ों सहित तमाम उपहारों श्री राम के लिए आया है।

श्रीलंका की अशोक वाटिका से आया ये उपहार

श्रीलंका का एक प्रतिनिधिमंडल अशोक वाटिका से एक विशेष उपहार के साथ अयोध्या पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने महाकाव्य रामायण में वर्णित अशोक वाटिका की एक चट्टान भेंट की है।

नगाड़ा

गुजरात ने दरियापुर में अखिल भारतीय दबगर समाज की ओर से तैयार किया गया एक नगारू (मंदिर का ढोल) भी अयोध्या भेजा गया है। 500 किलो के इस भव्य नगाड़े में लोहे और तांबे की प्लेट का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही इस नगाड़े में सोने की परत का भी इस्तेमाल किया गया।

मंदिर के लिए आया ताला-चाबी

अलीगढ़ के ताला व्यापारी सत्य प्रकाश शर्मा ने 10 फीट ऊंचे, 4.6 फीट चौड़े, 9.5 इंच मोटे और 400 किलोग्राम वजनी ताला-चाबी तैयार किया है, यह दुनिया का सबसे बड़ा ताला और चाबी है, इसे मंदिर में प्रतीकात्मक ताले के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

पाकिस्तान से आई अनोखी भेंट

आपको बतादे कि व्रत में हिंदू समुदाय के लोग सेंधा नमक का ही इस्‍तेमाल करते हैं, मगर ये नमक हमेशा से पाकिस्तान से मंगाया जाता रहा है। इसको लेकर भारत में धार्मिक मान्यताएं रही हैं। बिना इस नमक के हम त्योहार, पूजा-पाठ के दौरान अपना भोजन ही तैयार नहीं करते हैं।
क्योंकि कुछ व्रर्ती लोग सेंधा नमक का इस्तेमाल करते है, इसको रॉक साल्ट, हिमालयन पिंक साल्ट या लाहौरी नमक भी कहा जाता है। पाकिस्तान से संबंध बिगड़ने के कारण दोनों देशों के बीच व्यापार पर असर पड़ा है। इसके बाद भी ये नमक बदस्तूर आता रहता है, दरअसल, 50 के दशक में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एक समझौते में सेंधा नमक की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति को लेकर करार हुआ था।

बनारस से आया अयोध्या भक्तों के लिए भेंट

बनारस जो बाबा भोले नाथ की नगरी है जहां से प्राण प्रतिष्‍ठा में भगवान राम को देश-विदेश से आने वाली कई चीजों का भोग लगाया जाएगा। इसमें बनारस के 151 पानों का भोग भी शामिल है। इसके अलावा बनारस से 1000 अतिरिक्‍त पान भी आएंगे, जो अयोध्या में आए राम भक्‍तों में बांटे जाएंगे।
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