देहरादून आईएमए में नारी शक्ति का गौरव
देहरादून: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को उत्तराखंड के देहरादून में स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में पासिंग आउट परेड (पीओपी) का निरीक्षण किया और कैडेट की सलामी ली।
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नौ महिला कैडेट पास आउट हुईं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की दीक्षान्त परेड का निरीक्षण किया। राष्ट्रपति ने ऑफिसर कैडेट्स से कहा कि वे हमारे देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के रक्षक हैं। देशवासी उन पर पूर्ण विश्… pic.twitter.com/rQjZee2VWU
— President of India (@rashtrapatibhvn) June 13, 2026
आईएमए के चेटवुड हॉल के सामने ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित 158वें सामान्य कोर्स एवं 141वें तकनीकी स्नातक कोर्स की परेड में 515 कैडेट पास आउट हुए। इनमें 481 भारतीय और 16 मित्र देशों के 34 अधिकारी कैडेट शामिल हैं।
परेड की खास बात यह रही कि आईएमए के 93 साल के इतिहास में पहली बार नौ महिला कैडेट पुरुष कैडेटों के साथ पास आउट हुईं और सेना में अधिकारी बनीं।
नारी शक्ति का सम्मान- मुर्मू
श्रीमती मुर्मू ने अपने संबोधन में युवा अधिकारियों से कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने महिला अधिकारियों को विशेष बधाई दी और इसे नारी शक्ति का सम्मान बताया।
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इस अवसर पर राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि श्रीमती मुर्मू शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंची थीं। एक साल के भीतर उनका यह तीसरा देहरादून दौरा है।
राष्ट्रपति मुर्मू– महत्वपूर्ण क्षण है
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (13 जून, 2026) देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में 158वें नियमित पाठ्यक्रम और 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) June 13, 2026
💠इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा देश के सबसे कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक को… pic.twitter.com/taWgQIYK8n
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा देश के सबसे कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक को सफलतापूर्वक पूरा करने पर अधिकारी कैडेटों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनका साहस और बुद्धिमत्ता ही उनकी ताकत होगी। नौ महिला कैडेटों को देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई।
उन्होंने कहा कि यह आईएमए के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह न केवल भारत के रक्षा बलों के इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में भारत की प्रगति का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि और भी कई महिला कैडेट अकादमी में शामिल होंगी
