‘वंदे मातरम्’ पर BJP सख्त, कांग्रेस पर हमला
दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘वंदे मातरम्’ के सिर्फ शुरुआती दो पद गाये जाने को लेकर कांग्रेस कार्य समिति के फैसले की निंदा की है और पार्टी की एक अहम बैठक में प्रस्ताव पारित कर कहा है कि राष्ट्रीय गीत सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जायेगा।
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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली बैठक
पूरा देश आगे बढ़ गया, लेकिन कांग्रेस की सोच आज भी 1937 में अटकी है!
— BJP (@BJP4India) August 22, 2026
‘वंदे मातरम्’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि हमारी आज़ादी की लड़ाई, राष्ट्रभक्ति और करोड़ों भारतीयों की भावना की पहचान है। 1937 में कांग्रेस ने इसके गायन को सीमित किया था। 90 साल बाद, 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस… pic.twitter.com/Fsf6RUkN5p
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में शनिवार को पार्टी मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की पहली बैठक हुई, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और गौरवशाली विरासत के संरक्षण को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में भाजपा ने कांग्रेस कार्य समिति के उस फैसले की कड़ी निंदा की है, जिसमें 1937 के प्रस्ताव को दोहराते हुए कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को केवल शुरुआती दो पदों तक सीमित कर दिया गया था।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नितिन नवीन द्वारा टीम की घोषणा के बाद आज पार्टी मुख्यालय में पदाधिकारियों की पहली बैठक हुई और बैठकों का सिलसिला अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि पहली कार्यकारी बैठक में भारत के गौरव, भारत के सम्मान और ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान में पहला प्रस्ताव पारित किया गया।
‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ
उन्होंने कहा कि इस साल को ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के तौर पर मनाया जा रहा है। हिंदुस्तान के हर कोने में ‘वंदे मातरम्’ के प्रति सम्मान, भावना और भावनात्मक जुड़ाव देखा जा सकता है।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi आज नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के नव-नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों से मुलाकात की और उनके साथ आत्मीय संवाद किया। pic.twitter.com/0He98B58MF
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श्री पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के नेतृत्व में लाल किले परिसर में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह पद गाये गये। भारत के इतिहास में पहली बार, 15 अगस्त को ‘वंदे मातरम्’ का पूरा पाठ किया गया, जिसमें सभी छह पद शामिल थे। शाम होते-होते सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यालय का एक वीडियो सामने आया, जिसमें श्रीमती सोनिया गांधी दो पदों के बाद ‘वंदे मातरम्’ को रुकवाने के लिए कहती हुई दिखाई दीं।
‘वंदे मातरम्’ के इतिहास की हकीकत
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “उन्हें (श्रीमती गांधी) रुको, रुको कहते हुए सुना गया, मानो कोई अनुचित शब्द इस्तेमाल किए गये हों।” उन्होंने कहा, “सूरज उगने के साथ हमने पूरा ‘वंदे मातरम’ सुना, उसकी तारीफ़ की और सम्मान जताया, वहीं सूरज डूबने के समय सोशल मीडिया और मीडिया के ज़रिए हमने 15 अगस्त को कांग्रेस दफ़्तर में हुई उस गलत हरकत को भी देखा।”
उन्होंने बताया कि 19 अगस्त,को सीडब्ल्यूसी की बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया, यह वही प्रस्ताव था जिसे कांग्रेस कार्य समिति ने अक्टूबर 1937 में कलकत्ता में पास किया था। उस प्रस्ताव में कहा गया था कि हम ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह पद स्वीकार नहीं करेंगे, हम इसे बांटकर छोटा कर देंगे और सिर्फ़ दो पद ही गायेंगे।
PM Shri @narendramodi interacted with BJP’s newly appointed organisational team, sharing insights and perspectives to further strengthen the party’s organisation and deepen its connect with the people.
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कांग्रेस देशभक्ति की आड़ में खुद को छिपाती
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस कब तक देशभक्ति की आड़ में खुद को छिपाती रहेगी? आज कांग्रेस पार्टी से देशभक्ति का नक़ाब पूरी तरह उतर चुका है और पूरा देश उसमें तुष्टिकरण की राजनीति देख रहा है, लेकिन भाजपा ऐसा नहीं होने देगी। ‘वंदे मातरम्’ के मामले में कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने खुद एक बंद कमरे की बैठक में कहा था कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप देश को इस तरह बांट दें। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ गाने की बात कही थी। इसका मकसद कभी भी हिंदुओं और मुसलमानों को बांटना नहीं था। भाजपा ‘वंदे मातरम्’ को भारत का राष्ट्रीय गीत, भारत माता के प्रति भक्ति का प्रतीक, स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र और भारत की राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक मानती है।
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