डीजीपी का सख्त निर्देश: अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस!
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने प्रदेश के पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। 25 अगस्त 2026 को पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में डीजीपी ने कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति को दैनिक अपराध नियंत्रण की कार्यप्रणाली में प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
बैठक में प्रदेश के जोनल एडीजी, पुलिस आयुक्त, आईजी, डीआईजी, एसएसपी, एसपी, एएसपी और क्षेत्राधिकारियों सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। इस दौरान आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था, गंभीर अपराधों की समीक्षा, फेक न्यूज, लंबित विवेचनाओं, मिशन शक्ति केंद्रों और ‘यक्ष’ ऐप सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

गंभीर अपराधों की होगी रोजाना समीक्षा
डीजीपी ने निर्देश दिया कि जनपद, रेंज और जोन स्तर पर प्राथमिकता वाले अपराधों और संवेदनशील मामलों की दैनिक समीक्षा की जाए। लूट, डकैती, छिनैती, महिलाओं से जुड़े अपराध और अन्य गंभीर मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और जनभावना को प्रभावित करने वाले मामलों में समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर निगरानी और जवाबदेही की मजबूत व्यवस्था आवश्यक है।
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फेक न्यूज पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। डीजीपी ने निर्देश दिया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और विशेष रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की लगातार निगरानी की जाए।
किसी भी संदिग्ध या भ्रामक सूचना की जानकारी मिलते ही उसके तथ्यों का तत्काल सत्यापन किया जाए। गलत या जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाने वाली सामग्री को नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जाएगी और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अपराध पर जीरो टॉलरेंस और सुरक्षा व्यवस्था में सतर्कता!
— UP POLICE (@Uppolice) August 25, 2026
पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 श्री राजीव कृष्ण द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति को संस्थागत रूप से और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने के निर्देश दिए गए।
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रक्षाबंधन और बारावफात पर कड़ी सुरक्षा
आगामी रक्षाबंधन और बारावफात को देखते हुए डीजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, टैक्सी स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। महिला सुरक्षा के लिए एंटी-रोमियो स्क्वाड को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख मार्गों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने और पुलिस विजिबिलिटी मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
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त्योहारों के दौरान स्टंटबाजी, तेज गति और खतरनाक ड्राइविंग पर प्रभावी रोकथाम और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से पहले यात्रियों की सहायता, महिला सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के संबंध में प्रभावी ब्रीफिंग कराने को भी कहा गया है।
मिशन शक्ति केंद्रों को बनाया जाएगा और प्रभावी
महिला और बालिका सुरक्षा से जुड़े मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों को उनके दायित्वों और आमजन के साथ उचित व्यवहार के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
रेंज और जनपद स्तर पर मिशन शक्ति केंद्रों की नियमित समीक्षा होगी। स्थानीय जरूरतों के अनुसार नई और प्रभावी कार्यप्रणाली विकसित करने तथा फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने पर जोर दिया गया है।
लंबित विवेचनाओं की होगी रोजाना मॉनिटरिंग
60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण को लेकर भी डीजीपी ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इसके लिए विकसित केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड पोर्टल के माध्यम से अधिकारी प्रतिदिन लंबित मामलों की समीक्षा करेंगे।
क्षेत्राधिकारियों और सहायक पुलिस आयुक्तों को निर्देश दिया गया कि लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उत्कृष्ट पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र देने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
‘यक्ष’ ऐप में दर्ज होगा सही आपराधिक डाटा
डीजीपी ने ‘यक्ष’ ऐप में अपराधियों से संबंधित डाटा को सही और लगातार अपडेट रखने के निर्देश दिए। अपराधियों का संपूर्ण आपराधिक इतिहास दर्ज करने पर जोर दिया गया है, ताकि सक्रिय अपराधियों की सही पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके। तकनीक आधारित इस व्यवस्था से पुलिस को अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और अपराध नियंत्रण की रणनीति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
अपराधियों को साफ संदेश
उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में डीजीपी राजीव कृष्ण का संदेश साफ रहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। दैनिक समीक्षा, त्वरित कार्रवाई, पुलिस की बेहतर विजिबिलिटी और तकनीक के इस्तेमाल के जरिए कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं फेक न्यूज फैलाने वालों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए दैनिक मॉनिटरिंग, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही की रणनीति पर जोर देते हुए स्पष्ट संदेश दिया है—अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अब और प्रभावी ढंग से जमीन पर लागू किया जाएगा।

