NCPCR की बड़ी कार्रवाई! 3,800 बच्चे बाल मजदूरी से मुक्त
दिल्ली: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के विशेष ‘अखिल भारतीय बचाव और पुनर्वास’ अभियान के तहत 12 जून से 31 अगस्त के बीच देशभर में 3,800 से अधिक बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया। आयोग ने राज्य सरकारों और संबंधित अधिकारियों के सहयोग से निरंतर निगरानी एवं सक्रिय कार्रवाई के जरिए इन बच्चों को बचाया।
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बच्चों को बाल मजदूरी से कराया मुक्त
NCPCR's team visits on 02.09.2026 to inquire into the matter of child abuse, where "alleged physical abuse, wrongful restraint and other child-rights violations at Makoons Kids Unplugged Play School, Maujpur, Delhi" had taken place. Earlier, NCPCR has taken suo-motu cognizance.
— NCPCR (@NCPCR_) September 4, 2026
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसके अलावा, अभियान के दौरान 575 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गयीं। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत वैधानिक संस्था, NCPCR ने बाल मजदूरी में लगे बच्चों और तस्करी एवं शोषण के शिकार होने वाले बच्चों की पहचान, बचाव और पुनर्वास के काम को तेज करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, जिलाधिकारियों, श्रम विभागों, पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम किया।
➡️ National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) rescues over 3800 Children from Child Labour under a special Campaign
— PIB India (@PIB_India) September 4, 2026
➡️ #NCPCR launched a special “Pan-India Rescue and Rehabilitation” Campaign on 12 June 2026, which continued up to 31 August 2026
➡️ NCPCR… pic.twitter.com/fRW2FpPFBq
NCPCR ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर बाल मजदूरी और तस्करी वाले स्थानों पर गहन और लक्षित बचाव अभियान चलाने का अनुरोध किया। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से बचाव अभियान, बचाये गये बच्चों, दर्ज प्राथमिकी, पुनर्वास, पुनर्स्थापना, मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने, मुआवजे और अन्य जानकारी लेने के उपायों आदि के बारे में नियमित डेटा उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया।
NCPCR का जागरूकता और जनसंपर्क अभियान

कार्यान्वयन की निगरानी करने और क्षेत्रीय स्तर की समस्याओं का समाधान करने के लिए, NCPCR ने जिला प्रशासनों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य बचाव अभियानों की समीक्षा करना, परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करना, कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) का समय पर जमा होना सुनिश्चित करना तथा संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
NCPCR ने सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए जागरूकता और जनसंपर्क अभियान भी चलाया, जिसके तहत इस विशेष अभियान, बाल श्रम की रिपोर्टिंग करने तथा बचाव के बाद बच्चों के पुनर्वास एवं उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के महत्व के बारे में जानकारी प्रसारित की गयी।

