
ब्रिक्स में PM मोदी का बड़ा संदेश!
दिल्ली: वैश्विक व्यापार की राह में बढ़ रही बाधाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ब्रिक्स देशों से समूह के बीच व्यापार की राह में बड़ी बाधाओं को हटाने और आपस में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को भी प्रोत्साहित करने की अपील की है।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
The BRICS Bazaar brings the richness of traditional crafts and performances to New Delhi, celebrating the diversity that connects us.
📅 10-15 September, 2025
📍 National Crafts Museum & Hastkala Academy, New Delhi#BRICS2026 #BRICSIndia2026 #IndiaBRICSChairship pic.twitter.com/FShT46sOMu— BRICS 2026 (@BricsIndia2026) September 11, 2026
उन्होंने ब्रिक्स के उद्योग-व्यवसाय जगत से समूह के बीच ऐसी 10 शीर्ष बाधाओं को हटाने के बारे में रिपोर्ट तैयार करने और हर वर्ष 100 ब्रिक्स स्टार्टअप को दूसरे बाजारों में विस्तार करने में मदद करने का आह्वान किया। पीएम मोदी भारत की अध्यक्षता में राजधानी में कल से शुरू हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले यहां भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स बिजनस फोरम को संबोधित कर रहे थे।
Addressing the BRICS Business Forum. Strong business partnerships can open new avenues for growth, innovation and shared prosperity.@BricsIndia2026 https://t.co/EUIH6agfI2— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
पीएम मोदी ने किया ब्रिक्स बिजनस फोरम को संबोधित
उन्होंने कहा- “आज जब ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है, ब्रिक्स बिजनस कौंसिल से मेरा आग्रह रहेगा, क्या आप ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार की शीर्ष 10 बाधाओं को हटाने के लिए रिपोर्ट बना सकते हैं?”

पीएम मोदी ने इसी तरह प्रश्न किया- “क्या हम हर वर्ष सौ ब्रिक्स स्टार्टअप इकाइयों को दूसरे ब्रिक्स बाजारों में स्केल (विस्तार) करने के लिए मदद कर सकते हैं? क्या हम अपने कारोबार जगत के बीच हज़ार नई साझेदारियां विकसित कर सकते है? इन तीनों मापदंडों पर हमें हर वर्ष अपनी प्रगति की समीक्षा करनी है।”
The India-Russia economic partnership continues to gather momentum.
In Delhi, President Putin and I participated in INNOPROM, bringing together several companies from both countries. It reflects the growing depth of our business engagement.
Индийско-Российское экономическое… pic.twitter.com/s6MClfA4cF— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भी सम्मेलन में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश मिल कर काम करेंगे तो दुनिया भर के लिए समस्याओं और जरूरतों का समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता रखते हैं। इससे पहले पीएम मोदी और राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन ने भारत- रूस व्यापार प्रदर्शनी इनोप्रोम का भी दौरा किया। पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिजनस फोरम को संबोधित करते हुए वैश्विक व्यापार के विस्तार के लिए समुद्री नौवहन मार्गों की आज़ादी और नाविकों की सुरक्षा को जरूरी बताया और कहा कि भारत इन बातों का दृढ समर्थक है।
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वैश्विक समस्याओं का समाधान निकालने का आह्वान
उन्होंने कहा कि दुनिया में जब व्यापार की राहों में बाधाएं बढ़ रही हैं, भारत व्यापार समझौतों के माध्यम से आर्थिक सम्पर्क सेतुओं का निर्माण कर रहा है। प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स देशों की क्षमता और ताकत का सम्मिलित रूप से इस्तेमाल कर वैश्विक समस्याओं का समाधान निकालने का आह्वान किया।
दुनिया में व्यापार के विस्तार के लिए समुद्री मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर बल देते हुए पीएम मोदी ने कहा- ”दुनिया में व्यापार आगे तभी बढ़ सकता है जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति की राहें खुली हों और नाविक सुरक्षित हों। इसीलिए भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है।” उन्होंने ये बातें ऐसे समय कही हैं जबकि पश्चिम एशिया में होर्मूज जल-डमरू मध्य में जहाजों का आना जाना अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते रुक सा गया है।
BRICS Leaders on their arrival at Bharat Mandapam for the BRICS Business Forum. #BRICS2026 #BRICSIndia2026 #IndiaBRICSChairship pic.twitter.com/gupAs3Ml5g— BRICS 2026 (@BricsIndia2026) September 11, 2026
इसके अलावा अमेरिका तथा कुछ अन्य देश दूसरे देशों के खिलाफ व्यापार में ऊंचे शुल्क ओर अन्य प्रतिबंधात्मक उपाय करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में आज जब व्यापार की राह में बाधाएं बढ़ रहीं हैं, भारत (विभिन्न बाजारों के साथ) आर्थिक संम्पर्क सेतु का निर्माण कर रहा है।”
भारत आर्थिक वृद्धि और मजबूती का भरोसा
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किये हैं । उन्होंने कहा- ‘ब्रिक्स समूह में भी हमारी सोच यही है, बाधाओं को कम करना, और कारोबार के लिए अवसर बढ़ाना।” उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में समूह ने कृषि , स्वास्थ्य, कौशल विकास और स्मार्ट-ग्रिड जैसे क्षेत्रों में, सहयोग के नए नेटवर्क का गठन किया है। स्टार्ट-अप और लघु तथा मझोले उद्यमों को, मार्केट और कर्ज सुविधाओं से जोड़ने के लिए, हमने ब्रिक्स इन्क्युबेटर नेटवर्क, ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल, और ब्रिक्स स्टर्टअप नवाचार कोष जैसी पहले की हैं।
BRICS Buisness Forum
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उन्होंने कहा कि ये पहले समूह के देशों के बीच निवेश एवं कौशल के आदान प्रदान को बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं। PM मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की गति और मजबूती का हवाला देते हुए कहा कि ‘वैश्विक चिंताओं के बीच भी भारत आज आर्थिक वृद्धि और मजबूती का भरोसा दे रहा है।”
ब्रिक्स की चर्चाओं के मुख्य विषय
उन्होंने वैश्विक निवेशक समुदाय से भारत में भारत में नवाचार और आविष्कार करने के लिए आने और यहां से दुनिया के बाजारों के लिए बड़े पैमाने के उत्पादन के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स की चर्चाओं के मुख्य विषय “बिल्डिंग फॉर रेज़िलियेन्स, इनोवेशन, को-ऑपरेशन एण्ड सस्टेनिबिलिटी” (दृढता, नवाचार, सहयोग और निरंतरता का निर्माण) का उल्लेख करते हुए कहा कि पछले बारह वर्षों में, भारत ने इस मंत्र को अपनी अर्थव्यवस्था और व्यापार नीति का आधार बनाया है।
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दृढता की बात करें, तो भारत ने ईंधन से लेकर आपूर्ति श्रृंला तक को अधिक विविधीकृत और भरोसेमंद बनाया है। इसी दृढता का परिणाम है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी, भारत आज वृद्धि और निरंतरता का भरोसा दे रहा है। उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर सेमीकन्डक्टर, क्वांटम, क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भारत, वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसरों का केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत में एक स्टार्टअप क्रांति हो रही है, देश शेष विश्व के लिए भी समाधान निकालने का केंद्र बन रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने यूपीआई का विशेष रूप से उल्लेख किया। पीएम मोदी ने कहा- “हमें गर्व है कि भारत के इस विश्वस्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र (यूपीआई) को कई देश अपना रहे हैं। ब्रिक्स देशों के नवाचार भी, इस अनुभव के आधार पर, अपने देशों के लिए नए सोल्युशंस तैयार कर सकते हैं।” ब्रिक्स देश वैश्विक नवाचार और समाधान के लिए महत्वपूर्ण सेंटर्स भी बन रहे है। उन्होंने समूह का आह्वान किया- ‘ब्रिक्स आगे बढ़े, और दुनिया को भी आगे बढ़ाये।
