
यूपी चुनाव से पहले सीएम योगी ने बताई विकास की यात्रा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर तेज हो रही राजनीतिक सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि बड़े चुनाव के नतीजे किसी एक नहीं, अनेक कारणों से तय होते हैं और उनकी सरकार के हर काम का लक्ष्य चुनावी गणित को साधने की बजाय प्रदेश के हर वर्ग को विकास की यात्रा में शामिल करना रहा है।
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उत्तर प्रदेश के नौजवानों के सपनों को साकार करने हेतु आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती 2023 के अंतर्गत पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) एवं पुलिस सहायक… pic.twitter.com/LKu2kmx4V3— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 20, 2026
मेरी सरकार का लक्ष्य : योगी
देश की राजनीति की दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस प्रदेश में अगले साल के शुरू में होने वाले विधान सभा चुनाव 2029 के आम चुनावों के संकेत की दृष्टि से देखे जा रहे हैं। ये चुनाव योगी आदित्यनाथ के लिए प्रदेश में भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने की बड़ी चुनौती हैं। इस चुनौती से खुद उनका कद और पद जुड़ा है।

प्रदेश की राजनीति की शतरंज की बिसात पर भाजपा को मात देने के लिए जहां समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछड़ा , दलित और अल्पसंख्यक (PDA) की गोटियां बिठाने में लगे हैं वहीं कांग्रेस के नेता राहुल गांधी प्रदेश में पार्टी का खोया आधार पुन: हथियाने के लिए Gen-Z को लुभा रहे हैं। उत्तर प्रदेश को उसकी प्राचीन संस्कृति और विरासत के साथ मजबूती से जोड़े रखते हुए उद्योग व व्यवसाय का एक पसंदीदा स्थान बनाने तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर ( एक हजार अरब डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को लेकर चल रहे मुख्यमंत्री योगी को अपने काम और अपने प्रशासन पर भरोसा है।
PDA की रणनीति पर योगी का हमला
राजनीतिक सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री योगी ने मीडिया से खास बातचीत में कहा- “प्रदेश का राजनीतिक गणित चाहे कुछ भी हो पर एक मुख्यमंत्री के तौर पर हमारी कोशिश यूपी की विकास यात्रा में समाज के हर वर्ग को शामिल करना है ताकि वह भी उत्तर प्रदेश की तरक्की में खुद को शामिल महसूस कर सके।”
कांग्रेस के युवराज ने भी अपनी ‘झूठ की गूंज’ में जिस प्रकार का आचरण किया, वह नारी शक्ति का अपमान है… pic.twitter.com/N7OplVuF0W— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 20, 2026
विपक्ष की PDA की रणनीति और सहयोगी दलों की दबाव की राजनीति को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने कहा- ”चुनाव कई चीज़ों से तय होता है। प्रतिनिधित्व, उम्मीदें, स्थानीय मुद्दे, गवर्नेंस, उम्मीदवार और सबसे बढ़कर, लोगों का रोज़मर्रा की ज़िंदगी में सरकार के साथ अनुभव।
2017 और 2022 में ओबीसी और दलित समुदायों ने बड़ी संख्या में इस सरकार का समर्थन किया क्योंकि सरकार बिना किसी भेदभाव के उन तक पहुंची है।” मुख्यमंत्री ने गरीबों तक बिना भेदभाव किये राशन, पक्का घर, पानी और शौचालय की सुविधा, गांव-गांव बिजली पहुँचाने की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा- ”आज कोई नागरिक बिना अपनी जाति बताए शिकायत दर्ज करा सकता है।

लाभार्थी की कोई जाति नहीं- योगी
लाभार्थी की कोई जाति नहीं होती। लाभार्थी एक ऐसी श्रेणी है जो जाति से ऊपर है और यही हमारा गणित और हमारा राजनीतिक फ़ार्मुला है। हमारा तरीका यह पक्का करना है कि हर वर्ग को प्रतिनिधित्व, सम्मान, सुरक्षा और मौका मिले। सामाजिक न्याय का मतलब सिर्फ प्रतिनिधित्व नहीं है; इसका मतलब नौकरियां, शिक्षा, बुनियादी ढांचा, सुरक्षा और मौकों तक समान पहुंच भी है।”
नौकरियों और निवेश पर सीएम बोले सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा- “गठबंधन और सीट-बंटवारे की बात करें तो ये संगठन के बातचीत करने के मामले हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर मेरी जिम्मेदारी साफ़ है। यह पक्का करना कि शासन हर समुदाय, हर जिले और हर घर तक पहुंचे।” उत्तर प्रदेश में नौकरियों और निवेश को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए योगी ने कहा- ”राज्य सरकार निवेशकों को आकर्षित करने, निवेश को आर्थिक गतिविधियों, उद्यम और नौकरियों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ी है।
हर प्रकार के अत्याचार को रोका जाना चाहिए… pic.twitter.com/U6bmmWbeyR— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 20, 2026
2023 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में, राज्य को 33.5 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट प्रस्ताव मिले, जिनसे 93 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होने की संभावना है। उस पाइपलाइन का एक बड़ा हिस्सा अब एमओयू के चरण से आगे बढ़ चुका है, और 7.5 लाख करोड़ रुपये का और इन्वेस्टमेंट ग्राउंड-ब्रेकिंग (काम शुरू करने) के लिए तैयार है।”
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मानव संसाधन को मानव पूंजी में बदलना और उस युवा की क्षमता तथा कार्यकुशलता को बाजार में स्थान दिलाना चाहती है, जो 2017 से पहले अक्सर रोज़ी-रोटी की तलाश में प्रदेश से पलायन करने को मजबूर थे। इसलिए हम पूरे राज्य में एक रोजगार के अवसरों का पारिस्थितिकी तंत्र बना रहे हैं। इसमें उद्योग केंद्रित कौशल-विकास की व्यवस्था से लेकर जीसीसी (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) और इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास का वातावरण बनाने से लेकर डेटा सेंटर्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग तक शामिल है।’
युवाओं को दिया बुनियादी ढांचा
उन्होंने कहा कि सरकार 96 लाख से ज़्यादा सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई इकाइयों ), 24,000 से ज्यादा स्टार्टअप और 35,000 से ज्यादा फैक्ट्रियों के आधार पर काम कर रहे हैं, जबकि कुछ बड़े औद्योगिक गलियारों के साथ 27 समन्वित विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स संकुल विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा- ‘यह कोई अलग-थलग पहल नहीं हैं। यह बुनियादी ढांचा ही है जिनके ज़रिए इन्वेस्टमेंट को उद्यमों, सप्लाई चेन, हुनर और नौकरियों में बदला जा सकता है और यह ‘जेन जेड’ के लिए ज़रूरी है।
योगी ने कहा- “आज उत्तर प्रदेश का युवा सरकारी नौकरी से कहीं ज़्यादा कुछ चाहता है। वह यहां पढ़ाई करने, काम करने, बिज़नेस बनाने और उत्तर प्रदेश से उभर कर वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने का आत्मविश्वास चाहते हैं। … हमने युवाओं के लिए कुशल पेशेवर, उद्यमी, नवप्रवर्तन करने और नौकरी पैदा करने वाले बनने के हालात बनाए हैं। मकसद सिर्फ पलायन रोकना नहीं है। इसका मकसद उत्तर प्रदेश को एक ऐसी जगह बनाना है जहाँ युवा अपना भविष्य बनाने का फ़ैसला करें।”
नारी सशक्तीकरण का काम किसी ने किया है, तो वह आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है… pic.twitter.com/KbC7DLJrnW— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 20, 2026
उत्तर प्रदेश के विकास
उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन (एक हजार अरब) डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर पूछे गए सवाल पर योगी ने कहा- “उत्तर प्रदेश पहले से ही तेजी से आर्थिक विकास की राह पर है। हमारा जीएसडीपी 2016-17 में 13.30 लाख करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 36 लाख करोड़ हो गया है और राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में इसके लगभग 40 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। अब हमारा लक्ष्य उस रफ़्तार को बनाए रखना और ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत करना है।”
मुख्यमंत्री ने कहा- हमने एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, भरोसेमंद बिजली, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर का मजबूत आधार तैयार किया है। अगला चरण इंडस्ट्रियलाइजेशन को और बढ़ाना, एक्सपोर्ट बढ़ाना, एमएसएमई को मजबूत करना और पूरे राज्य में अच्छी वैल्यू वाली नौकरियां पैदा करना है। यह विकास केवल नोएडा और गाजियाबाद तक ही सीमित नहीं रह सकता। पूर्वांचल और बुंदेलखंड को उत्तर प्रदेश के विकास के अगले चरण का अहम इंजन बनना होगा।
कृषि-प्रधान समाज है यूपी
उन्होंने कहा- बुंदेलखंड में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी है, जबकि पूर्वांचल को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरते हुए इंडस्ट्रियल क्लस्टर से फायदा मिल रहा है। बड़ी रणनीति यह है कि हर इलाके को बाजारों से जोड़ा जाए, स्थानीय खूबियों के आधार पर क्लस्टर बनाए जाएं और निवेश को स्थानीय प्रतिभाओं और संसाधनों के करीब लाया जाए।
अगले तीन-चार महीने के अंदर पुलिस बल में महिलाओं की उपस्थिति 50 हजार से अधिक होगी… pic.twitter.com/JxCdYOsgM1— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 20, 2026
उन्होंने कहा- गोरखपुर पूर्वांचल के लिए उद्योग और माल परिवहन का एक बड़ा केंद्र बन सकता है; वाराणसी में टेक्सटाइल, हस्तशिल्प, पर्यटन और सेवा सेवा क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं; बुंदेलखंड विनिर्माण उद्योग और रक्षा साजोसामान बनाने वाले कारखानों के गढ़ के तौर पर उभर सकता है। उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने कहा-“उत्तर प्रदेश मूल रूप से एक कृषि-प्रधान समाज है और किसी भी समाज की तरह, यह भी बदल रहा है।
लेकिन कुछ आदतें और चुनौतियां जो सदियों से ग्रामीण जीवन का हिस्सा रही हैं, वे कुछ ही सालों में खत्म नहीं होतीं। आवारा मवेशी भी ऐसी ही एक समस्या है। सरकार ने लगातार कोशिशें की हैं और समाज ने भी अच्छा सहयोग दिया है। हमने मवेशियों के लिए आश्रय की जगह बनाए हैं, उनकी देखभाल में मदद की है और उनके प्रबंध की व्यवस्थाएं बनायीं।
जमाखोरी और कालाबाजारी से बचाया
नतीजे दिख रहे हैं, और हम तब तक सुधार करते रहेंगे जब तक किसान को पूरी तरह सुरक्षित महसूस न हो। राज्य में खाद की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यही बात खाद और खेती के सामान पर भी लागू होती है। हमारी जिम्मेदारी यह पक्का करना है कि किसान को ज़रूरत पड़ने पर खाद मिले और उसे जमाखोरी और कालाबाजारी से बचाया जाए।
खेती के ज़्यादा कुशल तरीकों से हमने नौ सालों में काफी तरक्की की है और नतीजे साफ दिख रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और कृषि-प्रधान राज्य के लिए सुधार एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। एक सवाल के के जवाब में योगी ने कहा कि सामाजिक न्याय का मतलब प्रतिनिधित्व और काम पूरा करना, दोनों है।
9.5 लाख युवाओं को हम लोगों ने यूपी के अंदर सरकारी नौकरी दी है… pic.twitter.com/l1GSS34k1u— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 20, 2026
उत्तर प्रदेश के हर वर्ग को राज्य की संस्थाओं में खुद को देखना चाहिए, और हमारी सरकार ने पक्का किया है कि भर्ती में संवैधानिक आरक्षण लागू हो। नौ सालों में, राज्य में लगभग 9.50 लाख नियुक्तियां की गई हैं, जिनमें भर्ती प्रक्रिया के दौरान आरक्षण लागू किया गया। जब किसी परीक्षा में गड़बड़ी हुई, तो हमने उसे रद्द कर दिया और दोबारा आयोजित किया, भले ही इसमें प्रशासनिक खर्च और राजनीतिक नतीजे भुगतने पड़े, क्योंकि गड़बड़ भर्ती प्रक्रिया से पिछड़े वर्ग और दलित उम्मीदवारों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है।
कांस्टेबल और होमगार्ड की भर्तियों
उन्होंने कहा- हाल ही में हुई कांस्टेबल और होमगार्ड की भर्तियों को देखें, जहां युवाओं ने 75,000 से ज़्यादा पदों के लिए मुकाबला किया। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की उनकी इच्छा एक अहम बात दिखाती है: उन्हें भरोसा है कि चयन योग्यता और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर हो सकता है, न कि प्रभाव या पैसे के दम पर। दशकों तक, उत्तर प्रदेश में भर्ती ऐसी बाधाओं से जुड़ी रही, और जिन लोगों के पास इनके लिए साधन नहीं थे, उन्हें ही सबसे ज़्यादा नुकसान उठाना पड़ा।
हम उस स्थिति को बदलने की कोशिश कर रहे हैं – पहुंच जो संपर्कों से तय होती थी, उसे पारदर्शी तरीके से तय होने वाले मौकों में बदलना। सरकार में प्रतिनिधित्व मायने रखता है, लेकिन यह पक्का करना भी उतना ही ज़रूरी है कि सबसे आखिरी गांव के युवा को भी व्यवस्था पर उतना ही भरोसा हो जितना किसी और को।
पेपर लीक और विरोध प्रदर्शन पर योगी का जवाब
पेपर लीक और विरोध प्रदर्शन लेकर पूछे गए सवाल को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शांतिपूर्ण असहमति, सरकार की आलोचना और वैध विरोध लोकतांत्रिक अधिकार हैं और सरकार को उनका सम्मान करना चाहिए। मेरी जिम्मेदारी लोगों को मुझसे असहमत होने से रोकना नहीं है। यह सुनिश्चित करना है कि असहमति हिंसा, धमकी, परीक्षा धोखाधड़ी, सार्वजनिक संपत्ति का विनाश या सार्वजनिक व्यवस्था में जानबूझकर व्यवधान न बने।
याद रखना, अगर देश के ऊपर संकट आएगा तो न धर्म सुरक्षित रहता है, न जाति सुरक्षित रहती है, न उपासना विधि सुरक्षित होती है, न पर्व और त्योहार सुरक्षित रहेंगे… pic.twitter.com/zOrfGZ0OGI— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 20, 2026
योगी ने कहा, “2017 से पहले उत्तर प्रदेश में एक अलग ही सामान्य स्थिति थी. एक अफवाह से कर्फ्यू लग सकता है; दुकानें कई दिनों तक बंद रहेंगी, दिहाड़ी मजदूरों की कमाई खत्म हो जाएगी और छात्रों की परीक्षाएं छूट सकती हैं। जो दुकानदार अपनी दुकान नहीं खोल सकता, उसकी आज़ादी की बात किसी ने नहीं की. इसलिए जब हम किसी निर्मित वीडियो के खिलाफ कार्रवाई करते हैं जो हिंसा भड़का सकता है, तो हम वैध भाषण के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं; हम उस जिले को खुला रखने के लिए कार्य कर रहे हैं। पेपर लीक पर भी यही सिद्धांत लागू होता है। छात्र कभी भी निशाने पर नहीं थे. यह कार्रवाई परीक्षा पत्र लीक करने और बेचने वालों के खिलाफ थी।
जब एक परीक्षा रद्द कर दी गई और काफी लागत पर दोबारा आयोजित की गई, तो यह सुनिश्चित करना था कि एक छात्र जिसने तीन साल तक तैयारी की थी, वह लीक हुआ पेपर खरीदने वाले किसी व्यक्ति से हार न जाए।”
धार्मिक पर्यटन की उपस्थिति हमारी सभ्यतागत विरासत
उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के विकास को लेकर पूछे गए एक सवाल पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “उत्तर प्रदेश में अयोध्या, काशी और मथुरा-वृंदावन की उपस्थिति हमारी सभ्यतागत विरासत है।
भारत की वास्तविक चेतना उसकी सनातन परंपरा में है।
अगर सनातन भारत की जीवन-दृष्टि है, तो नारी उस जीवन-दृष्टि का स्पंदन है।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्कर्ष नारी सम्मान युवा स्वाभिमान, प्रेरणा विमर्श-2026 के समापन समारोह में आज सम्मिलित हुआ।
इस अवसर पर… pic.twitter.com/1KnGnVgOL8— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 20, 2026
यह हमारी ताकत है और इसे संरक्षित करना, विकसित करना और दुनिया के सामने प्रस्तुत करना हमारा कर्तव्य है। और विरासत और विकास बिल्कुल साथ-साथ चल सकते हैं। 2021 में माननीय प्रधान मंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए काशी विश्वनाथ धाम को देखें। इसमें 25 करोड़ से अधिक भक्त आए हैं और अनुमान है कि इससे आर्थिक गतिविधि में 1.25 लाख करोड़ रुपये उत्पन्न हुए हैं। ये पैसे दशाश्वमेध में नाविक, मदनपुरा में बुनकर, विक्रेता, पुजारी, ऑटो चालक, होटल मालिक और होमस्टे चलाने वाली महिला के पास गए।
यह बुनियादी ढांचे के नेतृत्व वाले पर्यटन की शक्ति है: यह जमीनी स्तर पर आजीविका पैदा करता है।” उन्होंने कहा कि यही कहानी अयोध्या और प्रयागराज में भी नजर आ रही है। राम मंदिर के बाद अयोध्या में आगंतुकों की संख्या में असाधारण वृद्धि देखी गई है, जबकि महाकुंभ 2025 में अनुमानित 66 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज आए थे। राज्य ने बुनियादी ढांचे का निर्माण किया और स्वच्छता, पानी, परिवहन, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था के साथ अभूतपूर्व पैमाने पर लोगों का प्रबंधन किया।
यूपी की जनता की सेवा की जिम्मेदारी है- योगी
यह स्वास्थ्य या शिक्षा की कीमत पर नहीं है। वही सरकार जो हमारी विरासत का विकास कर रही है, उसने निरंतर सार्वजनिक-स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के माध्यम से पूर्वी उत्तर प्रदेश में एन्सेफलाइटिस से भी निपटा है। एक ऐसी बीमारी जिसने इस क्षेत्र को दशकों से पीड़ित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ”हमने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे में नाटकीय रूप से विस्तार किया है, और हर मंडल में एक विश्वविद्यालय लाया है।
उत्तर प्रदेश में अब 80 से अधिक मेडिकल कॉलेज और 80 से अधिक विश्वविद्यालय हैं। इसलिए हमारा मॉडल विरासत बनाम विकास, या पर्यटन बनाम स्वास्थ्य और शिक्षा नहीं है। यह विरासत, बुनियादी ढांचा, मानव पूंजी और आर्थिक अवसर एक दूसरे को मजबूत कर रहे हैं। हम अपने अतीत और भविष्य के बीच चयन नहीं कर रहे हैं। हम आज अवसर पैदा करने के लिए अपनी विरासत का उपयोग कर रहे हैं, साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल में निवेश कर रहे हैं जो उत्तर प्रदेश के भविष्य को परिभाषित करेगा।”
2027 के बाद राष्ट्रीय भूमिका को लेकर लग रही अटकलों को लेकर योगी ने कहा- “मैंने सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी की भावना के साथ और राष्ट्र प्रथम को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत मानते हुए प्रवेश किया है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी ने मुझे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा की जिम्मेदारी सौंपी है। मैं इसे अपने सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा विशेषाधिकार और उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी मानता हूं। मेरा पूरा ध्यान इस राज्य को आर्थिक, सामाजिक और शासन के मामले में आगे ले जाने पर है।”
