
वोट चोरी पर विपक्ष राष्ट्रपति भवन पहुंचा, मांगे गए सबूत!
दिल्ली: इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोट चोरी के आरोपों को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
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राष्ट्रपति ने मांगे वोट चोरी के सबूत

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति को पिछले चार दिनों से वोट चोरी के खिलाफ चलाये जा रहे आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उनसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग भी की गयी।
MEMORANDUM TO THE HON’BLE PRESIDENT OF INDIA https://t.co/GdTckWheea
— Congress (@INCIndia) October 9, 2026
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के मामलों के सबूत मांगे हैं, जिन्हें विपक्ष संकलित कर उन्हें सौंपेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल की बातें ध्यान से सुनीं और मामले की जांच करने तथा उचित कदम उठाने पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
विपक्ष रखेगा राष्ट्रपति को सामने सबूत
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि इस संबंध में सबूत मांगे हैं। उंन्होने कहा कि चुनाव में वोट चोरी के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार देश दोषी हैं और वे मिलकर लोकतंत्र को बर्बाद कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा – विपक्ष राष्ट्रपति के सामने सभी सबूत रखने के लिए तैयार है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर संभव रास्ता अपनायेगा।
महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के साथ हमारी मीटिंग हुई।मैं आश्चर्यचकित रह गया कि जब हमने ‘वोट चोरी’ के बारे में जानकारी दी तो उन्होंने इसे मानने से इनकार नहीं किया। उन्होंने ये नहीं कहा कि हिंदुस्तान में चुनाव चोरी नहीं हो रहे हैं।उल्टा राष्ट्रपति जी ने हमसे कहा है- आप ‘वोट चोरी’ के सबूत लाइए। हम उन्हें ‘वोट चोरी’ का सबूत देने को तैयार हैं। पूरा देश जानता है, छात्र जानते हैं कि देश में ‘वोट चोरी’ हो रही है। नरेंद्र मोदी इसके architect हैं। अमित शाह और ज्ञानेश कुमार इसे लागू कर रहे हैं। राष्ट्रपति जी ने इससे भी इनकार नहीं किया।: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi📍 दिल्ली
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विपक्षी सांसद पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गये थे लेकिन उन्हें रोककर पुलिस थाने ले जाया गया। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया और अब राष्ट्रपति के सामने मामला रखा गया है। विपक्ष सोमवार को उच्चतम न्यायालय में भी इस मुद्दे को उठायेगा।
ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- विपक्ष ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है और उन्होंने मामले की जांच करने तथा विवरण देखने की बात कही है। ममता बनर्जी ने कहा – राष्ट्रपति ने सबूत मांगे हैं, जिन्हें विपक्ष उन्हें उपलब्ध करायेगा। उन्होंने कहा कि देश इस मुद्दे को लेकर चिंतित है और राष्ट्रपति से संविधान की संरक्षक के रूप में लोकतंत्र की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने की अपील की।
INDIA गठबंधन के नेताओं ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के सामने रखा और उन्हें ज्ञापन सौंपा।हम सभी ने राष्ट्रपति जी को बताया कि CEC ज्ञानेश कुमार ने बहुत बड़ी गलती है और चुनाव आयोग ‘वोट चोरी’ में शामिल है।हमने मांग रखी है कि EVM को चुनावी प्रक्रिया से हटाया जाए और देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।राष्ट्रपति जी ने ‘वोट चोरी’ के सबूत मांगे हैं; हम इन सबूतों को इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें सौंप देंगे।हमने राष्ट्रपति जी से यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह लोकतंत्र को ख़त्म करने पर आमादा हैं।राष्ट्रपति जी ने हमारी बात सुनी और कहा कि वे हमारी बातों पर संज्ञान लेंगी और सही कदम उठाएंगी। हम राष्ट्रपति जी के साथ हुई इस बातचीत से पूरी तरह से संतुष्ट हैं।: महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से बातचीत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge का बयान-📍 दिल्ली
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए मामले की जांच का आश्वासन दिया है। प्रतिदिन मंडल के राष्ट्रपति भवन पहुंचने से पहले गठबंधन के सांसदों ने विजय चौक तक मार्च निकाला। इससे पहले सांसदों ने संसद भवन के संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक की। बैठक में राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन को अंतिम रूप दिया गया और विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। इसके बाद सांसद संसद भवन से विजय चौक की ओर रवाना हुए।
संविधान और जनता के अधिकार समाप्त हो जायेंगे
INDIA bloc leaders met Hon’ble President Droupadi Murmu ji and submitted a memorandum regarding Vote Chori.📍New Delhi https://t.co/EV4XRCqaG4
— Congress (@INCIndia) October 9, 2026
खरगे ने मार्च में शामिल होने के दौरान कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने खुले तौर पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनकी गलतियों के बारे में समझाने की बात कही है, लेकिन इसके बावजूद वह नहीं माने। दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए तैयार नहीं है। विपक्ष कई वर्षों से चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी समस्याएं सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने रख रहा है, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गयी। आजादी के बाद संविधान ने जनता को वोट देने का अधिकार दिया, लेकिन अब यह अधिकार छीने जाने का खतरा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार छोटी मछली हैं लेकिन उनके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उनकी सरकार है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के अधिकार छीनकर तानाशाही करना चाहती है। यदि तानाशाही आती है तो लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकार समाप्त हो जायेंगे। विपक्ष इनकी रक्षा के लिए लड़ रहा है। खरगे ने कहा- विपक्ष राष्ट्रपति को बतायेगा कि सभी नेता जनता के वोट के अधिकार के कारण ही यहां तक पहुंचे हैं। यदि वोट देने का अधिकार छीन लिया गया तो देश में तानाशाही की स्थिति पैदा हो जायेगी।
जवाहरलाल नेहरू का राहुल ने किया जिक्र
🔹We took the memorandum to the President of India.🔹We clearly stated that PM Narendra Modi, HM Amit Shah and CEC Gyanesh Kumar have conspired to destroy Indian democracy.🔹The President did not deny, question or argue against anything we said. She accepted what we said and our statement. She asked us to bring proof of election chori. I said that the proof of election chori is known to the whole country. State after state has been stolen. The 2024 election was stolen, and yet the President wants us to submit proof to her.🔹 We will happily take all the proof we have collected to her when she is ready to accept it.🔹I actually expected the President to deny that vote chori is taking place and say that India has a free and fair election system. But I was shocked and stunned that the President of India accepted what we said.: LoP Shri @RahulGandhi after meeting Hon’ble President Droupadi Murmu ji
— Congress (@INCIndia) October 9, 2026
इससे पहले संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में गठबंधन के नेताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त 1947 के ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया। उन्होंने नेहरू के भाषण के अंश उद्धृत करते हुए कहा कि वह भारत, पूरे एशिया और दुनिया के लिए एक निर्णायक क्षण था।
स्वतंत्रता के साथ पूर्व में एक नया सितारा उदित हुआ और एक नयी आशा का जन्म हुआ। उन्होंने नेहरू की इस कामना का भी उल्लेख किया कि स्वतंत्रता का यह सितारा कभी अस्त न हो और लोगों की आशाएं कभी निराशा में न बदलें। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि विपक्ष मतपत्रों के जरिए चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहा है।
बैठक में कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सुप्रिया सुले, कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और माकपा सांसद जॉन ब्रिटास सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
