
गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा में मंगल दोष का परिहार
गुरु शिक्षा: गुरु प्रसाद में आज गुरु ज्ञान में आज का विषय जीवन साथी का व्यवहार कैसा होगा, जैसा कि प्रत्येक रविवार और गुरुवार को ज्योतिष सीखते आए हैं, वैसे ही आज गुरुवार को गुरु प्रसाद में आज का विषय मंगल दोष का परिहार…
दीप ज्ञान ज्योतिष में सीखे आज का विषय मंगल दोष का परिहार…जैसा की प्रत्येक गुरुवार और रविवार को हम सब ज्योतिष सीखते आए हैं आज का विषय मंगल दोष का परिहार…
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मंगल दोष का परिहार

महर्षि पाराशर ने बताया कि मंगल पराक्रमी साहस उत्साह वर्धक नेतृत्व का कारक ग्रह होता है। मंगली होना कोई दोष नहीं है नहीं प्राचीन पुस्तकों में इसकी कोई चर्चा है, कुंडली में 1,4,7,8,12 भाव में यदि मंगल होता है तो उस भाव में ऊर्जा प्रदान करता है।
मंगल जहां देखता है चतुर्थ, सप्तम, अष्टम भाव को पूर्ण दृष्टि से उस भाव को भी ऊर्जावान बनाना चाहता है, इसलिए लड़का हो या लड़की जो भी उसका पार्टनर हो वह उसी तरह ऊर्जावान है तो सब ठीक होगा नहीं तो उसके विचार में भिन्नता रहेगी तो आपसी तनाव होगा।
जानें किस भाव में मंगल का प्रभाव

1,4,7,8,12 भाव में मंगल है उसके पार्टनर के कुंडली में उसी स्थान पर ऊर्जावान ग्रह सूर्य-मंगल-शनि-राहु और केतु है तो उसके विचार शक्ति उसी के समकक्ष हो तो आपसी सम्बन्ध में मधुरता रहेगी विवाह शुभ माना जाएगा, परिवार में खुशियां मिलेंगी।
मंगली होना शुभ होता है मंगल से भूमि-वाहन-संबंधी-सुख-सम्पन्नता देखी जाती है। नेतृत्व का कारक ग्रह हैं उससे घबराना नहीं चाहिए, यह फलादेश हजारों वर्ष पूर्व ऋषियों ने बताया है अपनी प्राचीन पुस्तकों में बस उसके अध्ययन की आवश्यकता है। पूजा पाठ कराने वाले से निवेदन हैं आप पुस्तकों का अध्ययन करें फिर फलादेश करें, ज्योतिष शास्त्र बहुत ही सुन्दर ज्ञान है।
NOTE: प्रत्येक गुरुवार को गुरु प्रसाद मिलता रहेगा जो जिज्ञासु लोग है उनकी इच्छा पूर्ण होती है। यह जानकारी गुरु के आशीर्वाद से मिलता है आप सभी को देने का प्रयास करता हूं। जिज्ञासु लोग करियर की जानकारी और लाइफ चेंज के लिए ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते हैं। नोएडा-लखनऊ-कानपुर आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ, 9415126330, 6386254344.
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