
टाटा का इवेको पर कब्जा
मुंबई: टाटा मोटर्स ने इटली की ट्रक निर्माता कंपनी ‘इवेको’ के लगभग 88% शेयर हासिल करने की स्वीकार्यता प्राप्त करने के साथ उसका अधिग्रहण पूरा कर लिया है।
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टाटा मोटर्स ने मंगलवार को शेयर बाजारों बताया कि इवेको के लगभग 12 प्रतिशत शेयरधारकों ने अधिग्रहण सौदे से जुड़े प्रस्तावों के खिलाफ वोट किया था, जबकि 35 प्रतिशत ने कोई वोट नहीं दिया। वहीं, लगभग 53% शेयरधारकों ने टाटा मोटर्स द्वारा किए जा रहे इस अधिग्रहण के पक्ष में वोट दिया। बयान के अनुसार, इवेको के जिन शेयरधारकों ने शुरुआती स्वीकार्यता अवधि के दौरान अपने शेयर नहीं सौंपे थे, उन्हें ओपन ऑफर में भाग लेने का एक और मौका मिलेगा।

‘इवेको’ का अधिग्रहण पूरा किया
अनंतिम परिणामों की पुष्टि और बाकी शर्तों के पूरा होने के बाद स्वीकार्यता अवधि 02 नवंबर से 06 नवंबर तक पांच दिन के लिए फिर से खोली जाएगी। जो शेयरधारक इस दौरान अपने शेयर सौंपेंगे, उन्हें 13 नवंबर को भुगतान कर दिया जाएगा। शेयर सौंपने की प्रक्रिया को फिर से खोलने का निर्णय 16 अक्टूबर को इवेको की असाधारण आम बैठक में पारित एक प्रस्ताव के बाद लिया गया है।
इस प्रस्ताव के तहत, ऑफर के लिए न्यूनतम शेयरधारिता की सीमा को कंपनी की जारी और बकाया कॉमन शेयर पूंजी (ट्रेजरी शेयरों को छोड़कर) के 95% से घटाकर 80% कर दिया गया था। मौजूदा स्वीकार्यता स्तर 87.81% है जो इस संशोधित सीमा से अधिक है।

इस अधिग्रहण की घोषणा पहली बार जुलाई 2025 में की गई थी और इसका एंटरप्राइज वैल्यू लगभग 4.5 अरब डॉलर है। यह सौदा 15 महीने की लंबी प्रक्रिया के बाद पूरा हुआ। इस दौरान कुछ माइनॉरिटी शेयरधारकों (अल्पसंख्यक शेयरधारकों) की ओर से ऑफर प्राइस को लेकर विरोध और देरी भी देखने को मिली थी। टाटा मोटर्स ने 23 अक्टूबर को प्रति शेयर 14.40 यूरो का संशोधित ऑफर दिया था। उस दिन स्वीकार्यता 35 प्रतिशत थी।
Tata is being criminally destroyed, and no business leader dares say a word.How long will you stay silent? Until they own you?Indian business is not Modi and Shah’s plaything. You lack courage. We don’t. We will ensure justice for these crimes.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 28, 2026
टाटा समूह को लेकर राहुल का सवाल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने टाटा समूह को आपराधिक तरीके से बर्बाद किये जाने का आरोप लगाते हुए देश के कारोबारियों से सवाल किया है कि वे कब तक चुप रहेंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय कारोबार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की निजी जागीर नहीं है तथा इस तरह के कामों के लिए न्याय सुनिश्चित किया जायेगा। राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि टाटा समूह को बर्बाद किया जा रहा है और कोई भी कारोबारी नेता इस पर बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा है।
उन्होंने उद्योगपतियों से पूछा कि क्या वे तब तब तक चुप रहेंगे जब तक सरकार उनके कारोबार पर नियंत्रण नहीं कर लेती। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि टाटा समूह को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और प्रधानमंत्री मोदी तथा गृह मंत्री शाह के डर से देश के कारोबारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं लेकिन वह न्याय सुनिश्चित करेंगे। गौरतलब है कि टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में इन दिनों नेतृत्व और शेयर बाजार में सूचीबद्धता को लेकर विवाद चल रहा है।
