
PM मोदी का हमला- विपक्ष कर रहे देश को बदनाम
एकता नगर (गुजरात): प्रधानमंत्री ने देश में मौजूदा विपक्ष की राजनीति के तौर तरीके पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष अपना लोकतांत्रिक कर्तव्य छोड़ कर ‘विरोध’ की जगह ‘अवरोध” की राजनीति कर रहा है।
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देश को बदनाम किया जा रहा
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज सोशल मीडिया का इस्तेमाल लगातार अफवाहें फैलाने और देश की छवि खराब करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जनता से इसका मुकाबला करने का आह्वान भी किया। प्रधानमंत्री मोदी प्रथम उप प्रधानमंत्री लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर यहां एकता नगर परेड ग्राउंड पर आयोजित “राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल और बाबा साहेब अंबेडकर जैसी महान विभूतियों ने जब देश के संविधान का निर्माण किया था, तो उन्होंने सत्ता पक्ष और विरोधी पक्ष की व्यवस्था बनाई। इस व्यवस्था का महत्व भी समझाया ।
Social media is increasingly being misused to spread rumours and tarnish India’s image. It is the collective responsibility of every citizen to counter this.While we have eliminated Naxalism from remote areas, the threat of ‘Dimagi Naxalism’ still persists.The nation must remain vigilant against these Dimagi Naxals.– PM @narendramodi
— BJP (@BJP4India) October 31, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा- ‘लोकतंत्र में विरोधी पक्ष का दायित्व सरकार की नीतियों का विरोध करना है। लेकिन ये हमारा दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विरोधी पक्ष अपना कर्तव्य त्यागकर, विरोध की बजाय अवरोध पक्ष बन चुका है।” उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता “अपनी हताशा और निराशा में ये लोग देश के विकास के सामने अवरोध खड़े कर रहे हैं। यह विरोध नहीं है, यह अवरोध है, जिसे इन्होंने इसी को अपनी राजनीति बना लिया है।”
विरोध नहीं, बल्कि रुकावट पैदा कर रही

प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष के लोग संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगे हैं। उन्होंने कहा- “लोकतंत्र में, विपक्ष से यह उम्मीद की जाती है कि वह सरकारी नीतियों पर सवाल उठाए। लेकिन दुर्भाग्य से, अपनी इस जिम्मेदारी को निभाने के बजाय, विपक्ष ने रुकावटें पैदा करने का रास्ता चुन लिया है। अपनी खुद की नाकामियों के कारण, वे विकास कार्यों में बाधा डालने लगे हैं। यह विरोध नहीं, बल्कि रुकावट पैदा करना है। और उन्होंने (विपक्ष ने) इसे अपनी राजनीतिक रणनीति बना लिया है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी देश के लिए स्वतंत्रता जरूरी होती है। स्वतंत्र देश ही अपने भविष्य का निर्णय स्वयं करता है। स्वतंत्रता को सही दिशा गणतंत्र से मिलती है। गणतंत्र हमें संविधान की मर्यादा में आगे बढ़ाने का मार्ग दिखाता है। संविधान हमें जनता के प्रति जवाबदेह रखता है और एकता हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा- ‘इसलिए अब हमारे देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और एकता दिवस तीनों राष्ट्रीय पर्वों को पूरे उत्साह से मनाया जाता है।”
ये देश की कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता तो है ही, इसमें हमारे देशवासियों की एकता और एकजुटता की भी उतनी ही बड़ी भूमिका है।क्योंकि, जब देश बाहरी चुनौतियों के समाधान तलाश रहा था, उस समय देश के भीतर भी कुछ ताकतें झूठ और अफवाह फैलाकर अस्थिरता पैदा करने में जुट गई थी।लेकिन देशवासी राष्ट्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।यही इस देश की सबसे ताकत है, यही हमारे हौसले का सबसे बड़ा आधार है।– पीएम @narendramodi
— BJP (@BJP4India) October 31, 2026
‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग से निपटने में लोगों एक जुट होने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- ‘सोशल मीडिया का इस्तेमाल अफवाहें फैलाने और भारत की छवि खराब करने के लिए लगातार किया जा रहा है। इसका मुकाबला करना हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दूर-दराज के इलाकों से नक्सलवाद को तो खत्म कर दिया है, लेकिन ‘दिमागी नक्सलवाद’ का खतरा अभी भी बना हुआ है।
देश को इन ‘दिमागी नक्सलियों’ के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कठिन दौर में अर्थव्यवस्था को संभालने में सरकार की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि बीते महीनों में वैश्विक ऊर्जा संकट के दौर में भी देश में पेट्रोल-डीजल की जनता को कमी नहीं होने दी गयी जबकि कई देशों में खरीद पर लिमिट तक लगा दी गई थी। प्रधानमंत्री ने इसे देश के सामर्थ्य, देश की कूटनीतिक और रणनीतिक तथा देशवासियों की एकता और एकजुटता की सफलता बताया, “क्योंकि, जब देश बाहरी चुनौतियों के समाधान तलाश रहा था, उस समय देश के भीतर भी कुछ ताकतें झूठ और अफवाह फैलाकर अस्थिरता पैदा करने में जुट गई थी। लेकिन देशवासी राष्ट्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।”
आज भारत पहले से अधिक सुरक्षित है।आज भारत अधिक संकल्पित है।और इसका एक बड़ा कारण देशवासियों के बढ़ा हुआ आत्मविश्वास है।ये आत्मविश्वास सिद्धियों से आता है, सरकार और व्यवस्था की संवेदनशीलता से आता है।– पीएम @narendramodi https://t.co/wMQs2VB79A
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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में आजादी के बाद से ही गरीबी दूर करने का वादा किया जाता रहा है। गरीबी मिटाने के नाम पर वोट मांगे गए, जिन्होंने ‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया, वे खुद और अमीर होते गए लेकिन गरीबी के हालात कुछ खास नहीं बदले थे। उन्होंने कहा कि हालाँकि, पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदलने लगी है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व बैंक ने एक ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2024 तक के पिछले 10-12 वर्षों में, 50 करोड़ भारतीयों ने गरीबी को पीछे छोड़ दिया है।
एकता के सूत्र में भी पिरोया
आज भारत पहले से अधिक सुरक्षित है। उन्होंने कहा- ‘आज भारत अधिक संकल्पित है। और इसका एक बड़ा कारण देशवासियों के बढ़ा हुआ आत्मविश्वास है। ये आत्मविश्वास सिद्धियों से आता है, सरकार और व्यवस्था की संवेदनशीलता से आता है।”
उन्होंने कहा कि गुजरात में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के जरिए उन्होंने राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का भी श्रीगणेश किया। इस वर्ष उस महान कार्य को भी 75 वर्ष पूरे हुए हैं। पिछले साल हमने सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई थी। आज, जब हम उनकी 151वीं जयंती मना रहे हैं, तो हम कह सकते हैं कि देश ने एक संकल्प पूरा कर लिया है। उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर, मैंने कहा था कि जब तक देश नक्सलवाद और माओवाद से मुक्त नहीं हो जाता, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। ठीक एक साल बाद, हमने वह संकल्प पूरा कर लिया है। आज नक्सलवाद खत्म हो गया है।
सरदार पटेल और बाबा साहेब अंबेडकर जैसी महान विभूतियों ने जब देश के संविधान का निर्माण किया था, तो उन्होंने सत्ता पक्ष और विरोधी पक्ष की व्यवस्था बनाई।इस व्यवस्था का महत्व भी समझाया।लोकतंत्र में विरोधी पक्ष का दायित्व सरकार की नीतियों का विरोध करना है।लेकिन ये हमारा दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विरोधी पक्ष अपना कर्तव्य त्यागकर, विरोध की बजाय अवरोध पक्ष बन चुका है।– पीएम @narendramodi
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘सरदार पटेल ने एक बार फिर उसी भारत की नींव प्रशस्त की। सरदार पटेल भारत के इतिहास का वो मोहन व्यक्तित्व हैं, जिनके बिना आज के भारत की कल्पना भी मुश्किल है। सरदार पटेल ने भारत के वर्तमान स्वरूप को गढ़ा है। विभाजन के बाद भी जिन्होंने हिमालय से हिन्द महासागर तक, भारत को सुरक्षित रखा… वो सरदार पटेल ही थे ! उन्होंने केवल देश के भूगोल को ही नहीं जोड़ा, उन्होंने देश को भावनात्मक एकता के सूत्र में भी पिरोया।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ये इसलिए कर पाए, क्योंकि वो भारत के चरित्र और चेतना से परिचित थे। वो जानते थे कि भारत की विविधता उसकी बाधा नहीं, बल्कि भारत की एकता का वास्तविक आधार है। हम हजारों वर्षों से इसी तरह जीते आए हैं, हमने इसी तरह से प्रगति और समृद्धि के शिखरों को छुआ है।
