दिल्ली नेशनल चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू अलर्ट: सुरक्षा के लिए अस्थायी रूप से बंद
Delhi National Zoo: दिल्ली नेशनल चिड़ियाघर में एक बार फिर बर्ड फ्लू ने दस्तक दी हैं। दो पेंटेड स्टॉर्क मृत पाए गए, जिनकी जांच में H5N1 बर्ड फ्लू पॉजिटिव पाया गया। जिसके चलते चिड़ियाघर को पर्यटकों के लिए बंद किया गया। बताते चले कि यह फैसला दो पेंटेड स्टॉर्क्स की मौत के बाद लिया गया।

दिल्ली नेशनल जू में बर्ड फ्लू का खतरा
आपको बतादें कि चिड़ियाघर को पर्यटकों के लिए किया गया बंद, यह फैसला दो पेंटेड स्टॉर्क्स की मौत के बाद लिया गया जिनके सैंपल में H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। वहीं चिड़ियाघर के डायरेक्टर संजीत कुमार ने बताया कि हालात को काबू में करने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं और चिड़ियाघर 30 अगस्त से अगले आदेश तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
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वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जारी किया आदेश
वहीं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में बताया गया है कि दिल्ली का जू अगले आदेश तक बंद रहेगा। इस आदेश में बताया गया है कि दो सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद यह कदम उठाया गया है। आदेश में कहा गया, “नई दिल्ली की मथुरा रोड पर बना राष्ट्रीय प्राणी उद्यान 30 अगस्त से अगले आदेश तक अस्थायी रूप से आगंतुकों के लिए बंद रहेगा, क्योंकि दो नमूनों में एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया है।”

आदेश में कहा गया है कि आगंतुकों की सुरक्षा और रोग की निगरानी को तीव्र करने के लिए, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान 30 अगस्त से अगले आदेश तक आगंतुकों के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेगा, क्योंकि दो नमूनों में H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। हालांकि, पशुओं और पक्षियों के प्रबंधन हेतु सभी आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी। सभी पर्यवेक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया जाता है।
भोपाल लैब से आई रिपोर्ट के बाद एक्शन
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के निदेशक संजीत कुमार ने बताया कि 27 अगस्त 2025 को दोनों मृत पक्षियों के नमूने भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD) भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट 28 अगस्त की शाम को आई, जिसमें दोनों नमूने H5N1 वायरस पॉजिटिव पाए गए।

जैसे ही रिपोर्ट आई चिड़ियाघर प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। संक्रमण को अन्य पक्षियों, जानवरों और कर्मचारियों तक फैलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। सभी एरिया में गहन निगरानी रखी जा रही है और बायोसेफ्टी प्रोटोकॉल को और मजबूत किया गया है। स्टाफ को भी पूरी तरह सतर्क रहने और सुरक्षा किट का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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इनफ्लुएंजा वायरस (H5N1) क्या है?
H5N1 एक खतरनाक एवियन इनफ्लुएंजा वायरस को आमतौर पर फ्लू वायरस कहा जाता है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है। जोकि कभी-कभी यह इंसानों में भी फैल सकता है और गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। यह एक संक्रामक वायरस है जो श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इंसानों में यह स्वाइन फ्लू के रूप में ज्यादा घातक रहा है। वहीं, जानवरों में बर्ड फ्लू के नाम से प्रचलित है। यही वजह है कि जैसे ही किसी पक्षी में इसके संक्रमण की पुष्टि होती है, तुरंत अलर्ट जारी कर दिया जाता है।

चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है और हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।