ज्योतिष-धर्म

ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: क्या है राहु काल

ज्योतिष ज्ञान: राम राम जी जैसा कि आप सभी जानते है कि प्रत्येक गुरुवार और रविवार को ज्योतिष के क्लास में गुरु का प्रसाद मानकर हम लोग सीखते हैं। ठीक हर हफ्ते रविवार की तरह ज्योतिष ज्ञान में आज का विषय है राहु काल…

ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: क्या है राहु काल

राहु काल की उत्पत्ति

आज का विषय राहु काल…ब्रह्मांड में 7 ग्रह होते है जो सूर्य के चारों ओर पृथ्वी सहित परिक्रमा करते है, समुद्र मंथन के समय जब स्वर भानु नामक राक्षस देव मंडली में घुस गया और प्रसाद रूप में अमृत पी लिया धोखे से उसी समय सूर्य और चंद्रमा ने देख लिया शोर मचाया। तब स्वयं परमात्मा नारायण ने अपने चक्र से उसका सर कलम कर दिया।

Read More: गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा में सीखे मन चाही संतान पाना

सर तो दूर जाकर गिरा लेकिन धड़ वही श्री हरि के चरणों में गिर गया, जो मोक्ष की अधिकारी हो गया जो भी नारायण का चरण पा जाता है उसका मोक्ष होना तय है। यह समाचार जब स्वर भानु के माता को मिली तब वह भगवान शिव के पास गई जहां उसके आराध्य है। शिव का शिष्य स्वर भानु था विलाप कर के रोने लगी।

ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: क्या है राहु काल

तब भगवान शिव ने स्वर भानु के सर को राहु और धड़ को केतु का नाम दिया उसको ग्रह मंडल में छाया ग्रह के नाम से स्थान भी दिया। तब से राहु और केतु को छाया ग्रह के रूप में जाना जाता है। जो प्रत्येक दिन एक निश्चित समय पर अपना अधिकार जमाता है उस समय अगर कोई शुभ काम किया जाता है तो उसमें वह बाधा उत्पन्न करता है।

Read More: सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा इनाम: गडकरी

जाने कब किस समय किस दिन राहु काल होता है उस समय शुभ काम को वर्जित कर देना चाहिए उसके आगे पीछे करना चाहिए।

  • रविवार को शाम 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक
  • सोमवार को सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक
  • मंगलवार को अपरान्ह 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक
  • बुधवार को दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक
  • गुरुवार को दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक
  • शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजे तक
  • शनिवार को सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक
ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: क्या है राहु काल

यह राहु काल शुभ काम के लिए वर्जित हैं, लेकिन क्रूर काम तमोगुणी है उसके लिए शुभ माना जाता हैं। यह जानकारी गुरु कृपा से मिलती हैं।

Read More: लोकसभा में मनरेगा की जगह “ViksitBharat_G_RAM_G” विधेयक 2025 पारित

NOTE:- शेष अगले हफ्ते मिलेगा। ज्योतिष विषय सनातन धर्म से जुड़ा हुआ है गुरु के कृपा से मिलता है। यह जानकारी गुरु कृपा से मिलती है जिन लोगों को ज्योतिष में रुचि हो वह संपर्क करें धर्म परायण होकर साधना करें, आत्म चिंतन स्वाध्याय से प्रगति होगी। मिलने के लिए नोएडा, कानपुर, लखनऊ में अतिरिक्त जानकारी के लिए 9415126330, 6386254344 पर संपर्क करें। आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ…

यह ज्ञान बहुत ही खूब सूरत है इसमें जितना घुसा जाए उतना मजा आता है जीवन का जीव का आत्म का ब्रह्मांड का प्रकृति का ज्ञान भरा पड़ा है। हमारा प्रयास है समाज में जो विद्या लुप्त होती जा रही है, उसको भ्रमित किया जा रहा है अल्प ज्ञानी उसका दुरुपयोग कर रहे है। उन तक ज्ञान का विस्तार पहुंचे, ज्योतिष संबंधी जानकारी जो हर हफ्ते दिया जाता है उसे सीखना चाहते है तो राम नजर मिश्र ज्योतिषाचार्य रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ से संपर्क करें, बाकी ज्योतिष से जुड़ी विशेष जानकारी के लिए भी संपर्क करें।

the voice of hind

https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B7

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *