GRAP-4 हटते ही फिर जहरीली हुई दिल्ली की हवा, बच्चों-बुजुर्गों पर खतरा
दिल्ली: दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हुई, ग्रैप -4 हटते ही ‘बहुत खराब’ श्रेणी में प्रदूषण पहुँचा। कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार पहुंचा। राजधानी में प्रदूषण का प्रकोप एक बार फिर बढ़ गया है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण की पाबंदियां हटने के मात्र तीन दिन बाद ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता शनिवार को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।
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GRAP-4 के 2 रिस्ट्रिक्शन्स को परमानेंट कर दिया गया है। एक कहीं पर भी बिना PUC सर्टिफिकेट के फ्यूल नहीं मिलेगा और यह अगले ऑर्डर तक जारी रहेगा।
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) December 27, 2025
दूसरा, अगर कभी GRAP-4 लगाने की स्थिति आती है, तो भारत स्टेज-6 से कम की दिल्ली से बाहर की गाड़ियों पर बैन रहेगा।
साथ ही, अभी तक 27 ऐसे… pic.twitter.com/lFQegTm5JA
दिल्ली की इन जगह पर फैला जहर
बताते चले कि सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 353 तक पहुँच गया, जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ गई हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में स्थिति ‘गंभीर’ स्तर पर पहुँच गई है। विवेक विहार में AQI- 424 और आनंद विहार में 410 दर्ज किया गया। इसके अलावा जहांगीरपुरी (417), नरेला (413), रोहिणी (409) और बवाना (404) जैसे क्षेत्रों में भी प्रदूषण का स्तर 400 के पार रहा।
दिल्ली में पॉल्यूशन की बहुत बड़ी समस्या है। बायोफ्यूल बर्निंग से खाना बनाने वाली माता और बेटियों का भी नुक्सान होता है और पर्यावरण का भी। इसलिए दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती @gupta_rekha जी ने आज 5,100 बहनों और माताओं को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर और चूल्हा… pic.twitter.com/x33RPVEcDw
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) December 27, 2025
प्रदूषण से जानें किसको है खतरा
वहीं मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली घने स्मॉग और धुंध की चादर में लिपटी रही। प्रदूषण और कोहरे के मेल से दृश्यता काफी प्रभावित हुई है। सफदरजंग में दृश्यता मात्र 400 मीटर और पालम में 800 मीटर दर्ज की गई, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को प्रदूषण स्तर में मामूली सुधार (श्रेणी ‘खराब’) को देखते हुए केंद्र सरकार के पैनल ने ग्रैप-4 की कड़ी पाबंदियों को वापस ले लिया था।
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हालांकि, अब फिर से बढ़ते प्रदूषण ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि बदलता मौसम और स्थानीय प्रदूषक हवा को और अधिक जहरीला बना रहे हैं।
