विश्वनाथ मंदिर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, “नो-व्हीकल जोन” घोषित
वाराणसी: धार्मिक नगरी काशी में इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। सुरक्षा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मैदागिन से गोदौलिया तक सम्पूर्ण क्षेत्र को “नो-व्हीकल जोन” घोषित कर दिया गया है, जहां केवल पैदल आवागमन की अनुमति रहेगी तथा पुलिस वाहनों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
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श्रद्धालुओं से अपील – पुलिस आयुक्त
बताते चले कि विश्वनाथ मंदिर में लगा श्रद्धालुओं का तांता को देखते हुए “श्रद्धालुओं से अपील है कि निर्धारित नियमों का पालन कर पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।” प्रतिदिन लगभग चार से पांच लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं, जिसके मद्देनजर मंदिर एवं आसपास के क्षेत्रों में यातायात पुलिस को 200 अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी कंपनियों तथा निगरानी व्यवस्थाओं की सघन तैनाती की गई है।
#CP_VNS @mhtagarwal द्वारा नए वर्ष के अवसर पर बढ़ती भीड़ के दृष्टिगत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन व्यवस्था के दृष्टिगत किया गया भ्रमण/ निरीक्षण ।#UPPolice#PoliceCommissionerateVaranasi pic.twitter.com/7iaX3gn7nQ
— POLICE COMMISSIONERATE VARANASI (@varanasipolice) December 30, 2025
मोहित अग्रवाल ने बताया कि गोदौलिया से दशाश्वमेध गंगा घाट तक अवैध अतिक्रमण एवं रोड जाम की समस्या पर सख्त रुख अपनाते हुए 10 दुकानदारों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। यातायात सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सड़क के किनारे अथवा वाहनों में बैठकर शराब पीने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सघन चेकिंग एवं सख्त वैधानिक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त तैयारियां
माघ मेले के दौरान आने वाली संभावित अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए महाकुंभ की तर्ज पर भीड़ प्रबंधन की तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं को काशी क्षेत्र में भी प्रभावी रूप से लागू किया गया है। सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंदिर परिसर एवं आसपास के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है, जिससे कतारबद्ध आवागमन बना रहे और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

बम डिस्पोजल टीम के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध वस्तुओं की गहन चेकिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्प्रभावी किया जा सके। गंगा नदी क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नावों की ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है तथा नाव संचालन के दौरान सभी यात्रियों को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाकर ही बैठाने के सख्त निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
