BHU ‘बनारस फिजियो कॉन्क्लेव 2026’ में लखनऊ के डॉ. रजनीश तिवारी (पी टी) सम्मानित
लखनऊ/वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में रविवार को वाराणसी फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन (VPA/BPA) के तत्वावधान में ‘बनारस फिजियो कॉन्क्लेव 2026’ का भव्य और गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। देशभर से आए फिजियोथेरेपिस्ट्स, शिक्षाविदों, खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं की उपस्थिति ने इस कॉन्क्लेव को फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिससे आयोजन की गरिमा और उद्देश्य दोनों स्पष्ट रूप से वर्णित हुए।
Read More: श्रीराम जन्मभूमि के रक्षक: 700 मुगलों को मारने वाला ब्राह्मण का इतिहास

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में विधायक सुशील सिंह, ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह, भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह, राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार बोर्ड सदस्य डॉ. शिप्रा धर, डॉ. विपिन सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व शामिल हुए।
आज बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी वाराणसी में आयोजित "बनारस फिजियो कॉन्क्लेव 2026" कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।@BJP4India @BJP4UP pic.twitter.com/LOl3cEKeff
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) January 11, 2026
इसके साथ ही इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट (IAP) के अध्यक्ष डॉ. गौरव त्यागी और सचिव डॉ. कौशलेंद कुमार की उपस्थिति ने कार्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर की प्रासंगिकता को और सुदृढ़ किया। “इस दौरान बी एच यू, बनारस फिजियो कांक्लेव 2026 में लखनऊ के डॉ रजनीश तिवारी (पी टी) एसकेडी हॉस्पिटल को प्रैक्टिस ट्रांसफॉर्मेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड बेहतर भौतिक चिकित्सा में किए गए अच्छे प्रयास और बदलाव के लिए दिया गया।”
फिजियोथेरेपी: सहानुभूति और विज्ञान का संगम
स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा- चिकित्सा की किसी भी पद्धति से अधिक प्रभावी सहानुभूति होती है। फिजियोथेरेपिस्ट मरीज के साथ निरंतर संवाद कर न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक संबल भी प्रदान करते हैं, जिससे उपचार की प्रक्रिया तेज और प्रभावी होती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पहले फिजियोथेरेपी को केवल हड्डी रोगों तक सीमित समझा जाता था, लेकिन आज यह एक स्वतंत्र, समग्र और अत्यंत महत्वपूर्ण चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित हो चुकी है।

उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से फिजियोथेरेपी के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए बताया कि बीएचयू में निर्माणाधीन सेंटर ऑफ फिजियोथेरेपी को राज्य सरकार का पूर्ण समर्थन मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि मेडिकल काउंसिल की तर्ज पर प्रदेश में अलग से फिजियोथेरेपी काउंसिल के गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा, जिससे शिक्षा, प्रशिक्षण और पेशेवर मानकों को मजबूती मिलेगी।
बीएचयू में फिजियोथेरेपी को मिली स्वतंत्र पहचान
बीएचयू के फिजियोथेरेपी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.एस. पांडेय ने जानकारी दी कि फिजियोथेरेपी विभाग अब अस्थि रोग विभाग से पूरी तरह स्वतंत्र हो चुका है। विद्वत परिषद और राज्य सरकार से इसे स्वतंत्र विभाग की मान्यता मिल चुकी है, जिससे शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा प्राप्त होगी। यह निर्णय छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए दूरगामी लाभ लेकर आएगा।

तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों के विचार
कॉन्क्लेव के दौरान कई तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें देश के प्रतिष्ठित फिजियोथेरेपिस्ट्स और शिक्षाविदों ने अपने अनुभव और शोध साझा किए। प्रमुख वक्ताओं में डॉ. सूर्य मणि, डॉ. अली ईरानी (भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व फिजियोथेरेपिस्ट), डॉ. सूरज कुमार (जामिया मिल्लिया इस्लामिया), प्रो. ए.जी.के. सिन्हा (पंजाबी विश्वविद्यालय), डॉ. सुमित अस्थाना, डॉ. उमेश मिश्र, डॉ. सीमा रानी और डॉ. आकांक्षा राज शामिल रहे।
वक्ताओं ने स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी, आधुनिक तकनीकें, एथलीट्स की रिकवरी प्रक्रिया, चोटों की रोकथाम, न्यूरो-रिहैबिलिटेशन और पेन मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन चर्चा की। सत्रों का संचालन और वक्ताओं का परिचय डॉ. मेघा गुप्ता, डॉ. सोनी पांडेय और डॉ. श्रुति प्रियंकी ने कुशलतापूर्वक किया। कार्यक्रम के अंत में एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें फिजियोथेरेपी के भविष्य, नीति निर्माण और रोजगार के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही बी एच यू, बनारस फिजियो कांक्लेव 2026 में लखनऊ के डॉ रजनीश तिवारी (पी टी) एसकेडी हॉस्पिटल को प्रैक्टिस ट्रांसफॉर्मेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड बेहतर भौतिक चिकित्सा में किए गए अच्छे प्रयास और बदलाव के लिए दिया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई शोभा
कार्यक्रम के दौरान जीवन दीप, एपेक्स और हेरिटेज समूहों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को जीवंत और यादगार बना दिया। इन प्रस्तुतियों ने चिकित्सा और संस्कृति के समन्वय को दर्शाते हुए प्रतिभागियों का मन मोह लिया।

सम्मान और आयोजन की सफलता
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों और वक्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस सफल आयोजन में कॉन्क्लेव के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार सिंह, सचिव डॉ. अमितेश गिरी (अध्यक्ष VPA), कोषाध्यक्ष डॉ. मयंक सिंह, डॉ. अभिनव श्रीवास्तव (कोषाध्यक्ष VPA) और डॉ. अवनीश कुमार सिंह (सचिव VPA) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनके नेतृत्व और समन्वय से यह आयोजन न केवल सफल रहा बल्कि फिजियोथेरेपी समुदाय को एक साझा मंच भी प्रदान कर सका।
Iran Crisis: केरलवासियों के लिए Norka ने सक्रिय किया हेल्पडेस्क
