Hug Therapy: गले मिलिए, खुश रहिए
Hugging Lifestyle: गले मिलना यानी आलिंगन—यह एक ऐसा सरल लेकिन बेहद गहरा मानवीय व्यवहार है, जो शब्दों के बिना भी भावनाओं को व्यक्त कर देता है। जब शब्द कम पड़ जाते हैं, तब एक सच्चा आलिंगन बहुत कुछ कह जाता है। गले मिलना केवल एक सामाजिक शिष्टाचार नहीं है, बल्कि यह मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालता है। यह प्रेम, अपनापन, सहानुभूति, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक है।

वैज्ञानिकों ने बताया Hugging का रहस्य
वहीं फिजिकल टच, खासकर गले मिलना, हमारी इमोशनल भलाई में एक अहम भूमिका निभाता है। जिसको लेकर वैज्ञानिकों ने पाया है कि गले मिलने से ऑक्सीटोसिन निकलता है, जिसे अक्सर “लव हार्मोन” कहा जाता है, जो जुड़ाव की भावना को बढ़ावा दे सकता है और तनाव को कम कर सकता है। जब हमें गले मिलते हैं, तो यह सुरक्षा और सुकून की भावना को बढ़ावा देकर चिंता, अकेलेपन और डिप्रेशन की भावनाओं को कम करने में मदद कर सकता है।
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दिन में कम से कम चार बार गले मिलने की सलाह मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सोशल इंटरेक्शन और बॉन्डिंग के महत्व को बताती है। रेगुलर फिजिकल स्नेह रिश्तों को मजबूत कर सकता है और कुल मिलाकर इमोशनल मजबूती में सुधार कर सकता है, जिससे यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य को सपोर्ट करने का एक आसान लेकिन असरदार तरीका बन जाता है। यह इस बात की याद दिलाता है कि हमारे जीवन में इंसानी जुड़ाव कितना ज़रूरी है।

Hugging इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता
गले मिलने (Hugging) से शरीर में ऑक्सीटोसिन, डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे ‘फील-गुड’ हार्मोन का स्राव होता है, जो तुरंत तनाव कम करते हैं, मानसिक सुकून बढ़ाते हैं और भावनात्मक जुड़ाव (bonding) मजबूत करते हैं। यह शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है, क्योंकि यह ब्लड प्रेशर कम कर सकता है और इम्यून सिस्टम को बूस्ट कर सकता है।
भावनात्मक जुड़ाव और अपनापन
जब हम किसी अपने को गले लगाते हैं, तो हमारे बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है। यह एहसास दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं। खासकर जब कोई दुखी, परेशान या तनाव में होता है, तब एक गले मिलना उसे मानसिक सहारा देता है। कई बार बिना कुछ कहे, केवल गले लगने से ही सामने वाले का मन हल्का हो जाता है।
गले मिलना रिश्तों में गर्मजोशी लाता है। माता-पिता और बच्चों के बीच, दोस्तों के बीच, या जीवन साथियों के बीच आलिंगन विश्वास और नजदीकी बढ़ाता है। यह रिश्तों की दूरी को कम करता है और भावनात्मक सुरक्षा की भावना देता है।

तनाव और चिंता में कमी
गले मिलने से शरीर में एक खास हार्मोन निकलता है जिसे ऑक्सीटोसिन कहा जाता है। इसे “लव हार्मोन” या “बॉन्डिंग हार्मोन” भी कहा जाता है। यह हार्मोन तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। जब हम किसी को गले लगाते हैं, तो हमारा शरीर खुद-ब-खुद रिलैक्स होने लगता है। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग तनाव, डिप्रेशन और अकेलेपन से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में गले मिलना एक प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है, जो मन को शांति देता है और भावनात्मक संतुलन बनाए रखता है।
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मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव
गले मिलना मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। यह उदासी, निराशा और अकेलेपन की भावना को कम करता है। जो लोग नियमित रूप से अपने प्रियजनों से गले मिलते हैं, उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अधिक पाई जाती है।
जब कोई व्यक्ति दुखी होता है और कोई उसे गले लगाता है, तो उसे यह एहसास होता है कि कोई उसकी परवाह करता है। यह भावना मानसिक मजबूती देती है और कठिन परिस्थितियों से लड़ने की ताकत बढ़ाती है।

शारीरिक स्वास्थ्य के लाभ
गले मिलने का असर सिर्फ मन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। आलिंगन से दिल की धड़कन सामान्य होती है और रक्तचाप नियंत्रित रहता है। इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है।
इसके अलावा, गले मिलने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत हो सकती है। जब तनाव कम होता है, तो शरीर बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है। यही कारण है कि भावनात्मक रूप से खुश लोग अक्सर शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहते हैं।
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रिश्तों में भरोसा और मजबूती
गले मिलना रिश्तों में भरोसे की नींव को मजबूत करता है। यह एक ऐसा स्पर्श है जिसमें छल या दिखावा नहीं होता। जब दो लोग सच्चे मन से गले मिलते हैं, तो उनके बीच का रिश्ता और गहरा हो जाता है।
दांपत्य जीवन में गले मिलना प्रेम और समझ को बढ़ाता है। यह छोटे-मोटे झगड़ों को भुलाने में मदद करता है और रिश्ते में मिठास लाता है। दोस्तों के बीच यह दोस्ती को और पक्का करता है, जबकि परिवार में यह अपनापन और सुरक्षा का भाव पैदा करता है।

बच्चों के विकास में भूमिका
बच्चों के लिए गले मिलना बेहद ज़रूरी होता है। माता-पिता का प्यार भरा आलिंगन बच्चों को सुरक्षित और प्रिय महसूस कराता है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उनका भावनात्मक विकास बेहतर होता है।
जो बच्चे बचपन में पर्याप्त प्यार और स्पर्श पाते हैं, वे बड़े होकर अधिक संवेदनशील, समझदार और भावनात्मक रूप से संतुलित होते हैं। गले मिलना बच्चों को यह सिखाता है कि भावनाओं को व्यक्त करना गलत नहीं है।
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दुख और दर्द में सहारा
जब कोई व्यक्ति किसी बड़े दुख, नुकसान या असफलता से गुजर रहा होता है, तब शब्द अक्सर बेअसर हो जाते हैं। ऐसे समय में एक गले मिलना बहुत बड़ा सहारा बन सकता है। यह बिना कुछ कहे यह संदेश देता है कि “मैं तुम्हारे साथ हूँ।” दुख के समय मिला आलिंगन व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाता है और उसे यह एहसास दिलाता है कि वह अकेला नहीं है। यह भावनात्मक दर्द को कम करने में मदद करता है।
https://theconversation.com/why-so-many-young-people-in-china-are-hugging-trees-269832
