केरल का नाम ‘केरलम’, भाकपा ने फैसले का किया स्वागत
दिल्ली : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने केरल राज्य का नाम बदल कर केरलम करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने का स्वागत करते हुए इसे संघीय व्यवस्था को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक फैसला बताया है और राज्य के लोगों को उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की बधाई दी है।
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The decision of the Union Cabinet on alteration of the name of Kerala to Keralam reflects the will of the people of the state. It is in line with our efforts to strengthen the connect with our glorious culture. https://t.co/pdzsgiU1l2
— Narendra Modi (@narendramodi) February 24, 2026
केरल का नाम हुआ केरलम
बताते चले कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा आज यानी कि मंगलवार को इस संबंध में स्वीकृत प्रस्ताव को लेकर भाकपा ने एक बयान में कहा- ‘ इससे उस नाम की पुनर्स्थापना हुई है जिससे यह भूमि ऐतिहासिक, भाषाई और सांस्कृतिक रूप से अपने लोगों के बीच जानी जाती है।”
Modi Govt is honouring cultural roots and celebrating India's true identity. 🇮🇳
— BJP (@BJP4India) February 24, 2026
The Union government’s approval to rename Kerala as Keralam reflects deep respect for the state’s linguistic traditions and historical identity. This symbolic yet powerful decision shows how… pic.twitter.com/WlGACWeMtf
पार्टी ने कहा- यह निर्णय केरल की जनता की लंबे समय से चली आ रही लोकतांत्रिक मांग की पूर्ति का प्रतीक है, जो राज्य की भाषाई विरासत और सामूहिक आत्मसम्मान में निहित है। बयान में कहा गया है “केरलम नाम मलयालम भाषा का अभिन्न हिस्सा है और क्षेत्र की सभ्यतागत निरंतरता तथा सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।”
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केरलम करने की उठी थी मांग
भाकपा ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि राज्य सभा में उसके सदस्य पी. संदोश कुमार ने 22 जुलाई 2024 को संसद के उच्च सदन में विशेष उल्लेख के माध्यम से केरल का नाम बदल कर केरलम करने की पुरजोर मांग की थी। पार्टी ने केन्द्र के आज के फैसले को औपनिवेशिक काल की त्रुटि का सुधार बताते हुए कहा- ‘औपनिवेशिक काल की इस अंग्रेजीकृत संज्ञा को सुधारना भारत के बहुभाषी और संघीय स्वरूप की पुष्टि है।”
Union Cabinet approves the proposal for alteration of name of State of ‘Kerala’ as ‘Keralam’ pic.twitter.com/uVydvy5fFl
— ANI (@ANI) February 24, 2026
भाकपा ने कहा है कि जून 2024 में केरल विधानसभा ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन द्वारा पेश प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार से नाम परिवर्तन की मांग की थी। बयान में कहा गया है कि यह फैसला ” पुनः पुष्टि करता है कि भाषाई विविधता का सम्मान देश की एकता को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत करता हैं। भाकपा भारत की बहुलता, संघवाद और राज्यों तथा जनता के अपने सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को गरिमा के साथ व्यक्त करने के अधिकार की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है।”
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