उत्तर प्रदेश

Sanjay Singh ने यूपी बजट को बताया आंकड़ों का भ्रम, किया पर्दाफाश

  • उत्तर प्रदेश बजट में आंकड़ों की बाजीगरी का संजय सिंह ने किया पर्दाफाश
  • बजट में संशोधित आंकड़ों में खेल से योगी सरकार फैला रही बढ़ोतरी का भ्रम
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास में कटौती कर ‘28% से 59% वृद्धि’ का शोर, असलियत में खर्च घटाया गया: संजय सिंह
  • निर्धारित बजट घटाकर फिर बढ़ोतरी दिखाना जनता के साथ विश्वासघात, असली प्राथमिकताएं उजागर: संजय सिंह
  • शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई हुई तो सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी आप: संजय सिंह
  • 4 से 9 अप्रैल तक आगरा से मथुरा तक ‘रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो पदयात्रा’ का चौथा चरण शुरू: संजय सिंह
  • जिला पंचायत चुनाव सीधे जनता से कराएं, खरीद-फरोख्त पर रोक लगे: संजय सिंह
  • यूजीसी बिल समाज को बांटने की साजिश: संजय सिंह

उत्तर प्रदेश: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के 2026-27 के बजट को “आंकड़ों की सुनियोजित बाजीगरी” करार देते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि सरकार पहले 2025-26 के निर्धारित बजट को संशोधित कर बड़े पैमाने पर घटाती है और फिर उसी घटे हुए आंकड़े की तुलना कर नई घोषणा में 17%, 28% या 59% वृद्धि का शोर मचाती है। यह सीधा-सीधा जनता को भ्रमित करने का प्रयास है और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास जैसे मूल क्षेत्रों की अनदेखी का प्रमाण है।

उत्तर प्रदेश बजट का पर्दाफाश- आप

संजय सिंह ने बताया कि शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति के लिए 2025-26 में 1.03 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे, जिन्हें संशोधित कर 84 हजार करोड़ कर दिया गया। इसके बाद 2026-27 में 1.08 लाख करोड़ घोषित कर 28% वृद्धि का प्रचार किया गया। उन्होंने कहा कि वास्तविक तुलना मूल निर्धारित बजट से होनी चाहिए, न कि घटाए गए संशोधित बजट से।

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इसी प्रकार ऊर्जा क्षेत्र में पहले बजट घटाया गया, फिर बढ़ोतरी का दावा किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में 12% कटौती के बाद मामूली बढ़ोतरी को 24% वृद्धि बताया गया। परिवहन, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी पहले 14% से 17% तक बजट घटाया गया, फिर अगले वर्ष उसे बढ़ाकर 30% से 59% तक वृद्धि का दावा किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि शहरी विकास, कृषि और समाज कल्याण में भी यही पैटर्न अपनाया गया। ग्रामीण विकास में पहले साढ़े 14% कटौती, फिर 59% वृद्धि का शोर—यह सिर्फ गणितीय भ्रम है। कृषि क्षेत्र में 15% कटौती के बाद 51% वृद्धि का दावा किया गया। संजय सिंह ने कहा कि “यह बजट नहीं, बल्कि भ्रम की पटकथा है।”

यूजीसी बिल समाज को बांटने की साजिश

संजय सिंह ने खर्च के आंकड़े रखते हुए कहा कि 2024-25 में हाउसिंग सेक्टर में 65% बजट खर्च ही नहीं हुआ। जलापूर्ति एवं स्वच्छता में 33%, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण में 32%, स्वास्थ्य में 25%, शहरी विकास में 24% और ग्रामीण विकास में 24% निर्धारित बजट से कम खर्च किया गया। अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक कल्याण में 23% कम खर्च हुआ। कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में 21% कम खर्च किया गया।

उन्होंने कहा कि केवल ऊर्जा विभाग में निर्धारित बजट से अधिक खर्च हुआ, बाकी अधिकांश विभागों में भारी कटौती और खर्च न होने की प्रवृत्ति साफ दिखती है। स्वयं मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी में 40%, बाल विकास में 44%, कृषि में 41%, ग्रामीण विकास में 23% और खाद्य एवं रसद में 27% तक कम खर्च की बात सामने आई। असंगठित क्षेत्र के लिए 425 करोड़ का प्रावधान किया गया, लेकिन एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ।

शिक्षा नहीं बल्कि धोखा है- आप

संजय सिंह ने समग्र शिक्षा अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि सैकड़ों स्कूलों में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की लैब नहीं हैं। केंद्र से मिले 9,103 करोड़ रुपये राज्य सरकार उपयोग नहीं कर पाई और राशि वापस चली गई। उन्होंने कहा कि “जब बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ रहे हों और सरकार 28% वृद्धि का ढोल पीट रही हो, तो यह शिक्षा नहीं बल्कि धोखा है।

शंकराचार्य जी के मामले पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी की सगी नहीं है और यह अपने हितों के लिए शंकराचार्य जी को भी टारगेट करने पर तुले हुए हैं। संजय सिंह ने कहा की शंकराचार्य जी पर जो कार्रवाई हो रही है वह एक सोची समझी साजिश के तहत हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर शंकराचार्य जी के विरोध में कोई भी हरकत की गई तो आम आदमी पार्टी शंकराचार्य जी के साथ खड़ी है और इस मामले को सड़क से संसद तक लेकर जाएगी।

‘रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो पदयात्रा’

उन्होंने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी 4 अप्रैल से 9 अप्रैल तक आगरा से मथुरा तक ‘रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो यात्रा’ का चौथा चरण निकालेगी। ब्रज प्रांत में यह यात्रा प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के सहयोग से निकाली जाएगी, जिसमें जनता को बजट की सच्चाई और रोजगार के मुद्दे पर जागरूक किया जाएगा।

बसपा विधायक उमाशंकर पर पड़ने वाले छापों पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि जब मेरे ऊपर छापे पड़े थे तब यही उमाशंकर जी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में बयान दे रहे थे लेकिन मैं ऐसा मानता हूं कि किसी के खिलाफ राजनीतिक विद्वेष के कारण कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अगर उमाशंकर सिंह ने कुछ गलत नहीं किया है तो उनके साथ न्याय होना चाहिए।

जिला पंचायत चुनाव सीधे जनता से कराएं- आप

जिला पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने मांग की कि प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराया जाए, ताकि बीडीसी और सदस्यों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगे। यूजीसी बिल पर बोलते हुए संजय सिंह ने आरोप लगाया कि यह समाज को जातीय आधार पर बांटने की साजिश है। यदि नीयत साफ होती तो विश्वविद्यालयों में जातीय भेदभाव और अन्य भेदभाव की अलग-अलग निगरानी समितियां बनाई जातीं।

संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह बजट रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से ज्यादा “घोषणाओं और प्रचार” पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जनता को समझना होगा कि बड़े-बड़े आंकड़े नहीं, बल्कि वास्तविक खर्च और जमीनी बदलाव मायने रखते हैं। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी और हर जिले में सच्चाई उजागर करेगी।

https://en.wikipedia.org/wiki/Aam_Aadmi_Party

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