महिला सुरक्षा पर सरकार का बड़ा कदम, कैब बुकिंग नियम बदले
Cab Booking Rules: Ola, Uber, Rapido जैसी APP आधारित Cab Booking APP सेवाओं को लेकर अब केंद्र सरकार ने एक अहम और राहत भरा कदम उठाया है। असल में Ola-Uber-Rapido जैसी APP आधारित Cab सेवाओं को निर्देश दिया गया है कि वे Booking के दौरान महिला यात्रियों को महिला ड्राइवर चुनने का ऑप्शन उपलब्ध कराएं।

जारी निर्देश में जानें किसे मिलेगी सुविधा
बताते चले कि कैब में अकेले सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। जिसको लेकर केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाते हुए निर्देश दिया है कि अब Booking के दौरान महिला यात्रियों को महिला ड्राइवर चुनने का ऑप्शन उपलब्ध कराएं। असल में सरकार का मानना है कि इस सुविधा से महिलाओं को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा अनुभव मिलेगा।
जानकारी के लिए बतादें कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी इस निर्देश की मानें तो महिला यात्रियों को यह ऑप्शन तभी मिलेगा जब संबंधित इलाके में महिला ड्राइवर उपलब्ध होंगी। यानी यह सुविधा पूरी तरह उपलब्धता पर आधारित होगी, लेकिन जहां भी संभव होगा, वहां महिलाओं को अपनी पसंद की ड्राइवर चुनने की आजादी दी जाएगी। खासतौर पर देर रात, अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए इसे बड़ा सुरक्षा कवच माना जा रहा है।
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राइड-हेलिंग सेक्टर पर सरकार ने लगाई रोक
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने राइड-हेलिंग सेक्टर में एडवांस टिपिंग फीचर पर सख्ती की है, और Uber, Ola और Rapido जैसे प्लेटफॉर्म पर राइड शुरू होने से पहले यात्रियों से टिप मांगने पर रोक लगा दी है। यानी यात्रा शुरू होने से पहले टिप देने की व्यवस्था पर रोक लगा दी है। अब उबर, ओला, रैपिडो और अन्य एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म यात्रियों से राइड बुक करते वक्त टिप देने की व्यवस्था नहीं दिखा सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह फीचर यात्रियों पर अनावश्यक दबाव डालता था और निष्पक्ष किराया प्रणाली को प्रभावित कर रहा था।

केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस में क्या बदला
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 15 दिसंबर को मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 में संशोधन जारी किया। इस संशोधन के तहत साफ किया गया है कि अगर कोई प्लेटफॉर्म स्वैच्छिक टिपिंग का विकल्प देता भी है, तो वह सिर्फ यात्रा पूरी होने के बाद ही दिखाई देगा। बुकिंग के समय या ड्राइवर खोजते वक्त यह फीचर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि यात्री द्वारा दी गई पूरी टिप ड्राइवर को ही मिलेगी और एग्रीगेटर इसमें से कोई कटौती नहीं कर पाएगा।
इसका मतलब महिला यात्रियों के साथ-साथ सरकार ने ड्राइवरों से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। अब कैब यात्रा पूरी होने के बाद यात्री अपनी इच्छा से ड्राइवर को टिप दे सकेंगे। यानी टिप देना पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और इसे किसी भी तरह से बुकिंग या यात्रा के दौरान नहीं जोड़ा जाएगा। ऐप में टिप देने का विकल्प केवल ट्रिप खत्म होने के बाद ही दिखेगा।
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जानें कब से लागू होंगे नए नियम
केंद्र सरकार ने इस संबंध में सभी राज्यों को भी निर्देश दिए हैं कि वे ऐप आधारित कैब सेवाओं के लिए इन नए नियमों को लागू करें। हालांकि, फिलहाल इन नियमों को लागू करने की कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की गई है। इससे पहले जुलाई 2025 में सरकार ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स के लिए मूल दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनमें राज्यों को इन्हें लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। अब महिला सुरक्षा से जुड़े इस नए प्रावधान को उसी दिशा में एक अहम विस्तार माना जा रहा है।

प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ेगा दबाव
वहीं इस नियम को लेकर इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस नियम के लागू होने के बाद कंपनियों पर महिला ड्राइवरों को तेजी से जोड़ने का दबाव बढ़ेगा। फिलहाल गिग इकॉनमी में महिला ड्राइवरों की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन संशोधित नियमों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के इस फैसले पर उबर, ओला, रैपिडो और नम्मा यात्री जैसी कंपनियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन साफ है कि ये बदलाव राइड-हेलिंग सेक्टर में यात्रियों के अधिकार और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
