आपदा प्रभावित राज्यों को केंद्र की आर्थिक सहायता
दिल्ली: केन्द्र सरकार ने वर्ष 2025 में बाढ़, आकस्मिक बाढ़, बादल फटने , चक्रवात ‘मोंथा’ और भूस्खलन से प्रभावित आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड तथा केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए 1,912.99 करोड़ रुपए की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता को मंजूरी दी है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई एक उच्चस्तरीय समिति की बैठक में यह मंजूरी दी गयी।

राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष को मिली मंजूरी
गृह मंत्रालय ने एक वक्तव्य में बताया कि यह केन्द्रीय सहायता राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष से प्रदान की गई है, जो वर्ष की प्रारंभिक शेष राशि में उपलब्ध राज्य आपदा मोचन कोष के 50 प्रतिशत के समायोजन के अधीन है।
बताते चले कि मंजूर की गयी कुल राशि 1,912.99 करोड़ रुपए में से, आंध्र प्रदेश के लिए 341.48 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ के लिए 15.70 करोड़ रुपए, गुजरात के लिए 778.67 करोड़ रुपए, हिमाचल प्रदेश के लिए 288.39 करोड़ रुपए, नगालैंड के लिए 158.41 करोड़ रुपए तथा जम्मू-कश्मीर के लिए 330.34 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
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सरकार प्राकृतिक आपदाओं और विपत्तियों के समय राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।
21 राज्यों को राष्ट्रीय कोष जारी

यह अतिरिक्त सहायता उस धनराशि से अतिरिक्त है जो केन्द्र सरकार द्वारा राज्य आपदा मोचन कोष के तहत राज्यों को पहले ही जारी की जा चुकी हैं और जो राज्यों के पास खर्च के लिए उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, केन्द्र सरकार ने 28 राज्यों को राज्यों के कोष के तहत 20,735.20 करोड़ रुपए तथा 21 राज्यों को राष्ट्रीय कोष के तहत 3,628.18 करोड़ रुपए जारी किए हैं।
इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपए तथा राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपए भी जारी किए गए हैं।
