गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा में सीखे ईश्वर की कृपा कैसे मिलती
गुरु शिक्षा: गुरु प्रसाद में आज गुरु ज्ञान का आज का विषय है ईश्वर की कृपा कैसे मिलती है…
जैसा कि प्रत्येक गुरुवार को और रविवार को ज्योतिष अंक और सनातन धर्म पर चर्चा होती हैं, ठीक उसी तरह आज का विषय ईश्वर की गुरु की कृपा हाथ जोड़ने से नहीं हाथ जोड़कर सम्मान करते, पूजा करते हैं, पूजा करना अपनी याचना नहीं तो क्या भाव संवेदना व्यक्त करना, आभार व्यक्त करना, प्रभु आप की कृपा से मिला है।
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शरणागति से मिलती वत्सल की कृपा
जी हां ईश्वर की कृपा शरणागत से होती हैं भक्त वत्सल भगवान शरणागति की रक्षा करते कृपा करते उसपर जो शरणागत है उसकी मुद्रा शरणागत मुद्रा भगवान शिव का त्रिशूल तीन कष्ट को दूर करता है। दैहिक, दैविक, भौतिक, ताप अर्थात तीन कष्ट को दूर करना त्रिशूल की तरह दोनों हाथ को ऊपर करके हर-हर महादेव कहते हैं।

त्रिशूल मुद्रा शरणागत मुद्रा- यानी की समर्पण हो जाना।
भगवान कहते “मां में काम शरणम् गत” अर्थात तू मेरे शरण में आ जाये तेरी सभी मनोकामना पूर्ण करूंगा, याचना नहीं शरणागति, मन बुद्धि अहंकार सहित भगवान का शरणागति होना। यह सब कुछ गुरु कृपा से मिलती हैं जो आप तक पहुंचाई जा रही है मैं तो स्पीकर का काम करता हूं।
NOTE: प्रत्येक गुरुवार को गुरु प्रसाद मिलता रहेगा जो जिज्ञासु लोग है उनकी इच्छा पूर्ण होती है। यह जानकारी गुरु के आशीर्वाद से मिलता है आप सभी को देने का प्रयास करता हूं। जिज्ञासु लोग कैरियर की जानकारी और लाइफ चेंज के लिए ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते हैं। नोएडा-लखनऊ-कानपुर आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ, 9415126330, 6386254344.
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