उत्तर प्रदेश

हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में करोड़ों छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश- AAP

  • हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में 53 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले का आप मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने किया पर्दाफाश
  • सबका साथ–सबका विकास नहीं, छात्रों का विनाश और कॉलेज माफियाओं का विकास हो रहा है: वंशराज दुबे(मुख्य प्रदेश प्रवक्ता, आप यूपी) सामान्य वर्ग के छात्रों को दलित/ पिछड़ी जाति का दिखाकर 14 साल से चल रहा छात्रवृत्ति पर लूट का खेल: वंशराज दुबे
  • यह महज़ घोटाला नहीं, दलित, पिछड़े और सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों के हक पर खुली डकैती है: वंशराज दुबे
  • छात्रों के खातों की एटीएम-पासबुक जब्त कर छात्रवृत्ति हड़पी गई: वंशराज दुबे
  • पूरे घोटाले की हो सीबीआई जांच, दोषी कोई भी हो, बख्शा न जाए: वंशराज दुबे
हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में करोड़ों छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश- AAP

उत्तर प्रदेश : आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश में हुए एक बड़े छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा करते हुए कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ “सबका साथ–सबका विकास” की बात करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि उत्तर प्रदेश में छात्रों का विनाश और कुछ गिने-चुने कॉलेज व विश्वविद्यालय मालिकों का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि हापुड़ स्थित मोनाड विश्वविद्यालय में सामने आया यह घोटाला उसी सच्चाई को उजागर करता है।

छात्रवृत्ति पर लूट का खेल- वंशराज

वंशराज दुबे ने बताया कि हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में पिछले 14 वर्षों के दौरान करीब 16,300 छात्रों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर लगभग 53 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का घोटाला किया गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआती आंकड़ा है, जांच आगे बढ़ने पर राशि और भी बढ़ सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सभी छात्र सामान्य वर्ग के थे, जिन्हें सत्ता के संरक्षण में एससी, एसटी और ओबीसी की श्रेणी में दिखाकर वर्षों तक छात्रवृत्ति लूटी गई।

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वंशराज दुबे ने मोनाड यूनिवर्सिटी के मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ सौ से अधिक जालसाजी के मामले दर्ज बताए जाते हैं। इसके बावजूद ऐसे लोग वर्षों से गरीब छात्रों के हक पर डाका डालते रहे और सरकार मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार आरक्षण के साथ खिलवाड़ कर रही है, दूसरी तरफ उसके संरक्षण में विश्वविद्यालय माफिया छात्रों की छात्रवृत्ति लूट रहे हैं।

मुख्य प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे विश्वविद्यालय और कॉलेज हैं, जहां छात्र केवल छात्रवृत्ति के भरोसे दाखिला लेते हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन छात्रों के बैंक खाते खुलवाकर उनकी एटीएम और पासबुक अपने पास रख लेता है, छात्रवृत्ति आते ही पैसा निकाल लिया जाता है और छात्रों को इसकी भनक तक नहीं लगती। यह सिर्फ घोटाला नहीं, बल्कि दलित, पिछड़े और सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों के हक पर खुली डकैती है।

आप की सीबीआई जांच मांग

वंशराज दुबे ने कहा कि यह मामला तब सामने आया जब लगभग सात महीने चली जांच में कई गंभीर तथ्य उजागर हुए। अखबारों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 2012–13 से 2024–25 तक छात्रवृत्ति की धनराशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है और प्रशासनिक जांच में विश्वविद्यालय को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश तक की गई है। बावजूद इसके, अब तक इस मामले में ठोस आपराधिक कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने सवाल उठाया कि छोटे-छोटे मामलों में ईडी और सीबीआई तुरंत सक्रिय हो जाती हैं, लेकिन एक विश्वविद्यालय 14 साल तक इतना बड़ा घोटाला करता रहा और उत्तर प्रदेश सरकार चुप्पी साधे रही। वंशराज दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी “जीरो टॉलरेंस” की बात करते हैं, लेकिन यह घोटाला बताता है कि प्रदेश में 100 प्रतिशत करप्शन चल रहा है और डबल इंजन की सरकार धुआं-धुआं हो चुकी है।

वंशराज दुबे ने लगाए BJP पर आरोप

मुख्य प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इस घोटाले के तार हापुड़ से होते हुए लखनऊ और दिल्ली तक जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से कोई सरोकार नहीं है। मध्य प्रदेश का नर्सिंग घोटाला, व्यापम घोटाला, उत्तर प्रदेश के कौशांबी का छात्रवृत्ति घोटाला और लगातार हो रहे पेपर लीक इसी की गवाही देते हैं।

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उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज थानों में गरीबों की एफआईआर तक दर्ज नहीं होती, जबकि पुलिस को खुलेआम मनमानी की छूट दी जा रही है। वंशराज दुबे ने स्पष्ट कहा कि “गोली मारना पुलिस का काम नहीं है, कानून और संविधान के तहत जांच, मुकदमा और सजा की प्रक्रिया होती है।”

वंशराज दुबे ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित छात्रों को उनकी पूरी छात्रवृत्ति वापस दिलाने की मांग करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी चाहे हापुड़ में बैठा हो, लखनऊ में हो या किसी राजनीतिक संरक्षण में हो—उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए।

https://www.jagran.com/uttar-pradesh/hapur-city-monad-university-scholarship-fraud-150-cr-scam-feared-in-hapur-40132682.html

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