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सुरक्षा सेस बिल पास: तंबाकू, सिगरेट-पान मसाला पर बढ़ेगा टैक्स

Health and National Security Cess Bill: संसद के शीतकालीन सत्र में कई मुद्दे उठे इसी बीच लोकसभा ने शुक्रवार को हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 को मंजूरी दे दी हैं। इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद सिगरेट-पान मसाला जैसे उत्पादों पर सरकार अब एक्स्ट्रा टैक्स लगाएगी।

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नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल पास

आपको बतादें कि संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा से हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल पास हो गया, यह जानकारी शुक्रवार को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी। इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद सिगरेट-पान मसाला जैसे उत्पादों पर सरकार अब एक्स्ट्रा टैक्स लगाएगी। क्योंकि इस बिल को लेकर सरकार का कहना है कि इस बढ़े हुए टैक्स से आने वाले बजट को नेशनल सिक्योरिटी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वित्त मंत्री ने अंत में कहा- ‘एक वित्त मंत्री के रूप में देशहित में धन जुटाना मेरा दायित्व है, और यह सेस उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’

इस विधेयक के जरिए पान मसाला जैसे ‘डिमेरिट’ उत्पादों पर अतिरिक्त कर लगाया जाएगा, इस कर से प्राप्त राजस्व का उपयोग दो प्रमुख राष्ट्रीय उद्देश्यों स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किया जाएगा। इस बिल के पास होने के बाद पान मसाला जैसी चीजें महंगी हो जाएंगी।

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डिमेरिट गुड्स पर अतिरिक्त सेस की आवश्यकता क्यों?

जानकारी के लिए नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल पर चर्चा के दौरान संसद में लंबी बहस चली। दो दिन की बहस के बाद बिल लोकसभा से पास हो गया। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- ‘कारगिल लड़ाई तैयारी की कमी की वजह से हुई, आर्मी जनरलों ने बताया था कि 1990 के दशक की शुरुआत से बजट की कमी की वजह से आर्मी के पास सिर्फ 70-80% ऑथराइज़्ड हथियार, गोला-बारूद और इक्विपमेंट थे। हम नहीं चाहते कि भारत में वह स्टेज फिर कभी वापस आए। पान-मसाला और सिगरेट होंगे महंगे! जिसका राजस्व इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा में होगा।

सुरक्षा सेस बिल पास: तंबाकू, सिगरेट-पान मसाला पर बढ़ेगा टैक्स

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिल पर चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार ऐसे उत्पादों को सस्ता नहीं होने देना चाहती, जिनका समाज और जनस्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी सदस्य यह नहीं चाहेगा कि पान मसाले जैसे डिमेरिट गुड्स पर कम कर लगाया जाए, क्योंकि राजस्व जुटाना पूरी तरह उचित और आवश्यक है। सरकार का साफ कहना है कि सरकार का कहना है कि इस टैक्स से मिलने वाला पैसा राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर खर्च किया जाएगा।

नए उत्पाद शुल्क प्रावधान

सिगार और सिगरेट पर आकार के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक्स ₹5,000 से ₹11,000 तक का उत्पाद शुल्क लगेगा। अप्रसंस्कृत तंबाकू पर 60–70% लेवी लगेगी, जबकि निकोटीन और इनहेलेशन उत्पादों पर 100% उत्पाद शुल्क लगेगा। ये उत्पाद शुल्क दरें ऐसे उत्पादों पर लागू मानक 40% GST के अतिरिक्त हैं।

सुरक्षा सेस बिल पास: तंबाकू, सिगरेट-पान मसाला पर बढ़ेगा टैक्स

स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों पर होगा असर- सीतारमण

  • पान मसाला, सिगरेट, गुटखा जैसे उत्पाद महंगे होंगे।
  • यह टैक्स किसी भी आवश्यक वस्तु (चावल, दाल, आटा, नमक, दूध, सब्जियां, फल, दवाइयां, साबुन, तेल, टूथपेस्ट जैसी रोजमर्रा की हर बेसिक चीज) पर नहीं लगाया जाएगा।
  • सेस से जुटा धन सेना की आधुनिकीकरण जरूरतों, प्रिसिजन वेपन्स, स्पेस एसेट्स और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा।
  • वित्त मंत्री ने कहा – यह बिल पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करेगा और लोगों को स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने में मदद करेगा।
  • सेस पूरी तरह संसद के दायरे में रहेगा, टैक्स रेट से लेकर फंड के उपयोग तक।
  • डीमेरिट गुड्स (हानिकारक उत्पाद) को सस्ता रखना समाज हित में नहीं है।
  • जुटाई गई राशि पूरी तरह राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता की सुरक्षा से जुड़े खर्चों पर ही लगाई जाएगी।

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