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I-PAC पर ED रेड के बाद ममता बनर्जी की अमित शाह को कड़ी चेतावनी

कोलकाता: कोलकाता में I-PAC कार्यालय और प्रतीक जैन के घर ED रेड से बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया है, जिसके बाद ममता बनर्जी ने अमित शाह पर सीधा हमला बोला है। बतादें कि पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने एक बार फिर राज्य की राजनीति को उबाल पर ला दिया है।

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गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को ईडी ने कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजनीतिक परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कोलकाता स्थित कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ राज्य की सियासत गरमा गई, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव और गहरा हो गया।

आपको बतादें कि छापेमारी के दौरान हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर स्वयं मौके पर पहुंचे और थोड़ी ही देर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं। इसके बाद कोलकाता की सड़कों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया।

I-PAC का बयान: “हम डरने वाले नहीं, काम जारी रहेगा”

वहीं ईडी की कार्रवाई के बाद I-PAC ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया। बयान में कहा गया- “8 जनवरी 2026 को ईडी अधिकारियों ने I-PAC कार्यालय और हमारे निदेशक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर तलाशी ली। एक प्रोफेशनल संगठन के रूप में यह हमारे लिए कठिन दिन था। हालांकि, हमने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया है और आगे भी कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते रहेंगे।”

I-PAC पर ED रेड के बाद ममता बनर्जी की अमित शाह को कड़ी चेतावनी

I-PAC ने यह भी स्पष्ट किया कि एक दिन पहले जो कुछ भी हुआ, उसके बावजूद संगठन अपने काम को ईमानदारी, निरंतरता और जवाबदेही के साथ जारी रखेगा। संगठन ने संकेत दिया कि इस कार्रवाई से वह डरने या दबाव में आने वाला नहीं है।

ममता बनर्जी की एंट्री और ईडी का आरोप

छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का स्वयं मौके पर पहुंचना इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। ईडी का आरोप है कि जब ममता बनर्जी वहां से निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरे रंग की फाइल थी, जिसे एजेंसी के अनुसार जबरन ले जाया गया। हालांकि, ममता बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा- I-PAC कार्यालय पर छापेमारी का मकसद 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक चुनावी रणनीति को चुराना था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले की भावना से किया जा रहा है।

“अगर पार्टी ही नहीं रहेगी तो जनता के लिए कैसे लड़ूंगी?” – ममता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भावुक अंदाज में कहा- “अगर कोई मुझे जान से मारने की कोशिश करें, तो क्या मुझे आत्मरक्षा का अधिकार नहीं है? अगर मेरी पार्टी ही नहीं होगी, तो मैं जनता के लिए कैसे लड़ूंगी?” उन्होंने कोयला घोटाले के पैसे के लेन-देन के पीछे “गद्दारों” का हाथ होने का आरोप लगाया और अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा में शामिल हो चुके पूर्व तृणमूल नेताओं की ओर इशारा किया।

हाई कोर्ट में हंगामा, सुनवाई 14 जनवरी तक टली

इस पूरे मामले को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत कक्ष में भारी भीड़ और अव्यवस्था के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। जस्टिस शुभ्रा घोष ने बार-बार उन लोगों से बाहर जाने का अनुरोध किया जो इस मामले से सीधे जुड़े नहीं थे, लेकिन हालात काबू में नहीं आए। इसके बाद कोर्ट ने I-PAC कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी।

अमित शाह पर ममता का बड़ा आरोप: “मेरे पास पेन ड्राइव हैं”

ईडी की कार्रवाई के बाद ममता बनर्जी ने कोलकाता की सड़कों पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए अब तक का सबसे बड़ा और सीधा हमला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बोला। ममता ने दावा किया कि कोयला घोटाले में अमित शाह की संलिप्तता के पुख्ता सबूत उनके पास मौजूद हैं।

उन्होंने कहा- “मेरे पास पेन ड्राइव हैं। मैंने अपने पद की गरिमा के कारण अब तक चुप्पी साध रखी है। लेकिन अगर मुझ पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाला गया, तो मैं सब कुछ सार्वजनिक कर दूंगी। पूरा देश चौंक जाएगा।” इसके साथ ही ममता ने चेतावनी दी कि एक “लक्ष्मण रेखा” होती है और अगर केंद्र सरकार व जांच एजेंसियां उसे पार करेंगी, तो वह चुप नहीं रहेंगी।

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भाजपा नेताओं और केंद्रीय एजेंसियों पर गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कोयला घोटाले की रकम अंततः अमित शाह तक पहुंची। उन्होंने भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का भी नाम लिया। इसके साथ ही उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोयला तस्करी रोकने में केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह विफल रहीं।

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ईडी का पक्ष और सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

ईडी की यह कार्रवाई PMLA के तहत कथित अवैध कोयला खनन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। एजेंसी का दावा है कि I-PAC से जुड़े कुछ लेन-देन में करोड़ों रुपये का संदिग्ध धन शामिल है। वहीं सूत्रों के मुताबिक, I-PAC मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही है। ईडी की लीगल टीम सभी कानूनी विकल्पों की समीक्षा कर रही है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

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2026 चुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज

कुल मिलाकर, I-PAC पर ईडी की छापेमारी ने पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और अधिक आक्रामक बना दिया है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस इसे केंद्र सरकार की राजनीतिक साजिश बता रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे कानून का सामान्य पालन करार दे रही है।

अब सबकी नजरें 14 जनवरी को होने वाली हाई कोर्ट की सुनवाई और ईडी के अगले कदम पर टिकी हैं। यह साफ है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और ज्यादा गर्म होने वाली है।

https://www.abplive.com/news/india/i-pac-issues-statement-on-ed-raid-west-bengal-mamata-banerjee-tmc-delhi-protest-bjp-3071829

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