रूस से तेल खरीद पर भारत का रुख साफ, ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च
दिल्ली : अमेरिका के बार-बार किए जा रहे इन दावों कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा, इसके बीच भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि देशवासियों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और बाजार परिस्थितियों तथा बदलते अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों को ध्यान में रखकर ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना उसकी रणनीति का हिस्सा है।
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वाणिज्य मंत्री पीयूष बोले- विदेश मंत्रालय बतायेगा
सरकार इस मामले में हां या नहीं के रूप में जवाब देने से बचती रही है। रूस से तेल खरीदने के मामले में वाणिज्य मंत्रालय सवालों को विदेश मंत्रालय के पाले में डाल देता है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इस सवाल के जवाब में कहा कि इसका उत्तर विदेश मंत्रालय देगा।
मीडिया की ओर से बार-बार यह सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को एक बार फिर गुरुवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में इस सवाल के जवाब में दिये गये वक्तव्य को ज्यों की त्यों दोहरा दिया। भारत का यह बयान अमेरिका द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए पिछले साल अगस्त में उस पर लगाये गये 25% दंडात्मक आयात शुल्क को हटाने के बाद आया है।
देश क्या क्या मजाक बना कर रखा है इन लोगो ने? पत्रकार ने पूछा की अमेरिका से ट्रेड डील के बदले क्या भारत रूस से तेल नहीं ख़रीदेगा?
— Vinayy Mishra (@vinayymishraap) February 7, 2026
कॉमर्स मंत्री पीयूष गोयल कहते हैं- इसका जवाब विदेश मंत्रालय देगा,
फिर दो दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर से पूछा गया तो उन्होंने कहा- इसका जवाब पीयूष… pic.twitter.com/EQVdRQF4xC
MEA ने बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने कहा है देशवासियों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और बाजार परिस्थितियों तथा बदलते अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों को ध्यान में रखकर ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना उसकी रणनीति का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है- “सरकार ने कई अवसरों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बाज़ार परिस्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मूल आधार है। भारत के सभी कदम इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर उठाये गए हैं और आगे भी लिए जाते रहेंगे।”
अमेरिका ने जारी किया आदेश
उल्लेखनीय है कि भारत के साथ अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा के बाद से अमेरिका कहता रहा है कि भारत ने रूस से तेल की खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए पिछले साल अगस्त में भारत पर लगाया गया 25% दंडात्मक आयात शुल्क शनिवार को हटा लिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इस संबंध में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया। यह आदेश प्रभावी हो गया है।
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आदेश में उन्होंने कहा, ” मुझे भारत के प्रयासों के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से अतिरिक्त जानकारी और सिफारिशें प्राप्त हुई हैं। विशेष रूप से भारत ने रूसी संघ से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जतायी है। उसने बताया है कि वह अमेरिका से ऊर्जा उत्पादों की खरीद करेगा और हाल ही में उसने अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए अमेरिका के साथ एक फ्रेमवर्क पर सहमति व्यक्त की है।”
