भारत से रिश्ते सुधारने उतरे ट्रंप, जयशंकर से मिले ट्रंप के दूत
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ बिगड़ते रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए कूटनीतिक पहल तेज कर दी है। यह समझ आने के बाद कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दबाव में झुकने वाला नहीं है, ट्रंप प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को नई दिल्ली भेजा। इस तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा कर द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत बनाना रहा।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका संबंध पिछले कुछ महीनों से तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। खास तौर पर अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% तक टैरिफ लगाए जाने और रूसी तेल खरीद पर 25% दंडात्मक शुल्क के बाद रिश्तों में खटास आई थी। ऐसे माहौल में इस बैठक को दोनों देशों के बीच संवाद बहाली की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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व्यापार, सुरक्षा और तकनीक पर फोकस
बैठक में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण तकनीक, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री जयशंकर के साथ हुई बातचीत को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने “उत्पादक और सकारात्मक” बताया। उन्होंने कहा कि वार्ता का मुख्य फोकस सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने, व्यापार को विस्तार देने और उभरती तकनीकों में साझेदारी बढ़ाने पर रहा।
A good interaction with US Congressional Delegation comprising @RepMikeRogersAL, @RepAdamSmith and @JimmyPatronis along with @USAmbIndia.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 25, 2026
Discussed various aspects of India US ties, Indo Pacific and Ukraine conflict.
Congressional interactions have always been an important… pic.twitter.com/zD1wjgEV5Z
अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में अलबामा से माइक रोजर्स, वाशिंगटन स्टेट से एडम स्मिथ और फ्लोरिडा से जिमी पेट्रोनिस शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देश लंबे समय से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
जयशंकर का बयान: रिश्तों का अहम स्तंभ है संसदीय संवाद
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बातचीत को “अच्छा और सार्थक” बताया। उन्होंने लिखा- “भारत -अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं, इंडो-पैसिफिक और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा हुई। कांग्रेस के साथ बातचीत हमेशा हमारे रिश्ते का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।” इसके जवाब में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी जयशंकर को टैग करते हुए लिखा कि उन्होंने अमेरिका-भारत साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इसमें मजबूत सुरक्षा ढांचा, विस्तारित व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग शामिल है।

टैरिफ विवाद से बिगड़े थे रिश्ते
गौरतलब है कि पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 50% तक का भारी टैरिफ लगाया था। इसके साथ ही रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी लगाया गया। इन फैसलों से भारत-अमेरिका संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। भारत ने साफ संकेत दिया था कि वह किसी भी तरह के दबाव में अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों से समझौता नहीं करेगा।
हालांकि, दोनों देशों ने इसके बावजूद द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कई दौर की वार्ताएं कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। इसका मुख्य कारण अमेरिका की वह मांग रही है, जिसमें वह भारत से अपने कृषि और डेयरी क्षेत्र को अमेरिकी बाजार के लिए खोलने पर जोर दे रहा है। भारत इस मुद्दे पर लगातार सतर्क रुख अपनाए हुए है।
Just wrapped a productive meeting with EAM @DrSJaishankar, @RepMikeRogersAL, @RepAdamSmith, and @JimmyPatronis on ways to strengthen U.S.-India partnership for stronger security, expanded trade, and cooperation on critical technologies. https://t.co/kHfdkhBFtn
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) January 25, 2026
पहले भी हो चुकी हैं अहम मुलाकातें
इससे पहले 19 जनवरी को भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी सीनेटर स्टीव डाइन्स और राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की थी। इस बैठक में भी द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई थी। वहीं 18 जनवरी को विदेश मंत्री जयशंकर ने भी सीनेटर डाइन्स से मुलाकात कर भारत-अमेरिका संबंधों के रणनीतिक महत्व पर चर्चा की थी।
इसके अलावा 13 जनवरी को विदेश मंत्री जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच पहली आधिकारिक बातचीत हुई थी। इस दौरान व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा सहयोग, नागरिक परमाणु ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ था।

India-US Trade Deal पर बढ़ी उम्मीदें
India-US Trade Deal को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य टैरिफ कम करना, व्यापार को आसान बनाना, निवेश को बढ़ावा देना और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करना है। भारत चाहता है कि अमेरिका स्टील, टेक्सटाइल और आईटी सेवाओं जैसे भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ कम करे, जिससे ये उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें। वहीं अमेरिका भारत से कृषि, डेयरी और औद्योगिक क्षेत्रों को अपने बाजार के लिए खोलने की मांग कर रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की यात्रा और जयशंकर के साथ हुई बातचीत इस बात का संकेत है कि ट्रंप प्रशासन अब टकराव के बजाय संवाद के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहता है। यह बैठक न सिर्फ संसदीय स्तर पर संवाद को मजबूत करेगी, बल्कि आने वाले समय में व्यापार और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने में भी मददगार साबित हो सकती है। कुल मिलाकर, भारत और अमेरिका के बीच यह कूटनीतिक पहल दोनों देशों के रिश्तों में आई ठंडक को कम करने और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
