भारत ने अमेरिका-ईरान सीजफायर का स्वागत किया, नागरिकों को दी सलाह
दिल्ली: भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुये युद्धविराम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थाई शांति स्थापित होगी। बताते चले कि स्थाई शांति की उम्मीद जताते हुए भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का स्वागत किया।
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युद्धविराम पर विदेश मंत्रालय ने कहा
वहीं अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम पर बुधवार को एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा- भारत पहले से ही इस विवाद के संवाद और कूटनीति से समाधान पर जोर देता रहा है।
Statement on the recent development in West Asia ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) April 8, 2026
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मंत्रालय ने कहा- “हम संघर्ष विराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं, तनाव में कमी, संवाद और कूटनीति ही संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के लिए आवश्यक हैं। इस संघर्ष ने पहले ही लोगों को अत्यधिक कष्ट पहुँचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापारिक नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की निर्वाध स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह बना रहेगा।”
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अमेरिका और ईरान के बीच का युद्ध
बताते चले कि अमेरिका और ईरान ने बुधवार तड़के दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिका और इजरायल ने गत 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ हमलों की शुरुआत की थी। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में पश्चिम एशियाई देशों में अमेरिकी ठिकानों और इजरायल पर हमले किए थे। इन हमलों में जान और माल का व्यापक नुकसान हुआ है। ईरान ने इन हमलों के विरोध में और होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले तेल और गैस टैंकरों के संचालन को बाधित कर दिया था जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल एवं गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
अमेरिका और ईरान युद्ध पर भारत का बयान
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत तो शुरुआत से ही बातचीत के जरिए तनाव को खत्म करने की वकालत करता रहा है। बयान में कहा गया है, ‘हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं कि मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए जरूरी है कि तनाव कम किया जाए और शांति स्थापित करने के लिए संवाद और कूटनीति जरूरी है।’

विदेश मंत्रालय के बयान में एक महीने से भी ज्यादा समय तक चली अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग में हुए नुकसान पर भी चिंता जताई गई है। मंत्रालय ने कहा- जंग के चलते पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई और ट्रेड नेटवर्क बाधित हुए और आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है. मंत्रालय ने कहा कि उम्मीद करते हैं कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एनर्जी सप्लाई और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा.
⚠️ Advisory as on 08 April 2026. pic.twitter.com/pusFQIAKKI
— India in Iran (@India_in_Iran) April 8, 2026
भारत ने फंसे अपने नागरिकों को दी सलाह
https://www.mea.gov.in/Speeches-Statements.htm?dtl/41028/Statement_on_the_recent_development_in_West_Asia : Ministry of External Affairs
वहीं अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद भारत ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। भारत ने अपने नागरिकों को ईरान में स्थित दूतावास के बताए रास्तों का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया है।
