ईरान-अमेरिका तनाव: शांति समझौते की शर्तें सामने
वाशिंगटन : ईरान ने अमेरिका, इज़रायल से एक संभावित शांति समझौते के तहत लेबनान स्थित शिया संगठन हिज़्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, ईरान ने मार्च के मध्य में यह रुख ज़ाहिर किया था। सूत्र ने बताया कि हिज़्बुल्लाह को ईरान से यह आश्वासन मिला है कि लेबनान में संघर्ष-विराम इस समझौते का एक हिस्सा होगा।
ईरान का दावा- अमेरिका करना चाहता बात

ईरान के एक उच्च-पदस्थ सूत्र ने बताया कि तेहरान लगभग एक महीने से अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सप्ताहांत में “बहुत ही सकारात्मक और सार्थक” बातचीत हुई और उन्होंने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर पांच दिनों के लिए हमले रोक दिये।

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ईरान के विदेश मंत्रालय ने दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत होने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि उसे केवल ऐसे संदेश प्राप्त हुए हैं जिनमें अमेरिका ने बातचीत करने की इच्छा ज़ाहिर की है।
समझौते के लिए ‘गिड़गिड़ा’ रहा है ईरान- ट्रम्प

वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को दावा किया कि ईरान अपनी “निर्णायक हार” स्वीकार कर रहा है और अब युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते के लिए ‘गिड़गिड़ा’ रहा है। व्हाइट हाउस में एक कैबिनेट बैठक में ट्रम्प ने कहा- अमेरिकी सैन्य अभियान उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और ईरान के पास अब एक नया भविष्य चुनने का अवसर है।
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उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर क्षेत्रीय वर्चस्व का आकांक्षी होने का आरोप लगाते हुए कहा, “वे बीमार हैं और पश्चिम एशिया पर कब्जा करना चाहते थे।” उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी वर्तमान रणनीति जारी रखेगा क्योंकि अभियान समय से काफी आगे चल रहा है। ईरान ने अमेरिका, इज़रायल से हिज़्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की।
