ज्योतिष-धर्म

ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: जानें मंगली दोष क्या है

ज्योतिष ज्ञान: राम राम जी जैसा कि आप सभी जानते है कि हम हर हफ्ते के ज्योतिष ज्ञान आप सभी के लिए ज्योतिष से जूड़े विशेष ज्ञान कुछ ना कुछ लाते हैं ठीक हर हफ्ते रविवार की तरह ज्योतिष ज्ञान में आज रविवार का विषय क्या है? जानें मंगली दोष क्या है।

Read More: केजरीवाल भ्रष्ट नहीं, Arvind समेत 23 आरोपी दिल्ली आबकारी मामले में बरी

मंगली दोष क्या है

ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: जानें मंगली दोष क्या है
ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: जानें मंगली दोष क्या है

जैसा कि प्रत्येक गुरुवार और रविवार को हम सब ज्योतिष सीखते आए हैं आज का विषय है, मंगली दोष क्या है इसको जाने…इसके बारे में उत्तरी भारत और दक्षिणी भारत के ज्योतिषी में अंतर है। दक्षिणी भारत में मंगली की शुभ माना जाता है मंगल पराक्रमी है भूमि वाहन संबंधी विचार किया जाता हैं सेनापति भी है नेतृत्व क्षमता विकसित से भरा हुआ है। जिसकी कुंडली में मंगली दोष होता हैं वह भाग्यशाली रहेगा उपर्युक्त गुणों से भरा होगा इसलिए शुभ माना जाता है।

Read More: गुरुवार का ज्ञान : गुरु शिक्षा में सीखे देव और दानव के विचार वाले ग्रह

जबकि उतरी भारत के विद्वान इसको भयभीत खराब दृष्ट से देखते है अगर किसी का लड़का या लड़की मंगली है तो उसको विवाह में कष्ट उठाना पड़ता है। जबकि ऐसा है नहीं महर्षि परासर ऋषि ने बताया कि मंगल पराक्रमी है 1,4,7,8,12 भाव में मंगली माना जाता हैं। अगर मंगल लग्न में है स्वगृही मित्र गृही या उच्च का तो साहस से भरा हुआ नेतृत्व क्षमता में परिपूर्ण सेनापति या खिलाड़ी होता है।

राशियों पर मंगल का असर

मेष राशि का मंगल चतुर्थ दृष्ट से सुख भाव को देखता है वह माता का घर होता है। अगर चंद्रमा नीच राशि का कम अंश का है तो माता को कष्ट होगा, अगर चंद्रमा उच्च राशि मित्र गृही होगा तो माता द्वारा भूमि वाहन संबंधी सुख प्राप्त होगा।

वहीं मंगल की दृष्ट अष्टम भाव पर पड़ती है जहां उसका घर होता है। स्वगृही मंगल अपने घर को मजबूत करता है दीर्घायु बनाता है रिसर्च कराता है।

ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: जानें मंगली दोष क्या है
ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: जानें मंगली दोष क्या है

चतुर्थ स्थान से मंगल सप्तम भाव को देखता है जहां उच्च का होता है। अगर लड़की मंगली मिल गई तो भूमि वाहन संबंधी सुख के साथ व्यापार में सफलता प्राप्त करेंगे।

सप्तम भाव से मंगल ग्रह दशम भाव को देखता है। वह उसका कर्म क्षेत्र होगा, डिसीप्लिन में रहना शासन प्रशासन में नेतृत्व करना उसका काम बनेगा।

दशम से मंगल लग्न को देखता है अगर मेष राशि है तो स्वास्थ्य में निरोगी जीवन होगा 100 वर्ष की आयु रहती हैं, इसलिए मंगल ग्रह का प्रभाव अच्छा और शुभ होता है। यह जानकारी अच्छे ज्योतिषी द्वारा कुंडली विचार कर देख सकते है।

NOTE:- यह जानकारी गुरु कृपा से मिलती है जिन लोगों को ज्योतिष में रुचि हो वह संपर्क करें धर्म परायण होकर साधना करें, आत्म चिंतन स्वाध्याय से प्रगति होगी। मिलने के लिए नोएडा, कानपुर, लखनऊ में अतिरिक्त जानकारी के लिए 9415126330, 6386254344 पर संपर्क करें। आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ…
यह ज्ञान बहुत ही खूब सूरत है इसमें जितना घुसा जाए उतना मजा आता है जीवन का जीव का आत्म का ब्रह्मांड का प्रकृति का ज्ञान भरा पड़ा है। हमारा प्रयास है समाज में जो विद्या लुप्त होती जा रही है, उसको भ्रमित किया जा रहा है अल्प ज्ञानी उसका दुरुपयोग कर रहे है। उन तक ज्ञान का विस्तार पहुंचे, ज्योतिष संबंधी जानकारी जो हर हफ्ते दिया जाता है उसे सीखना चाहते है तो राम नजर मिश्र ज्योतिषाचार्य रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ से संपर्क करें, बाकी ज्योतिष से जुड़ी विशेष जानकारी के लिए भी संपर्क करें।

the voice of hind news channel

https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B7

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *