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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष

संसद में घमासान: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी, राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष एकजुट…संसद के बजट सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का बड़ा ऐलान कर दिया है। कांग्रेस की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के दलों का आरोप है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जानबूझकर बोलने से रोका जा रहा है, जो संसदीय लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।

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सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ संसद भवन परिसर में विपक्षी नेताओं की अहम बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया कि अगर विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया, तो लोकसभा स्पीकर के खिलाफ “हटाने का प्रस्ताव” (Motion for Removal of Speaker) लाया जाएगा।

राहुल गांधी को बोलने से रोकने का आरोप

विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी कई अहम मुद्दों पर बोलना चाहते थे, जिनमें सांसदों का निलंबन, महिला सांसदों पर लगाए गए आरोप और चीन सीमा विवाद जैसे संवेदनशील विषय शामिल थे। लेकिन लोकसभा स्पीकर ने नियमों का हवाला देकर उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी।

सोमवार (9 फरवरी 2026) को भी लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष का आरोप है कि जब भी वे सरकार से सवाल पूछना चाहते हैं, सदन को स्थगित कर दिया जाता है।

आठ सांसदों के निलंबन से बढ़ी नाराजगी

विवाद की बड़ी वजह हाल ही में आठ विपक्षी सांसदों का पूरे बजट सत्र के लिए निलंबन भी है। इन सांसदों पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने सदन की मर्यादा का उल्लंघन किया और स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंके। विपक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई एकतरफा और बदले की भावना से की गई है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सत्तापक्ष के सांसदों को लगातार विशेषाधिकार दिए जाते हैं, जबकि विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका तक नहीं मिलता।

स्पीकर की टिप्पणी से और भड़का विवाद

विपक्ष की नाराजगी उस समय और बढ़ गई जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दावा किया कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट के पास जाकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं। इसी आशंका के चलते उन्होंने प्रधानमंत्री को सदन में न आने की सलाह दी थी।

विपक्ष ने इस बयान को बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस तरह के आरोप विपक्ष की छवि खराब करने और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश हैं।

इंडिया गठबंधन की बैठक में हुआ फैसला

संसद भवन परिसर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई, जिसमें लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सहमति बनी। इस बैठक में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, मल्लू रवि समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा,- “संसदीय परंपरा में नेता प्रतिपक्ष को ‘शैडो प्रधानमंत्री’ माना जाता है, लेकिन यहां उन्हें बोलने तक नहीं दिया जा रहा। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति है।”

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हिमंत बिस्वा सरमा के वीडियो पर भी विवाद

इसी बीच विपक्ष ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक वीडियो को लेकर भी सरकार पर हमला बोला है। यह वीडियो असम बीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री टोपी पहनकर दो लोगों पर निशाना साधते नजर आ रहे थे। हालांकि वीडियो को कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मामले में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि एक मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह का व्यवहार निंदनीय है।

क्या होता है स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव?

यहां यह समझना जरूरी है कि लोकसभा स्पीकर के खिलाफ सामान्य “अविश्वास प्रस्ताव” नहीं लाया जाता, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत “हटाने का प्रस्ताव” लाया जाता है।

इस प्रक्रिया के तहत:

  • प्रस्ताव लाने के लिए लोकसभा के कुल सदस्यों में से कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है
  • प्रस्ताव से पहले 14 से 20 दिन का नोटिस देना होता है
  • प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान लोकसभा में होता है
  • अगर बहुमत प्रस्ताव के पक्ष में होता है, तो स्पीकर को पद छोड़ना पड़ता है
  • यह प्रक्रिया सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से अलग और कहीं ज्यादा संवेदनशील मानी जाती है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष

बजट सत्र में लगातार बाधाएं

बजट सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे के चलते राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिना बोले ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराना पड़ा, जिसे विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विफलता बता रहा है।

विपक्ष का कहना: भरोसा खत्म हो चुका है

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा,- “स्पीकर ने जो हालात बनाए हैं, उसकी वजह से अब उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। क्या किसी लोकतांत्रिक देश में विपक्ष को बोलने से रोका जाता है?”

विपक्ष का कहना है कि लोकसभा स्पीकर पर उनका भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है और जब तक निष्पक्षता बहाल नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

आगे क्या?
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष जल्द ही लोकसभा महासचिव को औपचारिक नोटिस सौंप सकता है और बजट सत्र के दूसरे हिस्से में प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। अगर यह प्रस्ताव लाया जाता है, तो यह भारतीय संसदीय इतिहास में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होगा। फिलहाल संसद में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है और आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।

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https://www.tv9hindi.com/india/india-alliance-congress-no-confidence-motion-against-lok-sabha-speaker-om-birla-3680405.html

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