राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी की ट्रेड डील पर उठाए सवाल
दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर मोदी सरकार कपास उत्पादक किसान और कपड़ा निर्यातक दोनों को गहरा झटका दिया है। राहुल गांधी ने कहा- अमेरिका के साथ समझौता कपास किसान, कपड़ा निर्यातक दोनों पर गहरी चोट हैं।
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भारत पर अमेरिकी टैरिफ – 3% से बढ़कर 18%
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 11, 2026
अमेरिका पर भारतीय टैरिफ – 16% से घटकर 0%
भारत $100 बिलियन का अमरीकी आयात बढ़ाएगा –
मगर, अमेरिका का ऐसा कोई commitment नहीं आएगा।
सौदे के नाम पर भारत के ख़िलाफ़ ये आर्थिक आघात होता रहा – और PM चुपचाप, हाथ बांध कर, खड़े देखते रहे। pic.twitter.com/qM0sWxSv56
सोशल मीडिया पर राहुल का पोस्ट
राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- “18 प्रतिशत टैरिफ बनाम जीरो प्रतिशत-आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इस पर भ्रम फैला रहे हैं और किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।”
18% टैरिफ बनाम 0% – आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 14, 2026
बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0%… pic.twitter.com/F4hi4OCHFj
राहुल गांधी का पीएम से सीधा सवाल
उन्होंने कहा, “बंगलादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर शून्य प्रतिशत टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है – शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें। भारत के गारमेंट्स पर 18 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बंगलादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया -‘अगर यही फायदा हमें भी चाहिए तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।’
FIR हो,
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 12, 2026
मुकदमा दर्ज हो या
Privilege प्रस्ताव लाएं – मैं किसानों के लिए लड़ूंगा।
जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है।
अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे। pic.twitter.com/gNVMEYFp3i
आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई। और, ये कैसी नीति है। क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है – या फिर ‘आगे कुआं, पीछे खाई’ की हालत में फंसाने वाला जाल।”
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कांग्रेस नेता ने कहा- अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा और अब बंगलादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है।
नरेंद्र “surrender” मोदी ने भारत के किसानों के साथ विश्वासघात किया है – और किसान यह बात समझ चुके हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 13, 2026
यह सिर्फ़ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि हमारे अन्नदाताओं की आजीविका पर सीधा हमला है।
संसद में आज किसान यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात में उनकी चिंता साफ़ दिखी।… pic.twitter.com/YwfnJBMVcD
करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी पर है प्रहार
भारत में कपड़ा उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना। उन्होंने कहा, “एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और कपड़ा एक्सपोर्टर्स -दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती, लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र ‘सरेंडर’ मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।”
