उत्तर प्रदेश

आरक्षण मुद्दे पर भाजपा नेताओं की खामोशी खतरनाक- कांग्रेस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हालिया लेखपाल भर्ती में आरक्षण नियमों का घोर उल्लंघन सामने आया है। UPSSSC द्वारा जारी 7994 पदों के विज्ञापन में OBC को 27% के स्थान पर मात्र 1441 पद (लगभग 18 प्रतिशत) ही दिए गए, जिससे करीब 717 OBC पदों की हकमारी हुई। आरक्षण पर भाजपा के पिछड़े और दलित नेताओं की चुप्पी खतरनाक है और आत्मघाती है।

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भाजपा सरकार का आरक्षण घोटाला

आरक्षण मुद्दे पर भाजपा नेताओं की खामोशी खतरनाक- कांग्रेस

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के चेयरमैन, पूर्व मंत्री डॉ0 सी0पी0 राय ने कहा- SC को 1446 और ST को 150 पद मिले, जबकि सामान्य वर्ग को 4165 पद आवंटित किए गए। यह आरक्षण घोटाला भाजपा सरकार की पिछड़े-दलित विरोधी नीतियों को उजागर करता है। इसी तरह, उच्च शिक्षा में भी हालत बदतर है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में OBC के 66.8%, SC के 54.4% और ST के 58% आरक्षित शिक्षक पद खाली पड़े हैं।

प्रदेश के कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में रोस्टर का पालन नहीं हो रहा, बैकलॉग पद जानबूझकर रिक्त रखे जा रहे हैं। डा0 राय ने कहा- पहले की 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में भी OBC को 27% की जगह मात्र 3.86% और एस सी को 21% की जगह 16.6% आरक्षण मिला था, जिसमें 19,000 सीटों पर घोटाला साबित हुआ।

भाजपा के इन नेताओं का होगा हिसाब

डॉ0 राय ने कहा कि भाजपा को समर्थन देने वाले राजभर, निषाद समाज के नेता और जयंत चौधरी तथा भाजपा के पिछड़े वर्ग के मंत्री-विधायक इस अन्याय पर पूरी तरह चुप हैं। सत्ता के लालच में वे अपने समाज को धोखा दे रहे हैं। देश का पिछड़ा और दलित वर्ग इस विश्वासघात को नहीं भूलेगा। चुनाव में भाजपा और इन नेताओं से इस अन्याय का हिसाब लिया जाएगा। कांग्रेस पिछड़े-दलितों के हक की लड़ाई में डटी रहेगी।

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