‘रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा: यूपी सरकार पर संजय सिंह का हमला
- 16 जनवरी से मिर्ज़ापुर से सारनाथ तक ‘रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा निकालेगी आप: संजय सिंह
- उत्तर प्रदेश को नफ़रत की राजनीति में झोंककर असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है: संजय सिंह
- पेपर लीक, बेरोज़गारी और सामाजिक भेदभाव ने नौजवानों का भविष्य तबाह कर दिया है: संजय सिंह
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लखनऊ: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक बयान जारी करते हुए घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, सामाजिक भेदभाव, पेपर लीक, महंगाई, वोट चोरी और लोकतंत्र पर हो रहे हमलों के खिलाफ आम आदमी पार्टी 16 जनवरी से 22 जनवरी तक “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा निकालने जा रही है। यह तीसरे चरण की पदयात्रा मिर्ज़ापुर के शहीद उद्यान से शुरू होकर वाराणसी के सारनाथ तक जाएगी, जिसकी कुल दूरी लगभग 100 किलोमीटर होगी।
उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी और असमानता के ख़िलाफ़ अब आवाज़ बुलंद होगी ✊🇮🇳
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) January 8, 2026
प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद @SanjayAzadSln जी के नेतृत्व में “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा
📅 16–22 जनवरी
📍 शहीद उद्यान (मिर्जापुर) से सारनाथ (वाराणसी)
पदयात्रा से जुड़ने के लिए मिस्ड… pic.twitter.com/n1SG0bFcCy
उत्तर प्रदेश में हो रही नफ़रत की राजनीति
संजय सिंह ने कहा- उत्तर प्रदेश को जानबूझकर हिंदू–मुसलमान, दलित–सवर्ण, अगड़ा–पिछड़ा में बांटकर नफ़रत की राजनीति में झोंक दिया गया है, ताकि जनता की ज़िंदगी से जुड़े असली मुद्दों—रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, बुनकर, रेहड़ी–पटरी वाले, नौजवान—पर कोई सवाल न पूछे। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि “क्या फर्क पड़ता है” की सोच छोड़कर इस पदयात्रा से जुड़ें और अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करें।
संजय सिंह ने साधा बीजेपी पर निशाना
संजय सिंह ने कहा कि आज देश और प्रदेश की हालत ऐसी बना दी गई है कि करोड़ों युवाओं के पास काम नहीं है, किसान खाद की एक बोरी और अपनी फसल के दाम के लिए लाइन में खड़ा होकर मर रहा है, नौजवान नौकरी मांगने जाता है तो लाठियां खाता है, स्कूल बंद हो रहे हैं, अस्पतालों में मोमबत्ती की रोशनी में ऑपरेशन हो रहे हैं, लेकिन सत्ता में बैठे लोग दावा कर रहे हैं कि “सब कुछ ठीक है”। उन्होंने कहा कि देश को कर्ज़ में डुबो दिया गया, बेरोजगारी ऐतिहासिक स्तर पर है, फिर भी जनता को व्हाट्सएप के ज़रिये यह समझाया जा रहा है कि भारत महान बन रहा है और सवाल पूछना गुनाह है।
क्या फ़र्क पड़ता है वाली मानसिकता से बाहर निकले “आइये मिलकर साथ चलें यू पी की आवाज़ बनें”
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) January 8, 2026
16 जनवरी से 22 जनवरी
“रोज़गार दो सामाजिक न्याय दो पद यात्रा”
शहीद उद्यान मिर्ज़ापुर से सारनाथ वाराणसी। pic.twitter.com/f48vot0AT6
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुलडोज़र की राजनीति ने सबसे ज़्यादा गरीबों को कुचला है। बुनकर बेरोज़गार हो गए, रेहड़ी–पटरी वालों की दुकानों पर बुलडोज़र चल गया, लेकिन किसी को यह सोचने की फुर्सत नहीं कि उनके परिवार कैसे जिएंगे। जो भी सरकार से सवाल पूछता है, उसे फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेज दिया जाता है, फर्जी एनकाउंटर तक हो रहे हैं। लोकतंत्र को डराने–धमकाने की राजनीति चल रही है, और समाज को इस कदर सुन्न कर दिया गया है कि उसे इन सब बातों से “फर्क ही नहीं पड़ता”।
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यूपी में नौजवान है पीड़ित
संजय सिंह ने कहा कि सवाल यह नहीं है कि समाज में दिक्कतें हैं या नहीं, सवाल यह है कि दिक्कतों के खिलाफ हमें दिक्कत क्यों नहीं हो रही। अगर यही सोच आज़ादी के आंदोलन के समय होती, अगर महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और तमाम क्रांतिकारियों ने यह सोच लिया होता कि “क्या फर्क पड़ता है, देश गुलाम है तो गुलाम ही रहने दो”, तो आज़ादी कभी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान दिया, आपातकाल के समय लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोगों ने जेलें भरीं, लाठियां खाईं, क्योंकि वे सिर झुकाकर नहीं जीना चाहते थे और लोकतंत्र व अधिकारों को बचाना चाहते थे।
BJP को गुरुओं का अपमान करने के लिए सिख समाज और देश के लोग कभी माफ नहीं करेंगे।@AtishiAAP के खिलाफ झूठ फैलाने वालों कानूनी कार्यवाही के लिए तैयार रहो।https://t.co/ztnC5O2pK3 pic.twitter.com/wzY4yR89Wc
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) January 8, 2026
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में नौजवान सबसे ज़्यादा पीड़ित है। चपरासी से लेकर लेखपाल, सिपाही, दरोगा, पीसीएस तक के पेपर लीक हो रहे हैं, शिक्षक भर्ती में घोटाले हो रहे हैं, पिछड़े वर्ग, दलितों का आरक्षण छीना जा रहा है। सामाजिक भेदभाव की हालत यह है कि मंदिर की सीढ़ियों पर बुजुर्ग को अपमानित किया जाता है, कथावाचकों की छुट्टियां कटवा दी जाती हैं, दलित होने के कारण सीआरपीएफ के जवान को घोड़े पर चढ़ने नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि यह केवल बेरोज़गारी का नहीं, बल्कि सम्मान और सामाजिक न्याय का भी सवाल है।
आप की पदयात्रा को लेकर जनता से अपील
संजय सिंह ने कहा कि इसी लड़ाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने यह पदयात्रा शुरू करने का फैसला किया है। इससे पहले दो चरणों की यात्राएं हो चुकी हैं—पहली सरयू से संगम तक और दूसरी रामपुर से अमरोहा तक—जिन्हें जनता का भरपूर प्यार और समर्थन मिला। तीसरे चरण की यह यात्रा मिर्ज़ापुर से सारनाथ तक जाएगी, जिसमें रोज़गार, सामाजिक न्याय, महंगाई, वोट चोरी और जनता से जुड़े तमाम मुद्दे उठाए जाएंगे।
उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि इस पदयात्रा से जुड़ने के लिए 75000 40004 नंबर पर एक मिस्ड कॉल दें। पार्टी का कार्यालय आपसे संपर्क करेगा और आप इस आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप तन, मन, धन, सोशल मीडिया, चार लाइन लिखकर, वीडियो बनाकर या दस लोगों तक संदेश पहुंचाकर भी समर्थन कर सकते हैं, तो यह लड़ाई और मज़बूत होगी।
यूपी के युवाओं को रोज़गार और वंचितों को न्याय दिलाने के संकल्प के साथ सांसद @SanjayAzadSln जी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा 🇮🇳
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) January 8, 2026
16 जनवरी से 22 जनवरी
शहीद उद्यान (मिर्जापुर) से सारनाथ (वाराणसी)
पदयात्रा से जुड़ने के लिए मिस्ड काॅल करें-… pic.twitter.com/2Y3mqZWYpP
संजय सिंह ने कहा, “मुझे फर्क पड़ता है। मुझे तकलीफ़ होती है। इसलिए मैं अपने साथियों के साथ सड़क पर उतरा हूं। अब फैसला आपको करना है—क्या आप भी इस सोच से बाहर निकलेंगे कि ‘क्या फर्क पड़ता है’, या फिर अपने हक़, अपने बच्चों के भविष्य और उत्तर प्रदेश के सम्मान के लिए खड़े होंगे। आइए, साथ चलें, अपनी आवाज़ बनें और उत्तर प्रदेश को नफ़रत की राजनीति से निकालकर रोज़गार और सामाजिक न्याय की राह पर ले जाएं।
